उत्सर्जन संस्था – मूत्रपिंड – ७

उत्सर्जन संस्था – मूत्रपिंड – ७

ग्लोमेरूलर फिल्ट्रेशन रेट तय करनेवाले घटक कौन से हैं, यह हमने पिछले लेख में देखा। इन घटकों में से ग्लोमेरूलर हैड्रोस्टॅटिक दाब और कोलॉइड ऑस्मॉटिक दाब, ये दो घटक ऐसे हैं कि जिनमें मूत्रपिंड के बाह्य घटकों के कारण अथवा परिस्थितियों के कारण परिवर्तन होते हैं। सिंपथेटिक चेतनसंस्था, शरीर के कुछ हार्मोन्स और मूत्रपिंड से […]

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उत्सर्जन संस्था – मूत्रपिंड – ६

उत्सर्जन संस्था – मूत्रपिंड – ६

हमारे मूत्रपिंड में ग्लोमेरूलर फिल्ट्रेशन रेट किन घटकों के कारण कम होता है, किन घटकों के कारण बढ़ता है, इसकी जानकारी आज हम प्राप्त करनेवाले हैं। फिल्ट्रेशन कोइफिशंट और बौमन्स कॅपसूल में दाब की जानकारी हमने कल के लेख में ली थी। आज हम प्रत्यक्ष ग्लोमरूलर केशवाहिनियों का विचार करनेवाले हैं। ग्लोमेरूलर केशवाहनियों में कोलॉइड […]

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उत्सर्जन संस्था – मूत्रपिंड – ५

उत्सर्जन संस्था – मूत्रपिंड – ५

ग्लोमेरूलर फिल्ट्रेशन और ग्लोमेरूलर फिल्ट्रेशन रेट GFR से क्या तात्पर्य है, यह हमने पिछले लेख में देखा। आज हम यह देखेंगे कि GFR यानी ग्लोमेरूलर फिल्ट्रेशन रेट कौन-कौन से घटकों पर निर्भर होता है अथवा कौन-कौन से घटक यह रेट तय करते हैं। ग्लोमेरूलस में फिल्ट्रेशन रेट मुख्यत: दो बातों से तय होता है – […]

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उत्सर्जन संस्था – मूत्रपिंड – ४

उत्सर्जन संस्था – मूत्रपिंड – ४

हमारे शरीर में मूत्र कैसे बनता है, इसकी सविस्तर जानकारी हम प्राप्त करनेवाले हैं। पिछले लेख में हमने देखा कि मूत्र मुख्यत: तीन प्रक्रियाओं से बनता है। इसका पहला चरण है छानना अथवा फिल्ट्रेशन क्रिया। इस प्रक्रिया की सविस्तार जानकारी हम प्राप्त करेंगे। ग्लोमेरूलर फिल्ट्रेशन : ग्लोमेरूलस की केशवाहनियों से बड़ी मात्रा में द्रव बौमन्स […]

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उत्सर्जन संस्था – ३

उत्सर्जन संस्था – ३

आज के लेख में हम थोड़ा पीछे जानेवाले हैं। मूत्र उत्सर्जन संस्था में सम्मिलित अवयवों की बाहरी एवं भीतरी रचना पर प्रकाश डालनेवाले है। साथ ही साथ मूत्रपिंडों को होनेवाली रक्त की आपूर्ति और अंतर्गत रक्तप्रवाह की जानकारी लेनेवाले हैं। हमारे दोनों मूत्रपिंड पेरिटोनिअम की थैली के बाहर, पीठ की स्नायु से बंधे होते हैं। […]

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उत्सर्जनसंस्था भाग – २

उत्सर्जनसंस्था भाग – २

आज हम अपने मूत्रपिंडो की आंतरिक रचना देखेंगे। प्रत्येक प्रौढ़ व्यक्ति में मूत्रपिंड एकजुट होते हैं। परन्तु गर्भावस्था में प्रत्येक मूत्रपिंड में लगभग बारह लोब्स होते हैं। बच्चे के जन्म के बाद ये सभी लोब्स एकत्रित होकर एकजुट मूत्रपिंड तैयार होता है। प्रत्येक मूत्रपिंड के दो प्रमुख विभाग होते हैं, एक बाहरी और एक अंदरुनी। […]

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उत्सर्जनसंस्था भाग – १

उत्सर्जनसंस्था  भाग – १

आज से हम नये विषय की शुरुआत करनेवाले हैं। शरीर के अंतर्गत सभी सजीव पेशियाँ (कोशिकाएँ) प्राणवायु और अन्य किण्वक (एन्झाइम) इनकी सहायता से अन्न घटकों का अपने कार्यों के लिए उपयोग करते हैं। इस क्रिया को चयापचय क्रिया यानी metabolism कहते हैं। चयापचय क्रिया सतत शुरू रहती है। इस क्रिया के अंतर्गत शरीर की […]

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श्वसनसंस्था भाग – ४८

श्वसनसंस्था  भाग – ४८

आज तक हमने हमारी श्वसनसंस्था और उससे संबंधित कुछ बातों की जानकारी प्राप्त की। अब हम श्वसनसंस्था पर आधारित लेखमाला के अंतिम पड़ाव पर आ पहुँचे हैं। आज के लेख में हम ‘स्कूबा डायविंग’ (SCUBA-Diving), पनडुब्बी के अंदर के संसार के बारे में संक्षिप्त जानकारी प्राप्त करेंगे। Scuba Diving :     स्कूबा यानी Self contained […]

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श्वसनसंस्था भाग – ४७

श्वसनसंस्था  भाग – ४७

समुद्र में पानी के नीचे काम करनेवालों को Sea Divers अथवा गोताखोर कहते हैं। इन्हें पानी के नीचे काम करते समय किन-किन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है, इसकी जानकारी हम प्राप्त कर रहे हैं। पानी के नीचे श्वासोच्छवास करते समय अंदर ली गयी हवा का दबाव उच्च होता है। फलस्वरूप हवा की विभिन्न वायुओं […]

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श्वसनसंस्था भाग – ४६

श्वसनसंस्था भाग – ४६

उच्च दबाव वाली हवा जब हम श्वास के माध्यम से अंदर लेते हैं तो उसका शरीर पर क्या परिणाम होता है। अब हम इसका अध्ययन करेंगे। हवा में प्रमुख रूप से तीन प्रकार की वायु होती हैं। नायट्रोजन, ऑक्सिजन और कार्बनडायऑक्साइड। इन सभी वायुओं का दबाव यानी प्रेशर हमारे शरीर के कार्यों पर विभिन्न परिणाम […]

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