चीन द्वारा उइगरवंशियों का वंशसंहार किया जाने का अमरिकी अभ्यासगुट का दोषारोपण

वॉशिंग्टन/बीजिंग – ‘संयुक्त राष्ट्रसंघ ने वंशसंहार के संदर्भ में पारित किए प्रस्ताव के हर प्रावधान का चीन ने उल्लंघन किया है। इस कारण चीन की सत्ताधारी कम्युनिस्ट हुकूमत उइगरवंशियों के वंशसंहार के लिए जिम्मेदार साबित होती है’, ऐसा दोषारोपण अमरिकी अभ्यास गुट की रिपोर्ट में किया गया है। एक स्वतंत्र अभ्यास गुट ने अन्तर्राष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र संघ के प्रस्ताव के प्रावधानों के आधार पर तैयार की यह पहली स्वतंत्र और निष्पक्ष रिपोर्ट होने के कारण, यह बात गौरतलब साबित हुई है।

uighur-genocide-chinaपिछले दो महीनों में अमरीका और कैनेडा ने, चीन की सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी ने झिंजिआंग प्रांत में इस्लामधर्मिय उइगरवंशियों का वंशसंहार करवाया, ऐसी स्पष्ट भूमिका खुलेआम अपनाई थी। जनवरी महीने में अमरीका के तत्कालीन विदेश मंत्री माईक पॉम्पिओ ने, चीन की कम्युनिस्ट हुकूमत उइगरवंशियों को खत्म करने के लिए नियोजनबद्ध तरीके से कोशिश कर रही है, ऐसा घोषित किया था। वहीं, चीन द्वारा उइगरवंशीय तथा अन्य तुर्कीवंशीय मुस्लिमों के विरोध में वंशसंहार करवाया जा रहा है, ऐसा प्रस्ताव पिछले महीने में कनाडा की संसद ने मंज़ूर किया गया था।

अमरीका और कनाडा के अलावा ब्रिटन, युरोपिय महासंघ, ऑस्ट्रेलिया, जापान, तुर्की इन देशों ने भी उइगरवंशीयों के मुद्दे पर आक्रमक भूमिका अपनाई है। इस पृष्ठभूमि पर, अमरिकी अभ्यास गुट की रिपोर्ट चीन की सत्ताधारी कम्युनिस्ट हुकूमत को अधिक ही अलग-थलग करने वाली साबित होगी, ऐसा माना जाता है ।अमरीका के ‘न्यूलाईन्स इन्स्टिट्यूट फॉर स्ट्रॅटेजी ऍण्ड पॉलिसी’ इस गुट ने यह रिपोर्ट प्रकाशित की है। ‘द उघुर जिनोसाईड: ऍन एक्झामिनेशन ऑफ चायनाज् ब्रिचेस ऑफ द १९४८ जिनोसाईड कन्व्हेंशन’ इस २५ हज़ार शब्दों की रिपोर्ट में, चीन की हुकूमत ने वंशसंहार से संबंधित सभी प्रकार के कृत्य किए होने के की बात सबूतों के साथ स्पष्ट की गई है।

संयुक्त राष्ट्रसंघ के प्रस्ताव के अनुसार वंशसंहार से संबंधित पांच प्रावधानों का उल्लेख रिपोर्ट में है। उसमें किसी विशिष्ट वंश की हत्या, विशिष्ट वंश किन लोगों का शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न, विशिष्ट वंश के सदस्यों पर अलग जीवन शैली और शर्तें थोपना, विशिष्ट वंश की जनसंख्या ना बढ़ें इसके लिए हरकतें करना और किसी वंश के बच्चों को जबरदस्ती से दूसरे वंश में धकेलने की कोशिश करना इनका समावेश है। चीन की हुकूमत ने उइगरवंशियों के विरोध में ये सब बातें की होने का दावा करके, रिपोर्ट के निष्कर्ष बहुत ही स्पष्ट और ठोस हैं, ऐसा अभ्यासगुट ने कहा है।

uighur-genocide-chinaतीन साल पहले संयुक्त राष्ट्र संघ ने ही उइगरवंशीयों पर होनेवाले अत्याचारों के संदर्भ में एक रिपोर्ट जारी की थी। इस रिपोर्ट में, झिंजिआंग में लगभग ११ लाख से अधिक उइगरवंशियों को कब्जे में ले लिया होकर, उन्हें विभिन्न इलाकों में बनाएं कॉन्संट्रेशन कैंप्स में बंद कर दिया है, ऐसा आरोप रिपोर्ट में रखा गया था। उसके बाद जारी हुई विभिन्न रिपोर्टों में, उइगरउवंशियों पर होनेवाले अत्याचारों की बातें सामने आईं होकर, उसमें चीन की यंत्रणाएँ उइगरवंशिय महिलाओं का लैंगिक शोषण कर रहीं होने का भी दावा किया गया है।

चीन की सत्ताधारी हुकूमत लगातार ये आरोप ठुकराती आई है। पिछले ही महीने में चीन के विदेश मंत्री वँग ई ने संयुक्त राष्ट्रसंघटन की बैठक में, वंशसंहार वगैरा कुछ भी हुआ ही नहीं है, ऐसा बयान किया था। इस संदर्भ में जारी होनेवाली सारी जानकारी तथ्यहीन होने के दावे भी वँग ई ने किए हैं।

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