नेताजी- १२३

नेताजी- १२३

‘विदेशगमन की मेरी कोई योजना नहीं है’ इसपर सरकार को यक़ीन हो जाये, इसलिए स्वयं ही कारावास को स्वीकार करनेवाले सुभाषबाबू अब दिनबदिन मायूस होते जा रहे थे। ‘हॉलवेल स्मारक’विरोधी आन्दोलन के सन्दर्भ में गिऱफ़्तार किये गये बाक़ी के राजबन्दियों को हालाँकि रिहा कर दिया गया था, मग़र तब भी सुभाषबाबू को रिहा करने में […]

Read More »

नेताजी- १२२

नेताजी- १२२

‘मेरी गुप्त योजनाओं की चर्चा कोलकाता के हर नुक्कड़ पर खुलेआम होती है’ यह जानते ही चौकन्ने हुए सुभाषबाबू ने अब एक अनोखी चाल चलने की बात तय की। विदेश जाने की मेरी किसी भी प्रकार की योजना नहीं है, इस बात की सरकार को तसल्ली हो जाये इस उद्देश्य से उन्होंने स्वयं ही जेल […]

Read More »

नेताजी- १२१

नेताजी- १२१

१८ जून १९४० को नागपुर में फॉरवर्ड ब्लॉक का दूसरा अधिवेशन हुआ। उसके अध्यक्षपद पर से भाषण करते हुए सुभाषबाबू ने, फ़ौरन आन्दोलन शुरू करके आरपार की लड़ाई लड़ने का वक़्त आ चुका है, यह प्रतिपादित किया। मौजूदा हालात में इंग्लैंड़ को भारत की, आज तक कभी भी महसूस नहीं हुई होगी, उतनी ज़रूरत महसूस […]

Read More »

नेताजी-१२०

नेताजी-१२०

बंगाल सरकार के पास मेरे बारे में क्या जानकारी दर्ज़ है, इसका पता लगाने के बाद, ख़ास कर उस जानकारी के स्रोतों के बारे में जान जाने के बाद सुभाषबाबू ने अब और भी एहतियात बरतना शुरू किया। रशियन नेताओं के लिए अपने भतीजे अमेयनाथ के हाथों ख़त भेजने के बाद और उनकी चीन दौरे […]

Read More »

नेताजी-११९

नेताजी-११९

लखनौ स्थानक में नीहारेन्दुबाबू के साथ, भूमिगत होने के सन्दर्भ में हुए संवाद के बाद सुभाषबाबू के विचारों ने निश्चित दिशा पकड़ ली थी और उस बारे में वे विभिन्न संभावनाओं पर सोच-विचार कर रहे थे। रशिया, चीन, जापान, जर्मनी….सभी मोरचों पर सुभाषबाबू नज़र बनाये हुए थे। इस महायुद्ध के साथ कइयों के कई प्रकार […]

Read More »

नेताजी-११८

नेताजी-११८

सुभाषबाबू के अनुमान के अनुसार ही इंग्लैंड़ ने जर्मनी के ख़िलाफ़ युद्ध का ऐलान कर दिया था। ३ सितम्बर को चेन्नई के मरिना बीच पर हुई विराट सभा में यह ख़बर मिलते ही, इस अवसर का किस तरह और कहाँ तक लाभ उठाया जा सकता है, इस दिशा में सुभाषबाबू के मन में विचारों के […]

Read More »

नेताजी-११७

नेताजी-११७

काँग्रेस कार्यकारिणी चयन के अधिकारसन्दर्भ में हुए विवाद के बाद सुभाषबाबू ने काँग्रेस अध्यक्षपद से इस्तीफ़ा देकर काँग्रेस के अन्तर्गत ही ‘फॉरवर्ड ब्लॉक’ पक्ष की स्थापना की। उस पक्ष के प्रचार के काम में वे जुट गये। उस पक्ष को तथा कुल मिलाकर सुभाषबाबू की विचारधारा को मिल रही क़ामयाबी को देखकर सुभाषविरोधकों के होश […]

Read More »

नेताजी-११६

नेताजी-११६

पन्तप्रस्ताव के कारण उत्पन्न हुई उलझन को सुलझाने के लिए सुभाषबाबू द्वारा कोलकाता में बुलायी गयी काँग्रेस महासमिति की विशेष बैठक का दूसरा दिन शुरू हुआ। तब तक सुभाषबाबू द्वारा इस्तीफ़ा दिये जाने की ख़बर सर्वदूर फ़ैल गयी थी और बैठक के स्थान पर लाखों की तादाद में इकट्ठा होकर लोग सुभाषबाबू की जयकार के […]

Read More »

नेताजी-११५

नेताजी-११५

कुछ दिन जमदोबा में विश्राम करने के बाद सुभाषबाबू २१ अप्रैल १९३९ को कोलकाता लौटे। अब उनकी सेहत में का़फ़ी सुधार हो चुका था। त्रिपुरी में पारित पंत-प्रस्ताव के कारण निर्माण हुआ वाद कम होने के आसार नज़र नहीं आ रहे थे। अतः इस उलझन को सुलझाने के लिए सुभाषबाबू ने २९ अप्रैल को कोलकाता […]

Read More »

नेताजी-११४

नेताजी-११४

इस तरह अध्यक्ष की स्वतन्त्रता को संकुचित करनेवाला ‘पंतप्रस्ताव’ पारित होने के बाद ही त्रिपुरी काँग्रेस अधिवेशन समाप्त हुआ। हालाँकि ऊपरि तौर पर इसमें सुभाषविरोधकों की जीत हुई है, यह भले ही दिखायी दे रहा हो, लेकिन इससे आख़िर ‘नोबडी विन्स-ऑल-लूज’ ऐसे ही हालात बन चुके थे। अब सुभाषबाबू इस परिस्थिति का मुक़ाबला किस तरह […]

Read More »
1 2 3 13