जुनागढ़ भाग-८

जुनागढ़ भाग-८

सोमनाथ के दर्शन करके फिर जुनागढ़ लौटते हुए रास्ते में दो महत्त्वपूर्ण स्थानों के दर्शन करना ज़रूरी है। ये दोनों स्थान जुड़े हुए हैं, भगवान श्रीकृष्ण के साथ। दर असल ये दोनों स्थान भगवान श्रीकृष्ण की अवतार समाप्त करने की लीला के साथ जुड़े हुए हैं। महाभारत के युद्ध की समाप्ति के बाद भगवान श्रीकृष्ण […]

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जुनागढ़ भाग-७

जुनागढ़ भाग-७

सोमनाथ के अतीत का गवाह है, सोमनाथ मंदिर के सामने फैला हुआ अथाह सागर। हर बार उसने सोमनाथ मंदिर के पतन एवं पुनर्निर्माण को देखा है और ऐसा सात बार हुआ है। कहा जाता है कि सोमनाथ मन्दिर के सामने का यह समुद्र ठेंठ अंटार्क्टिका तक फैला हुआ है। यानि सोमनाथ का समुद्री तट और […]

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जुनागढ़ भाग-६

जुनागढ़ भाग-६

आज हम जिस सोमनाथ मंदिर के दर्शन करते हैं, वह सातवीं बार बनाया गया मन्दिर है। ऐसा कहा जाता है यानि पुराण कहते हैं कि चंद्र (चाँद) ने यहाँ पर सर्वप्रथम स्वर्ण से बने सोमनाथ मंदिर का निर्माण किया था। रामायण के कालखंड में यहाँ पर चाँदी से बने मंदिर का निर्माण किया गया। श्रीकृष्ण […]

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जुनागढ़ भाग-५

जुनागढ़ भाग-५

एक बहुत ही सुन्दर मराठी गीत है – ‘जिथे सागरा धरणी मिळते। तिथे तुझी मी वाट पहाते।’ (जहाँ सागर और धरती का मिलन होता है, वहाँ (सागरकिनारे मैं तुमसे मिलने के लिए) तुम्हारी राह देख रही हूँ।) हमारे देश को विशाल सागरतीर प्राप्त हुआ है और इसीलिए भारत में सागर और धरती के मिलने के […]

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जुनागढ़ भाग-४

जुनागढ़ भाग-४

साग, चंदन जैसे पेड़ों में से सड़क जा रही है। जंगल में सन्नाटा है। बीच में ही किसी जानवर की आवाज़ उस सन्नाटे को चीरते हुए हम तक पहुँच रही है। गाड़ी में बैठे हुए हर एक की नज़र ‘उसे’ खोज रही है और उतने में गाड़ी में बैठे किसीको ‘वह’ दिखायी देता है। शानदार […]

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जुनागढ़ भाग-३

जुनागढ़ भाग-३

कई सदियों पहले बनाये गये ‘अडी-चडी वाव’ और ‘नवघण कुआँ’ ये दो कुएँ हालाँकि आज भी रचनात्मक दृष्टि से सुस्थिति में हैं, लेकिन इनका पानी अब पीने योग्य नहीं रहा है। ‘अडी-चडी वाव’ इस कुए की लंबाई लगभग ८१ मीटर्स, चौड़ाई पौने पाँच मीटर्स और गहराई ४१ मीटर्स है और इसके जलस्तर तक पहुँचने के […]

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जुनागढ़ भाग-२

जुनागढ़ भाग-२

गिरनार की पार्श्‍वभूमि पर बसे हुए जुनागढ़ शहर में प्राचीन समय से लोग बसते चले आ रहे हैं। जुनागढ़ शहर में कई सदियों से स्थित ‘अपरकोट क़िला’ यह इतिहास एक महत्त्वपूर्ण गवाह रह चुका है। इस ‘अपरकोट क़िले’ की प्रारंभिक जानकारी हमने गत लेख में प्राप्त कर ही ली है। आज हम इस क़िले की […]

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जुनागढ़ भाग-१

जुनागढ़ भाग-१

गिरनार पर्वत की तलहटी पर बसा हुआ शहर, इस वाक्य से हम जुनागढ़ के भौगोलिक स्थान का अनुमान कर सकते हैं। गुजरात राज्य में यह जुनागढ़ शहर बसा हुआ है। गिरनार की यानि कि गिरनार पर्वत की महिमा प्राचीन काल से सुविख्यात है। गिरनार की अर्थात् गिरनार पर्वत की ऊँचाई इतनी है कि उसके बारे […]

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चंबा भाग-६

चंबा भाग-६

फिर से वहीं मोड, एक तरफ ऊँचीं पहाड़ियाँ, तो दूसरी तरफ गहरी खाई और देवदार एवं पाईन के वृक्षों के साथ चला जा रहा रास्ता। खज्जियार जाने के लिए हम कुछ इस तरह उत्सुक हो चुके थें कि हमारा मन कहीं रुकने का नाम ही नहीं ले रहा था। लेकिन लौटते समय हमें एक स्थान […]

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चंबा भाग-५

चंबा भाग-५

एक तरफ़ पहाड़ियाँ और दूसरी तरफ़ गहरी खाई। सड़क के दोनों तरफ़ पाईन और देवदार के पेड़ों की ठंडी छाँव। मोटर इस क़दर तेज़ दौड़ रही है कि मानों यात्रियों से पहले उसे ही पहुँचने की जल्दी है। सड़क में कईं मोड़ रहने के कारण ड्राइवर को गाड़ी चलाते समय बड़ी सावधानी बरतनी पड़ रही […]

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