चीन की विध्वंसकों की तैवान के समुद्री क्षेत्र में गश्ती

Third World Warतैपेई/बीजिंग: अमरिका तथा तैवान में बढ़ता राजनीतिक और लष्करी सहयोग, इसके साथ ही तैवान की समुद्री क्षेत्र में अमरीकी जंगी जहाजों की बढ़ती गतिविधियों पर चीन से तीव्र प्रतिक्रिया उमड़ी है| चीन ने तैवान के समुद्री क्षेत्र में विध्वंसकों का बेड़ा रवाना कर दिया है और यह अमरिका के लिए चेतावनी होने का दावा चीनी मीडिया कर रही हैं| अपने समुद्री क्षेत्र में चीन की विध्वंसकों की गश्ती पर तैवान के रक्षा मंत्रालय ने टीका की है| इस कारण आने वाले समय में तैवान के मुद्दे पर अमरिका और चीन आमने-सामने आने की संभावना दृढ़ होने का दावा यूरोप के विशेषज्ञ कर रहे हैं|

चीन की विध्वंसक तथा गश्ती जहाजों ने अपनी समुद्री सीमा में घूसखोरी कर गश्ती की है, यह जानकारी तैवान के रक्षा मंत्रालय ने दी है| तैवान स्वतंत्र देश न होकर अपनी ही संप्रभु भूमि होने का दावा कर रहे चीन ने यह गश्त अपने समुद्री अभियान का एक हिस्सा होने का दावा किया है| परंतु चीन की नौसेना की गश्ती इस क्षेत्र के तनाव को बढ़ाने का कारण होगी, ऐसी आलोचना तैवान की रक्षा मंत्रालय ने की है| चीन के कितनी विध्वंसक तथा गश्ती जहाजों ने तैवान के समुद्री सीमा से यात्रा की है, यह सामने नहीं आ पाया है| चीन ने भी तैवान के इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया है|

चीन, विध्वंसकों, तैवान, समुद्री क्षेत्र, गश्तीपिछले साल भर में चीन ने तैवान के समुद्री क्षेत्र में गतिविधियां बढ़ाई है| तैवान के रक्षा मंत्रालय ने दो दिनों पहले ऐसा आरोप भी किया था| इस साल की शुरुआत में ही चीन की एकमात्र एयरक्राफ्ट कैरियर जंगी जहाज और सहायक विध्वंसकों ने तैवान की समुद्री सीमा से यात्रा की थी| उसके पश्चात चीन की विध्वंसक तथा गश्ती जहाजों ने भी तैवान की विध्वंसकों की दिशा में आक्रामक यात्रा कर तैवान की खाड़ी में तनाव निर्माण किया था| इसके अतिरिक्त चीन के लड़ाकू विमानों ने तैवान की हवाई सीमा में घुसपैठ करने की घटना भी सामने आई थी|

पिछले दो वर्षों में अमरिका तथा तैवान में बढ़ता सहयोग चीन की अस्वस्थता के पीछे प्रमुख कारण साबित होता है| अमरिका के राष्ट्राध्यक्ष डोनाल्ड ट्रम्प ने तैवान के साथ में मित्रता को बहुत महत्व दिया है| कुछ ही महीने पहले अमरीका ने तैवान में सरकारी कचहरी शुरू किई थी| अमरिका की यह कचहरी मतलब अमरिका का तैवान में दूतावास होने जैसा है ऐसी टीका चीन की मीडिया ने किई थी| उसके पश्चात अमरिका ने तैवान को लड़ाकू विमान, हेलीकॉप्टर्स प्रदान करने की घोषणा की थी| तैवान ने अमरीका के इस सहयोग का स्वागत किया था|

अमरिका और तैवान के बीच राजनीतिक तथा लष्करी सहयोग पर चीन को हमेशा ही आपत्ति थी| आपत्ति अपना ही संप्रभु भूभाग होने का दावा करने वाले चीन ने विश्व भर के अन्य देश ‘वन चायना पॉलिसी’ का आदर करे, ऐसा घोषित किया था| चीन के धमकाने से कुछ अफ्रीकी और लैटिन अमरिकी देशों ने तैवान के साथ राजनीतिक संबंध तोड़ दिए थे| परंतु इसी दौरान अमरिका तथा तैवान के बीच सहयोग अधिक दृढ़ होता गया है|

इस सहयोग की पृष्ठभूमि पर अमरिका ने पिछले सप्ताह में आपत्ति के समुद्री क्षेत्र में दो विध्वंसक रवाना किये थे| तैवान ने अमरीकी विध्वंसकों की इस गश्ती का स्वागत किया था| पिछले साल भर में अमरिकन विध्वंसकों की तैवान के समुद्री क्षेत्र में यह तीसरी गश्ती थी| इस पर संतप्त चीन ने अपनी विध्वंसकों का बेड़ा तैवान के समुद्री क्षेत्र में रवाना कर अमरिका को चेतावनी दी है, यह दावा चीन के सरकारी मीडिया ने किया है|

दौरान, तैवान के अखबारों ने अपने देश के समुद्री क्षेत्र में चीन के विध्वंसकों ने घूसखोरी करने की टीका की है| तो तैवान के विशेषज्ञों के अनुसार चीन को उत्तर देने के लिए राष्ट्राध्यक्ष ‘त्साई ईंग-वेन’ ने अमरिका के साथ संबंध बढ़ाकर चीन को उत्तर देना चाहिए, ऐसा आवाहन तैवान के अखबारों ने किया है|