गुवाहाटी भाग-१

गुवाहाटी भाग-१

हमारे भारत में जितने प्रदेश, उतनीही उस हर एक प्रदेश की अपनी अपनी विशेषताएँ। इसलिए हर एक प्रदेश का सफ़र करने का अपना एक अलग मज़ा है। भारत के किसी भी प्रदेश के अंतरंग में हम जैसे जैसे प्रवेश करते हैं, वैसे वैसे हमें कुछ न कुछ अनमोल खज़ाना प्राप्त होता रहता है। आइए, अब […]

Read More »

चंडीगढ़ भाग-३

चंडीगढ़ भाग-३

किसी क़तार में कई लोग खड़े हैं। हालाँकि दिखने में तो वे सभी एक जैसे ही हैं, मग़र फिर भी उनमें से कुछ की हाथों की ‘अ‍ॅक्शन’ दूसरों से थोड़ी सी अलग है। उनके पास ही थोड़ी ही दूरी पर कुछ छोटे जानवर भी इसी तरह खड़े हैं। इन्सान और जानवर एक ही क़तार में […]

Read More »

चंडीगढ़ भाग-२

चंडीगढ़ भाग-२

चंडीगढ़ शहर में दाखिल होते ही एक प्रसन्नता का एहसास होता है और इसकी वजह है, इस शहर की सुनियोजित रचना। चंडीगढ़ शहर को एक प्लान्ड सिटी का रूप देने में जिन आर्किटेक्टस् और प्लानर्स का योगदान रहा है, उनका परिचय गत लेख में ही हमें हो चुका है। इनके साथ ही कई भारतीय आर्किटेक्टस्, […]

Read More »

चंडीगढ़ भाग-१

चंडीगढ़ भाग-१

चंद चार–पाँच दिन पहले की ही बात है। दुनिया की आबादी ७ अरब हो गयी। देखते देखते पृथ्वी पर स्थित मानवों की संख्या इतनी बढ़ गयी। अब सात अरब आबादीवाली इस पृथ्वी पर बीच के इन चार–पाँच दिनों में यह आँकड़ा और भी बढ़ चुका होगा। इस पृथ्वी पर इन्सानों ने अपनी ज़रूरतों के अनुसार […]

Read More »

रामेश्‍वर भाग-५

रामेश्‍वर भाग-५

धनुष्कोडी से रामेश्‍वर की वापसी की यात्रा में सागर पुनः हमारे साथ रहता है। इस भूमि को सागर का साहचर्य इस क़दर मिला है कि जहाँ नज़र दौडायेंगे, वहाँ सागर की नीलिमा आँखों को सुकून देती रहती है। समुद्र के पेट में भी एक अनोखी दुनिया बसी हुई है। आधुनिक तकनीक के कारण हम सागर […]

Read More »

रामेश्‍वर भाग-४

रामेश्‍वर भाग-४

जिसके नाम में ही ‘राम’ है, उस ‘रामेश्‍वर’ की भूमि में श्रीराम के नाम का स्मरण सब जगह किया जाता है। फिर कभी वह स्थल किसी देवालय के रूप में हमारे सामने आता है या कभी किसी तीर्थ के रूप में। चलिए, तो हम भी श्रीराम का स्मरण करते हुए ही हमारा अगला सफ़र शुरू […]

Read More »

रामेश्‍वर भाग-३

रामेश्‍वर भाग-३

रामेश्‍वर का यह प्रदेश भोर में जाग उठता है, ‘रामनाथस्वामी’ मन्दिर की पूजा के मन्त्रघोष से। भोर के समय ही इस मन्दिर में पूजा शुरू हो जाती है। ‘सायंगृह’ नाम के स्थान में, जिसे स्थानीय भाषा में ‘पल्लियरइ’ कहा जाता है, वहाँ हर शाम को भगवान की स्वर्णमूर्ति समारोहपूर्वक लायी जाती है और वहाँ की […]

Read More »

रामेश्‍वर भाग-२

रामेश्‍वर भाग-२

देखिए, दूर से ही ‘श्रीरामनाथस्वामी’ मन्दिर के कुछ चिह्न हमें दिखायी देने लगे हैं। तो फिर चलिए, तेज़ी से चलते हैं और ठेंठ मन्दिर के प्रमुखद्वार तक चलते हैं। मन्दिर की चारों दिशाओं में यानी कि पूर्व, पश्‍चिम, उत्तर और दक्षिण में चार गोपुर हैं। गोपुर यह प्रवेशद्वार पर बनायी गयी रचना है। हर एक […]

Read More »

रामेश्‍वर भाग-१

रामेश्‍वर भाग-१

बचपन से ‘यात्रा’ यह शब्द सुनते ही याद आती है, ‘काशी–रामेश्‍वर’ की यात्रा। हमारे भारत में कई तीर्थक्षेत्र हैं, जहाँ श्रद्धालु यात्रा करने जाते हैं। मग़र तब भी यात्रा कहते ही आज भी याद आती है, ‘काशी–रामेश्‍वर’ यात्रा। पुराने ज़माने में, जब आज की तरह यातायात के साधन उपलब्ध नहीं थे, तब भी पूरे भारत […]

Read More »

जम्मू भाग-८

जम्मू भाग-८

दिल को रिझानेवाली मस्त हवाओं में और खुले आसमान के नीचे विश्राम करने के बाद ७ किलोमीटर्स की दूरी तय करने की थकान तो जैसे गायब ही हो गयी। चलिए, तो पहले ‘अधकावरी’ के दर्शन करके फिर उत्साह के साथ आगे बढेंगे। ‘अधकावरी’ या ‘गर्भ जून’ यह एक प्राकृतिक गुफा है। यहीं पर देवीमाताने नौ […]

Read More »
1 2 3 22