‘सीरिया के ‘सेफ झोन’ में सिर्फ़ सीरियन और रशियन जवानों को प्रवेश’ : सीरिया के विदेशमंत्री वालिद मुअल्लम

दमास्कस/बैरूत, दि. ८: सीरिया के चार प्रांतों में ‘सेफ झोन’ का निर्माण करने के समझौते का सीरिया की असाद सरकार ने स्वागत किया| लेकिन इस ‘सेफ झोन’ की सुरक्षा के लिए आंतर्राष्ट्रीय सेना को तैनात करने का प्रस्ताव सीरिया ने ठुकराया| रशिया की ‘मिलिट्री पुलिस’ के अलावा अन्य किसी भी देश के जवानों को ‘सेफ झोन’ में प्रवेश देने के लिए अस्साद सरकार तयार नहीं, ऐसा सीरिया के विदेश मंत्री वालिद मुअल्लम ने कहा है|

पिछले हफ्ते कझाकस्तान के अस्ताना में रशिया, ईरान और तुर्की द्वारा मंज़ूर किये गए सीरियासंबंधित समझौते का सुचारु रूप से पालन किया जाएगा, ऐसी घोषणा विदेशमंत्री मुअल्लम ने की| अस्साद सरकार और सीरियन सेना इस समझौते का पालन करने के लिए पूरी कोशिश करेगी, ऐसा भरोसा सीरियन विदेशमंत्री ने जताया| लेकिन ‘यह समझौता सफल होगा क्या, यह अभी नहीं बता सकते’ ऐसा कहते हुए, ‘सीरियन सरकार इस समझौते की ज़िम्मेदारी नहीं लेगी’ ऐसा विदेशमंत्री मुअल्लम ने स्पष्ट किया| ‘सीरिया के संघर्ष में शामिल हुए सभी गुटों पर इस समझौते को सफल करने की ज़िम्मेदारी है’ ऐसा भी उन्होंने कहा|

साथ ही, ‘अस्ताना में हुए समझौते के अनुसार संबंधित ‘सेफ झोन’ में रशिया की मिलिट्री पुलिस तैनात होगी और निरीक्षण बेस का भी निर्माण किया जायेगा, ऐसी जानकारी रशिया के गॅरेंटर ने दी थी’ यह बताते हुए, ‘इस ‘सेफ झोन’ में अन्य देशों के जवान और निरीक्षकों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा’ ऐसा सीरियन विदेशमंत्री ने कहा| अस्ताना के समझौते के बाद रशिया के निरीक्षक सीरिया में दाखिल हुए, ऐसा दावा किया जाता है| सीरियन विदेशमंत्री ने इसपर जानकारी देने से इन्कार किया|

लेकिन यदि इस ‘सेफ झोन’ संबंधित समझौते का उल्लंघन करने की कोशिश की गई या फिर आतंकी और विद्रोहियों ने हमला किया, तो फिर सीरियन सेना करारा जवाब देगी, ऐसी चेतावनी सीरिया के विदेशमंत्री ने दी| इसके अलावा, सीरिया के अन्य इलाकों में, अल कायदा से जुड़े ‘नूस्र’ इस आतंकवादी संगठन के खिलाफ कार्रवाई शुरू रहेगी, ऐसा भी विदेशमंत्री मुअल्लम ने घोषित किया|

इसी दौरान, अस्ताना समझौते के अनुसार सीरिया के इदलिब, लताकिया, होम्स और अलेप्पो इन इलाकों में ‘सेफ झोन’ घोषित किया गया है| लेकिन सीरिया की राजधानी दमास्कस, राक्का, देर अल-झोर इन इलाकों में सीरियन सेना का आतंकवादियों और विद्रोहियों के साथ संघर्ष शुरू है| देर अल-झोर इलाके में अमरीका के लड़ाकू विमानों ने हमले चढ़ाने की जानकारी भी सामने आयी थी|