अमरिका के साथ हो रही बातचीत के बाद अफगान युद्ध की जल्द ही समाप्ति होगी – तालिबान का उप-प्रमुख मुल्लाह अब्दूल घनी बरादर ने किया दावा

तृतीय महायुद्ध, परमाणु सज्ज, रशिया, ब्रिटन, प्रत्युत्तरइस्लामाबाद – अमरिका के साथ हालही में हुई बातचीत को बहुत बड़ी सफलता प्राप्त हुई है और अफगानिस्तान में १८ वर्ष से शुरू युद्ध खत्म करने के लिए यह बातचीत सहायक होगी, ऐसी घोषणा अफगान तालिबान का उप प्रमुख मुल्लाह अब्दुल घनी बरादर ने की है| २ दिनों पहले अमरिका के विशेष दूत झाल्मे खलीलझाद ने तालिबान के साथ चर्चा पर समाधान व्यक्त किया था| पर अफगान तालिबान की इस चर्चा पर अफगानिस्तान में गनी सरकार ने आलोचना की है|

कतार की राजधानी दोहा में पिछले १६ दिनों से अमरिका और तालिबान में मैराथौन चर्चा हुई थी| अमरिका ने अफगानिस्तान में तालिबान के साथ बातचीत करने के लिए नियुक्त किए विशेष दूत खलिलझाद के नेतृत्व में अमरिका के प्रतिनिधि गट भी इस चर्चा में शामिल हुए थे| तथा अफगान तालिबान का राजनैतिक दलों के साथ पहली बार तालिबान के संस्थापकों में से एक और उप प्रमुख अब्दुल घनी बरादर भी इस बातीचत में शामिल हुआ था| तालिबान का वरिष्ठ नेता इस चर्चा में शामिल होने की वजह से इस से समाधान निकलेगा, ऐसी आशंका जताई जा रही थी|

दो दिनों पहले अमरिका के विशेष दूत खलिलझाद ने तालिबान के साथ समझौते पर समाधान व्यक्त किया था| पर कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर आजभी अमरिका एवं तालिबान में मतभेद कायम होने का दावा अंतरराष्ट्रीय माध्यमों से किया जा रहा था| पर तालिबान का उप प्रमुख बरादर ने भी खलिलझाद के साथ की बैठक सफल होने की बात घोषित की है| तथा आगे चलकर भी अमरिका और तालिबान में चर्चा शुरू रहेगी, ऐसी जानकारी बरादर ने दी है|

दोहा में हुई चर्चा की वजह से अफगान युद्ध पर समाधान निकालने में सहायता मिलेगी, ऐसा दावा बरादर ने किया है| तथा अमरिका के साथ बातचीत करते समय तालिबान ने किसी भी प्रकार से समझौता किया नही है, यह जानकारी तालिबान के वरिष्ठ नेता ने दी है| तालिबान के मूल्य अफगानिस्तान में विदेशी सैनिकों की वापसी तथा अन्य मुद्दों पर तालिबान ने वापसी न करने की बात बरादर ने स्पष्ट की है| पर उस समय अफगानिस्तान में तालिबानी आतंकवादियों से शुरू संघर्ष का बरादर ने समर्थन किया है|

अमरिका और अफगान तालिबान में हो रही इस चर्चा पर अफगान सरकार ने आलोचना की है| अमरिका के विशेषदूत खलिलझाद तालिबान के साथ चर्चा का राजनैतिक लाभ लेने का प्रयत्न करने का आरोप अफगानी सरकार ने किया है| दौरान अफगान सरकार ने गज्नी भाग में किए हवाई हमले में अलकायदा के ३१ आतंकवादियों का खात्मा करने के दावे हो रहे हैं|

इसकी वजह से अमरिका एवं तालिबान की चर्चा शुरू होते हुए अफगानिस्तान में रक्तरंजित संघर्ष शुरू होता दिखाई दे रहा है| तालिबान के उपप्रमुख ने किए दावे के अनुसार अमरिका के साथ तालिबान की चर्चा सफल ठहरी है| फिर भी अफगानिस्तान स्थिर होना कठिन होने का दावा विश्‍लेषक कर रहे हैं|

अफगानिस्तान से संपूर्ण सेना वापसी करना अमरिका को मुमकिन नहीं होगा| तथा अमरिका की पूरी सेना की वापसी करने की मांग छोड़ देने के लिए तालिबान तैयार नहीं| ऐसी स्थिति में तालिबान ने बातचीत की है, फिर भी इस संगठन के अनेक गुटों में से कई गुट यकीनन विद्रोह कर के संघर्ष शुरु रखेंगे, ऐसा विश्‍लेषकों का कहना है| उस समय अफगानिस्तान में सीधी अपनी सेना ना रखते हुए कॉन्ट्रैक्ट सैनिकों का उपयोग करने का प्रस्ताव अमरिका प्रशासन को दिया जा रहा है| इसकी वजह से आनेवाले समय में अफगानिस्तान में स्थिरता आने की आशंका कम होती जा रही है|