अफगानिस्तान से जा रहे ‘बेल्ट ऍण्ड रोड’ परियोजना के मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्रसंघ में अमरिका-चीन आमने-सामने

Third World Warन्यूयॉर्क: आशिया, अफ्रीका और सीधे यूरोप तक जोड़नेवाले चीन के महत्वाकांक्षी बेल्ट एंड रोड प्रोजेक्ट को लेकर संयुक्त राष्ट्रसंघ में अमरिका और चीन में बहस हुई है| अफगानिस्तान से जानेवाला चीन का यह प्रकल्प अफगानी जनता के हित में ना होकर, चीन अपने हितसंबंधों के लिए यह प्रकल्प कार्यान्वित करने का आरोप अमरिका ने किया है| तथा अमरिका के आरोप पूर्वगृहदूषित और अवास्तविक होने का आरोप चीन ने किया है|

अफगानिस्तान के राजनैतिक एवं आर्थिक व्यवस्था संभालने के लिए शुक्रवार को राष्ट्रसंघ की विशेष बैठक का आयोजन किया गया था| अफगानिस्तान के संघर्ष में तथा पुनःनिर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभानेवाले अमरिका ने वहां के राष्ट्रसंघ के विशेष दूतावास की अवधि बढ़ाने की मांग की है| यह दूतावास अफगानी जनता के लिए तथा वहां के पुन:र्निर्माण में शामिल विदेशी नागरिकों को सहायक होगा, ऐसा अमरिका का कहना था|

अफगानिस्तान, जा रहे, बेल्ट ऍण्ड रोड, परियोजना, मुद्दे, संयुक्त राष्ट्रसंघ, अमरिका, चीन, आमने सामनेउस समय चीन ने बेल्ट ऍण्ड रोड प्रकल्प अफगानिस्तान के साथ सहयोग बढ़ाएगा ऐसा दावा किया है| चीन के इस प्रतिक्रिया पर राष्ट्रसंघ में अमरिका के उपराजदूत जोनाथन कोहेन ने तीव्र आक्षेप जताया है| चीन का यह प्रकल्प अफगानिस्तान को बंधक करनेवाला होने की आलोचना कोहेन ने की है| तथा बेल्ट ऍण्ड रोड प्रोजेक्ट चीन के धारणाओं को प्राथमिकता देनेवाला होकर, इनमें अफगानी जनता के हित का विचार ना होने की आलोचना अमरिका के उपराजदूत ने की है|

अफगानिस्तान में चीन के इस बेल्ट ऍण्ड रोड प्रोजेक्ट को राष्ट्राध्यक्ष डोनाल्ड ट्रम्प का विरोध है| चीन अपने भ्रष्टाचार, पर्यावरण का नुकसान करनेवाले तथा अपारदर्शी कामकाज की वजह से बदनाम होते हुए, अफगानिस्तान में चीन का निवेश इस देश में राजनीतिक एवं आर्थिक स्थिति अधिक जटिल बना सकता है, ऐसी आलोचना कोहेन ने की है| अमरिका के इन आरोपों को राष्ट्रसंघ के चीन के उपराजदूत वू हैताओ ने उत्तर दिया है|

चीन का यह प्रोजेक्ट १२३ देशों ने और २९ अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने मंजूर किया है| तथा इस प्रकल्प की वजह से अफगानिस्तान में पुन:र्निर्माण को गति मिल रही है और इस देश का आर्थिक विकास होगा, ऐसा दावा हैताओ ने किया है| पर अमरिका पूर्वग्रह रखकर चीन के बेल्ट ऍण्ड रोड की तरफ देखने की आलोचना हैताओ ने की है|

पाकिस्तान का उपयोग करके चीन अब अफगानिस्तान में अपना प्रभाव अधिक तादाद में बढ़ाने के लिए गतिविधि करने की बात इससे पहले भी स्पष्ट हुई थी| तथा अफगानिस्तान में चीन के घुसपैठ की तरफ अमरिका कड़ी नजर से देखने की बात उजागर हो रही है|