श्‍वसनसंस्था भाग – ३५

श्‍वसनसंस्था  भाग – ३५

हमारी चेतासंस्था द्वारा श्‍वसन का नियंत्रण किस प्रकार होता है, हम इसका अध्ययन कर रहे हैं। श्‍वसन पर नियंत्रण रखनेवाले श्‍वसन केन्द्र तीन गुटों में विभाजित होते हैं, यह हमने देखा। पिछले लेख में हमने इनमें से दो गुटों के बारे में जानकारी प्राप्त की। आज हम तीसरे गुट के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगें। […]

Read More »

श्‍वसनसंस्था ३४

श्‍वसनसंस्था ३४

श्‍वसनसंस्था के बारे में जानकारी प्राप्त करते हुए हमें काफ़ी दिन हो चुके हैं। हमारी श्‍वास एक सीमा तक हमारे नियंत्रण में रहती है। परन्तु यह सीमा काफ़ी छोटी है। वास्तव में श्वास का नियंत्रण हमारे बस से बाहर ही होता है। श्‍वासो पर कौन और कैसे नियंत्रण रखता है, अब हम यह देखेंगें। अनेक […]

Read More »

श्‍वसनसंस्था भाग – ३३

श्‍वसनसंस्था भाग – ३३

अब तक हमने देखा कि शरीर में प्राणवायु का वहन कैसे होता है। आज हम दूसरी महत्त्वपूर्ण वायु का यानी कर्बद्विप्रणिल वायु (CO2) का वहन कैसे होता है, यह देखेंगे। प्राणवायु की तुलना में कर्बद्विप्रणिल वायु का वहन सहजता से होता है। बिल्कुल असाधारण परिस्थिति में भी इस वायु का वहन बड़ी मात्रा में और […]

Read More »

श्‍वसनसंस्था भाग – ३२

श्‍वसनसंस्था  भाग – ३२

हम अपनी श्‍वसनसंस्था और उसके कार्यों की जानकारी प्राप्त कर रहे हैं। रक्त के माध्यम से प्राणवायु का वहन कैसे होता है, यह हमने देखा। प्राणवायु का रक्त की हिमोग्लोबिन से रहनेवाला दृढ़संबंध भी हमने देखा। श्वास के माध्यम से अंदर लिया गया प्राणवायु को शरीर की प्रत्येक पेशी (कोशिका) तक पहुँचाने का महत्त्वपूर्ण कार्य […]

Read More »

श्‍वसनसंस्था भाग – ३१

श्‍वसनसंस्था  भाग – ३१

हमारी श्‍वसनसंस्था द्वारा हमें प्राणवायु प्राप्त होती है। फेफड़ों में यह प्राणवायु रक्त के साथ मिल जाती है। रक्त की हिमोग्लोबिन की सहायता से यह शरीर की सभी पेशियों (कोशिकाओं) तक पहुँचती हैं। शरीर की सर्वसाधारण परिस्थिति में और कुछ असाधारण परिस्थितियों में प्राणवायु का वहन कैसे होता है, अब हम यह देखेंगे। सर्वसाधारण स्थिति […]

Read More »

श्‍वसनसंस्था – ३०

श्‍वसनसंस्था – ३०

पिछले लेख में हमने प्राणवायु के अलविओलाय से लेकर पेशी तक के प्रवास का अध्ययन किया। आज हम कार्बनडायऑक्साइड वायु का प्रवास देखनेवाले हैं। हमारे शरीर की प्रत्येक कोशिका अपने कार्यों के लिये प्राणवायु का उपयोग करती है। प्राणवायु का उपयोग करने के बाद कार्बनडायऑक्साइड तैयार होती है। फलस्वरूप कोशिका के अंतर्गत द्राव में इस […]

Read More »

श्‍वसनसंस्था २९

श्‍वसनसंस्था २९

पिछले लेख तक हमने इस बात का अध्ययन किया कि वायु का आदान-प्रदान किस प्रकार होता है। अब हम देखेंगे कि रक्त, शरीर के अन्य द्राव और कोशिकाओं में प्राणवायु और कार्बन डायऑक्साइड का प्रवास कैसे होता है। प्राणवायु डिफ्यूजन की सहायता से अलविओलाय में से रक्त में मिश्रित होती है। रक्त में मिश्रित इस […]

Read More »

श्‍वसनसंस्था – २८

श्‍वसनसंस्था – २८

कुछ दिन पहले श्वसनसंस्था के कार्यों के बारे में जानने की शुरुआत की। शुरुआत से ही हमने समझ लिया कि वायु का आदान-प्रदान ही श्वसन का मुख्य ध्येय है। वायु का यह आदान-प्रदान फेफड़ो के अलविओलाय और फेफड़ों की केशवाहिनियों के बीच होता है। अलविओलाय में हवा लगातार अंदर-बाहर आती-जाती रहती है। ऐसा श्वसन के […]

Read More »

श्‍वसनसंस्था – २७

श्‍वसनसंस्था – २७

हम फेफड़ों में होनेवाले वायु के आदान-प्रदान का अध्ययन कर रहे हैं। वायु का यह आदान-प्रदान और वायु का डिफ्युजन कुछ अन्य बातों पर भी निर्भर होता है। इसी लिए वायु की डिफ्युजन रेट कुछ भौतिक सिद्धांतों के आधार पर तय होती हैं। यहाँ पर निम्नलिखित चार चीजों की भूमिका महत्त्वपूर्ण होती है – १) […]

Read More »

श्‍वसनसंस्था – २६

श्‍वसनसंस्था – २६

प्राणवायु और कार्बन-डाय-ऑक्साईड वायु का डिफ्युजन, श्‍वसनसंस्था में किस प्रकार होता है, आज हम इसकी जानकारी प्राप्त करेंगे। वायु का यह आदान-प्रदान फेफड़ों के जिस भाग में होता हैं उसे ‘श्‍वसन-पटल’ अथवा Respiratory Membrane कहते हैं। फेफड़ों का एक बड़ा हिस्सा इस श्‍वसन पटल से व्याप्त रहता है। श्‍वसन पटल सिर्फ अलविलोय का ही बना […]

Read More »
1 2 3 18