मैसिडोनिया नाटो का ३०वा सदस्य देश बना ब्रुसेल्स में हुए बैठक में करार पर हस्ताक्षर

तृतीय महायुद्ध, परमाणु सज्ज, रशिया, ब्रिटन, प्रत्युत्तरब्रुसेल्स – ग्रीस के साथ नामांतर का विवाद एवं रशिया की नाराजगी इस पृष्ठभूमि पर मैसिडोनिया ने नाटो में शामिल होने के करार पर हस्ताक्षर किए हैं। ‘रिपब्लिक ऑफ नॉर्थ मैसिडोनिया’ नाम होने वाला यह देश नाटो का ३०वा सदस्य देश बना है और बाल्कन क्षेत्र में नाटो का यह चौथा सदस्य देश ठहरा है। बुधवार को करार पर किए हस्ताक्षर के बाद रशिया में मैसिडोनिया का समावेश, यह केवल प्रतीकात्मक कदम होने का दावा किया है और शीत युद्धकालीन धारणा की पुनरावृत्ति है, ऐसा आरोप किया है।

बुधवार को ब्रुसेल्स में हुए नाटो की बैठक में २९ सदस्य देशों के साथ मैसिडोनिया के विदेशमंत्री निकोला दिमित्रोव उपस्थित थे। नाटो के प्रमुख जेम्स स्टोल्टनबर्ग ने यह ऐतिहासिक दिन होने की बात कहकर मैसिडोनिया के सदस्यता करार का स्वागत किया है। नाटो अमरिका एवं यूरोप में लगभग एक अरब लोगों की सुरक्षा पर ध्यान देता है और आज उसमें आप शामिल हुए हैं। ३० देश एक दूसरों की सुरक्षा के लिए वचनबद्ध हुए हैं। आपके नाटो प्रवेश से पश्चिमी बाल्कन क्षेत्र को अधिक स्थिरता मिलेगी। यूरोप के साथ यूरो-अटलांटिक क्षेत्र के लिए यह अच्छी घटना है, ऐसे शब्दों में स्टोल्टनबर्ग ने मैसिडोनिया के प्रवेश पर प्रतिक्रिया दी है।

मैसिडोनिया के विदेश मंत्री के साथ नाटो के अन्य २९ देश के साथ खड़े होते समय, हमें अभिमान महसूस हो रहा है, ऐसा कहकर नाटो के सदस्य देश के तौर पर सभी निकष एवं नियम पालने के लिए वचनबद्ध होने की गवाही दी है।

मैसिडोनिया के प्रवेश के लिए अमरिका ने खास पहल करने की बात कही जा रही थी। मैसिडोनिया के पड़ोसी देश होनेवाले ग्रीस ने इस सदस्यता को विरोध किया था। मैसिडोनिया का नाम ग्रीक संस्कृती से जुड़ा है और उसमें बदलाव करना ग्रीस के संस्कृति पर आघात है, ऐसा दावा ग्रीस से किया जा रहा था। इसकी वजह से ग्रीस सरकार से मैसिडोनिया के नाटो में शामिल होनेपर तथा अन्य सुविधाओं पर जोरदार विरोध किया गया था।

अमरिका एवं यूरोपीय महासंघ ने पहल करके ग्रीस एवं मैसिडोनिया में सफल समझौते किए हैं। जिसकी वजह से ग्रीस के संसद में ‘रिपब्लिक ऑफ नॉर्थ मैसिडोनिया’ इस नामांतर को मंजूरी दी है। इस मान्यता के बाद नाटो से सदस्य के तौर पर स्वीकारें गए करार पर हस्ताक्षर हुए है।
रशिया ने रिपब्लिक ऑफ नॉर्थ मेसिडोनिया के नाटो के समावेश प्रतीकात्मक होने की संभावना व्यक्त की है और नाटो के शीत युद्ध कालीन मानसिकता का प्रतीक होने का आरोप किया है। रशिया के संसद सदस्य कौन सी टीम कांस्टेंटिन कोसाशेव्ह ने मैसिडोनिया का समावेश केवल रशिया को संदेश देने की भावना से होने का दावा किया है।