आगे से अमरिका अपने परमाणु हथियारों की संख्या घोषित नही करेगी – ट्रम्प प्रशासन का अत्यंत संवेदनशील निर्णय घोषित

तृतीय महायुद्ध, परमाणु सज्ज, रशिया, ब्रिटन, प्रत्युत्तरवॉशिंगटन – अमरिकी राष्ट्राध्यक्ष डोनाल्ड ट्रम्प इन्होंने आगे से देश की परमाणु हथियारों की संख्या घोषित ना करने का निर्णय किया है| अमरिका का यह निर्णय देश की परमाणु नीति में किया गया बडा बदलाव समझा जा रहा है| अमरिका के भूतपूर्व राष्ट्राध्यक्ष बराक ओबामा इन्होंने वर्ष २०१० में देश में मौजूद परमाणु हथियारों की पुरी संख्या घोषित की थी| लेकिन, रशिया और चीन की आक्रामकता का सामना करने के लिए नए परमाणु हथियारों का निर्माण एवं परिक्षण कर रहे ट्रम्प प्रशासन ने इससे संबंधी नीति में बदलाव करके इसके आगे परमाणु हथियारों के निर्माण को गति देने के संकेत दिए है|

पिछले वर्ष जनवरी महीने में अमरिका ने ‘न्युक्लिअर पोश्‍चर रिव्ह्यू’ प्रस्तुत किया था| इस अहवाल में रशिया और चीन जैसे देशों पर हावी होने के लिए अमरिका अपनी एटमी क्षमता में बढोतरी करें, यह सिफारीश की गई थी| इस पर ध्यान देकर अमरिकी राष्ट्राध्यक्ष डोनाल्ड ट्रम्प इन्होंने परमाणु क्षमता में बढोतरी करने के लिए कार्यक्रम हाथ में लेकर इस उद्देश्य के लिए १.२ ट्रिलियन डॉलर्स का प्रावधान करने का ऐलान किया था| इसमें से ८०० अरब डॉलर्स की राशी परमाणु हथियारों की रखरखाव के लिए और ४०० अरब डॉलर्स यह परमाणु हथियार प्रगत करने के लिए खर्च होंगे|

साथ ही अमरिका ने रशिया के साथ किए ‘इंटरमिजिएट रेंज न्युक्लिअर फोर्सेस’ (आईएनएफ) समझौते से पीछे हटने का निर्णय किया था| अमरिका का यह निर्णय दुनियाभर में खलबली मचानेवाला साबित हुआ था| रशिया के साथ अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने भी इस निर्णय पर आलोचना की थी| फिर भी राष्ट्राध्यक्ष ट्रम ने इस निर्णय पर कायम रहने का तय किया| इसी बीच दुसरी ओर अमरिकी रक्षादल और संबंधी यंत्रणाओं को नए एटमी हथियारों का निर्माण एवं परीक्षण करने के लिए भी जाहीर तौर पर अनुमति दी थी|

इस पृष्ठभूमि पर आगे से परमाणु हथियारों की संख्या घोषित ना करना यह नीति के तहेत एवं सामरिक दृष्टी से बडा अहम निर्णय समझा जा रहा है| इसके पहले अमरिका ने पिछले वर्ष अपने परमाणु हथियारों की संख्या घोषित की थी| इसके नुसार सितंबर २०१७ में अमरिका के बेडे में ३,८२२ परमाणु हथियार मौजूद होने की बात कही जा रही है| लेकिन इसके बाद परमाणु हथियार की जानकारी घोषित करने से ट्रम्प शासन ने इन्कार किया है|