चेन्नई भाग-४

चेन्नई भाग-४

गाँव हो या शहर, जैसे जैसे वहाँ की आबादी बढ़ने लगती है, वैसे वैसे वहाँ रहनेवाले नागरिकों की जरूरतों की पूर्ति के लिए कईं वास्तुओं का निर्माण वहाँ पर किया जाता है, यातायात की सुविधाएँ उपलब्ध करायी जाती हैं और इस तरह की कईं बातें होती रहती हैं। चेन्नई के साथ भी ठीक यही हुआ। […]

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चेन्नई भाग-३

चेन्नई भाग-३

‘चेन्नापटणम्’ नामक गाव पर शासन करनेवाले नायक से जब अंग्रे़जों को उस गाव की जमीन का छोटासा हिस्सा प्राप्त हुआ, तब सबसे पहले उन्होंने उनके निवास के लिए उस जमीन पर क़िले का निर्माण करना शुरू किया। यह क़िला ‘सेंट जॉर्ज फोर्ट’ इस नाम से जाना जाता है। २३ अप्रैल को इस क़िले का निर्माणकार्य […]

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चेन्नई भाग – २

चेन्नई भाग – २

‘चेन्नापटणम्’ या ‘मद्रासपटणम्’ इन नामों के द्वारा प्राचीन समय में जाना जानेवाला गाँव ही आज का चेन्नई है। दमर्ला वेंकटाद्री/वेंकटपथी नायकुडू नामक नायक से ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने जब इस जगह को प्राप्त किया, तब वह मह़ज तीन मील का प्रदेश था और उस प्रदेश में एवं उसके इर्द-गिर्द बसी आबादी के कारण चेन्नई […]

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चेन्नई (भाग-१)

चेन्नई (भाग-१)

दूर-दूर तक फैले  हुए सागर के किनारे और मन्दिरों के ऊँचे एवं विशाल गोपुर इस प्रकार का चित्र यदि मन के सामने उभरकर आता है, तो निश्चित ही याद आती है दक्षिणी भारत की और दक्षिणी भारत का नाम लेते ही इडली-वडा-डोसा इनसे लेकर फ़िल्टर कॉफी तक के रसना को तृप्त करनेवाले पदार्थ भी याद […]

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काशी भाग-९

काशी भाग-९

हजारों वर्षों से बसी इस काशीनगरी में भला क्या नहीं है? इस काशी में साधारण लोग भी रहते हैं, ज्ञान की प्राप्ति के उद्देश्य से आनेवाले भी रहते हैं, मुक्ति की आस लिये आनेवाले भी रहते हैं, स्वयं के पापों को धोकर पुण्यप्राप्ति की इच्छा से आनेवाले भी रहते हैं। यह हुई मनुष्यों की बात। […]

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काशी भाग-८

काशी भाग-८

भारतवर्ष को ज्ञान का प्रकाश देनेवाली काशी प्राचीन समय से व्यापारियों की नगरी जानी जाती है। इसी कारण इस नगरी में हमेशा सम्पत्ति का भण्डार रहा है। ऐसी इस समृद्ध नगरी में प्राचीन समय से मनुष्यों की बस्तियाँ बस रही हैं। इस समृद्ध नगरी में रहनेवालें मनुष्यों ने काशी में नृत्य और संगीत को विशेष […]

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काशी भाग-७

काशी भाग-७

काशीनगरी के बारे में अधिकतर जानकारी प्राप्त करने के लिए जैसे-जैसे काशी के अन्तरंग में झाँकने का प्रयास शुरू किया, वैसे-वैसे काशी नगरी ही अपने स्वयं के कईं पहलुओं को स्वयं ही उजागर करने लगी। भूतकाल तथा वर्तमानकाल में कई लोग काशी नगरी में आए, वहाँ से चले गए, काशी में ह़़जारों घटनाएँ घटी, लेकिन […]

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काशी भाग-६

काशी  भाग-६

काशीविश्‍वनाथजी की यह नगरी ज्ञान का वैभव, इतिहास की परंपरा, घाटों की सुंदरता, गंगाजी का साथ और मुक्ति के वलय इन सब बातों से संपन्न है। इस नगरी में आज तक कई ज्ञानी पुरुषों, सन्त-महात्माओं, साहित्यकारों एवं कलाकारों का जन्म हुआ और उन्होंने अपने कर्तृत्व से इस नगरी की महिमा बढ़ाई। वहीं कई मशहूर हस्तियों […]

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काशी भाग-५

काशी  भाग-५

काशीनगरी के विकास के साथ-साथ ज्ञानदान की परंपरा भी काशी में विकसित होने लगी। प्राचीन भारतवर्ष में भी काशी यह एक मशहूर विद्यापीठ था।प्राचीन समय में गुरु-शिष्य परंपरा के माध्यम से ज्ञानदान का कार्य होता था। उस जमाने में शिष्यगण गुरुकुल में रहकर अध्ययन करते थें। इससे लाभ यह हुआ कि कई परकीय आक्रमणों के […]

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काशी भाग- ४

काशी भाग- ४

काशी के अधिकतम चित्रों में गंगाकिनारे के घाट और उन घाटों पर रहनेवाली विशेषतापूर्ण छत्रियाँ दिखायी देती हैं। दरअसल वाराणसी-काशी में गंगाजी के तट पर घाटों का निर्माण किया गया, वह मनुष्यों की सहूलियत के लिए; क्योंकि काशी आनेवालें और काशी में बसनेवालें पवित्र गंगाजी में स्नान तो अवश्य करेंगे ही। १२वी सदी के गाहडवाल […]

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