‘ट्रम्प के सत्ता पर आने के बाद अमरीका और रशिया में भरोसा कम हुआ’ : रशियन राष्ट्राध्यक्ष व्लादिमिर पुतिन

मॉस्को/वॉशिंग्टन, दि. १२: ट्रम्प अमरीका के राष्ट्राध्यक्ष बनने के बाद अमरीका और रशिया में आपसी भरोसा और भी कम हुआ, ऐसा रशियन राष्ट्राध्यक्ष व्लादिमिर पुतिन ने कहा है| साथ ही, सीरिया में हुआ रासायनिक हमला यह ‘फॉल्स फ्लॅग’ अर्थात् अस्साद हुकूमत को घेरने के लिए किया गया, ऐसा आरोप राष्ट्राध्यक्ष पुतिन ने किया| लेकिन अमरीका ने भले ही सीरिया में प्रक्षेपास्त्र हमला किया हो, लेकिन अमरीका सीरिया की जंग में नहीं उतरेगी, ऐसा यक़ीन अमरिकी राष्ट्राध्यक्ष ट्रम्प ने दिलाया है| वहीं, अमरीका और रशिया में तनाव नहीं बढ़ेगा, ऐसा भरोसा अमरीका के रक्षामंत्री जेम्स मॅटिस ने जताया है|

अमरीका और रशिया में आपसी भरोसा और भी कम हुआ

अमरीका ने सीरिया पर प्रक्षेपास्त्र हमला करने के बाद रशिया और अमरीका के बीच के संबंध बिगड़े हुए दिखाई दे रहे हैं| अमरीका के विदेशमंत्री रेक्स टिलरसन फिलहाल रशिया की यात्रा पर हैं, जिन्होंने रशियन विदेशमंत्री सर्जेई लॅव्हरोव्ह से बातचीत शुरू की है| लेकिन रशिया की यात्रा पर आए अमरिकी विदेशमंत्री से मुलाकात ना करते हुए राष्ट्राध्यक्ष पुतिन ने अमरीका पर अपनी नाराजगी खुलकर जताई है| एक पत्रकार बैठक में बोलते हुए राष्ट्राध्यक्ष पुतिन ने यह दावा किया कि ट्रम्प अमरीका के राष्ट्राध्यक्ष बनने के बाद दोनों देशों के बीच का भरोसा कम हुआ है| ‘राष्ट्राध्यक्षपद पर आने के बाद ट्रम्प ने रशिया और अमरीका के संबंध सुधारने की घोषणा की थी| लेकिन उन्हें बिलकुल सफलता नहीं मिली है| उल्टा दोनों देशों का भरोसा पहले से बहुत कम हुआ है’ ऐसा पुतिन ने कहा|

सीरिया में हुए रासायनिक हमलों पर बोलते हुए रशियन राष्ट्राध्यक्ष ने, ‘यह हमला यानी राष्ट्राध्यक्ष अस्साद को फँसाने के लिए रची गई साज़िश थी’ ऐसा इल्ज़ाम लगाया| खुफ़िया एजन्सी से इस मामले के रिपोर्ट प्राप्त हुआ है, यह बताते हुए राष्ट्राध्यक्ष पुतिन ने, भविष्य में भी सीरियन सरकार को फँसाने के लिए इस प्रकार के हमले किए जा सकते हैं, ऐसे संकेत दिए| साथ ही, अमरीका ने सीरिया पर प्रक्षेपास्त्र हमला करते हुए आंतर्राष्ट्रीय नियमों को पैरों तले कुचला है, ऐसी आलोचना रशियन राष्ट्राध्यक्ष ने की|

इससे पहले भी रशिया ने, अस्साद के पीछे अड़िगता से खड़े होते हुए, ‘यह हुकूमत अपने देश की जनता पर रासायनिक हमला नहीं कर सकती’ ऐसा भरोसा जताया था| लेकिन अमरीका रशिया का यह दावा मानने के लिए तैयार नहीं| इन रासायनिक हमलों के बाद, रशिया अस्साद हुकूमत का समर्थन करने की अपनी नीति में बदलाव करें, ऐसा सुझाव अमरीका ने दिया था|

संयुक्त राष्ट्रसंघ की सुरक्षा परिषद में अमरीका और रशिया की सीरिया के मसले पर खींचातानी शुरू है, ऐसा दिखाई देता है| साथ ही, अमरीका सीरिया में नए हमलें कर सकती है, ऐसी घोषणा संयुक्त राष्ट्रसंघ स्थित अमरीका की राजदूत निकी हॅले ने की थी| राष्ट्राध्यक्ष ट्रम्प ने इसके संकेत दिए भी थे| इसकी रशिया ने कड़े शब्दों में आलोचना की| रशिया और ईरान ने संयुक्त निवेदन जारी करते हुए सीरिया के बारे में अमरीका को अंतिम चेतावनी दी है|

अमरीका सीरिया में करीब डेढ़ लाख जवान तैनात करने की तैयारी में है, ऐसी खबरें प्रकाशित हुई हैं| लेकिन अमरीका सीरिया की जंग में नहीं उतरेगी, ऐसा अमरिकी राष्ट्राध्यक्ष ने घोषित किया| रासायनिक हमलों में बच्चों के मारे जाने के बाद मैंने सीरियन सेना के बेस पर हमले करने का फैसला किया, ऐसा राष्ट्राध्यक्ष ट्रम्प ने कहा| वहीं, अमरीका के रक्षामंत्री जेम्स मॅटिस ने अमरीका और रशिया में बढ़ते हुए तनाव भड़क नहीं उठेंगे, ऐसा भरोसा जताया है|

‘रशिया अपने हितसंबंधों के बारे में सहीं फैसला करेगा| अमरीका के साथ तनाव बढ़ना अपने लिए अच्छा नहीं है, इसका रशिया को एहसास है| इससे अमरीका और रशिया के संबंध और नहीं बिगड़ेंगे’ ऐसी सूचक बात अमरिकी रक्षामंत्री ने की है|