चंबा भाग-५

चंबा भाग-५

एक तरफ़ पहाड़ियाँ और दूसरी तरफ़ गहरी खाई। सड़क के दोनों तरफ़ पाईन और देवदार के पेड़ों की ठंडी छाँव। मोटर इस क़दर तेज़ दौड़ रही है कि मानों यात्रियों से पहले उसे ही पहुँचने की जल्दी है। सड़क में कईं मोड़ रहने के कारण ड्राइवर को गाड़ी चलाते समय बड़ी सावधानी बरतनी पड़ रही […]

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चंबा भाग-४

चंबा भाग-४

चंबा और उसके आसपास के इलाक़े की आबोहवा साल भर ‘कूल’ ही रहती है। इस प्रदेश के ‘कूल’ रहने का कारण है, हिमालय का अखंड सामीप्य। तो ऐसे इस ‘कूल’ चंबा के बारे में हम जानकारी प्राप्त कर रहे हैं। चंबा के राजाओं ने उनके निवासस्थान के रूप में जिसका निर्माण किया था, उस ‘अखंड […]

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चंबा भाग-३

चंबा भाग-३

राजधानी के रूप में चंबा की स्थापना होने के बाद इस शहर में राजधानी के दर्जे की कईं वास्तुओं का निर्माण विभिन्न शासकों के शासनकाल में हुआ। उन्हीं में से कुछ मंदिरों को हम देख रहे हैं। आइए तो पिछले सप्ताह में शुरू किये हुए इस सफ़र को जारी रखते हैं। पिछले ह़फ़्ते में हम […]

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चंबा भाग-२

चंबा भाग-२

हिमालय की पार्श्‍वभूमि पर बसा चंबा यह शहर सर्दियों में तो ठिठुर जाता ही है, लेकिन गर्मियों में भी यहाँ की कुछ पहाड़ियों की चोटियों पर बर्फ़ जमी रहती है। सारांश, तपतपाती गर्मी से चंबा हमें यक़ीनन राहत दिलाता है। गत लेख में हम देख ही चुके हैं कि चंबा यह शहर चंबा नाम के […]

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चंबा भाग-१

चंबा भाग-१

गर्मियों के मौसम की शुरुआत होते ही हिमालय की बहुत याद आती है और आज कल के जैसी तपतपाती गर्मी में तो हिमालय से मिलने जाने का मन अवश्य करता है। हिमालय! एक छोर से दूसरे छोर तक अपने बदन पर बर्फ़ की चादर लपेटे हुए खड़ा नगाधिराज! उत्तरी भारत में आप जहाँ से भी […]

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कोल्हापुर भाग-५

कोल्हापुर भाग-५

ऐसी प्रख्यात पंचगंगा। आली कृष्णेचिया संगा। प्रयागाहुनि असे चांगा। संगमस्थान मनोहर॥ श्रीगुरुचरित्र के १८ वें अध्याय मे वर्णित पंचगंगा-कृष्णा संगम का यह मनोहर स्थान कोल्हापुर शहर से महज़ एक घंटे की दूरी पर है। यह पवित्र क्षेत्र ‘नरसोबाची वाडी’ इस नाम से जाना जाता है। सद्गुरु श्रीदत्तात्रेय के अवतार के रूप में जाने जानेवाले ‘श्रीनरसिंहसरस्वती’जी […]

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कोल्हापुर भाग-४

कोल्हापुर भाग-४

कोल्हापुर जानेवाले यात्री जिस तरह महालक्ष्मी के दर्शन अवश्य करते ही हैं, उसी तरह रंकाळा झील की सैर भी करते ही हैं। पुराने समय में कोल्हापुर में कईं छोटी बड़ी झीलें थीं; लेकिन समय के साथ साथ उनमें से कुछ झीलों का अस्तित्व मिट गया, वहीं कुछ अब भी अस्तित्व में हैं। झील कहते ही […]

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कोल्हापुर भाग-३

कोल्हापुर भाग-३

छत्रपति शिवाजी महाराज के वास्तव्य से पावन हुआ पन्हाळगढ़! कहा जाता है कि शिवाजी महाराज का इस गढ़ पर सब से अधिक अवधि तक वास्तव्य रहा है। सिद्दी जोहर को चकमा देकर शिवाजी महाराज विशाळगढ़ गये और उसके बाद पन्हाळगढ़ पर दुश्मन ने कब्ज़ा कर लिया। उसके कुछ समय पश्‍चात् शिवाजी महाराज ने पन्हाळगढ़ को […]

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कोल्हापुर भाग-२

कोल्हापुर भाग-२

कोल्हापुर में यानि कि करवीर क्षेत्र में भाविकों का श्रद्धास्थान रहनेवालीं जगज्जननी ही महालक्ष्मी अर्थात् अंबाबाई इन नामों के साथ प्रतिष्ठित हैं। महालक्ष्मी के इस मंदिर का निर्माण ‘कर्णदेव’ नाम के किसी सुभेदार ने ७वीं या ८वीं शताब्दी में हेमाडपंतीय रचनाशैली द्वारा किया था, ऐसा कहा जाता है। आगे चलकर कोल्हापुर पर जब शिलाहारों का […]

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कोल्हापुर भाग-१

कोल्हापुर भाग-१

जब गरमी काफ़ी बढ़ने लगती है, तब मुंबई में रास्ते से गुजरते हुए गन्ने का रस बेचनेवाली दुकानों के अस्तित्व का एहसास होता है। दर असल ये दुकानें साल भर वहीं पर रहती हैं; लेकिन माथे पर सूर्यभगवान जब तेज़ अग्निज्वालाओं को प्रक्षेपित करने लगते हैं, तब हमें इन दुकानों का एहसास होने लगता है। […]

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