‘सीरिया में रासायनिक हमलों के बाद अमरीका की अस्सादविषयक नीति में बदलाव’ : राष्ट्राध्यक्ष डोनाल्ड ट्रम्प

वॉशिंग्टन/न्यूयॉर्क, दि. ६: ‘सीरिया में हुए रासायनिक हमले में बेकसूर नागरिकों समेत बच्चों की भी जानें गई| यह एक भीषण घटना है और मैं यह सहन नहीं कर सकता। कल सीरिया में जो कुछ हुआ, उसके बाद राष्ट्राध्यक्ष अस्साद के मामले की मेरी नीति में बदलाव हुआ है’, ऐसा अमरीका के राष्ट्राध्यक्ष डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा| वहीं, संयुक्त राष्ट्रसंघ स्थित अमरीका की राजदूत निकी हॅले ने इस पर अंतिम चेतावनी दी है| ‘यदि संयुक्त राष्ट्र संघ इसके बाद भी सीरिया के मसले पर कार्रवाई नहीं करता, तो फिर अमरीका को कार्रवाई करनी होगी’ ऐसा हॅले ने कहा है|

रासायनिक हमले

इससे पहले, ‘सीरियन राष्ट्राध्यक्ष को सत्ता से बाहर करने के लिए अमरीका प्राथमिकता नहीं देगा’ ऐसा ट्रम्प ने कहा था| इस कारण, राष्ट्राध्यक्ष ट्रम्प की नीति में हुए बदलाव सीरिया में नये उथलपुथल के संकेत दे रहे हैं| ‘रासायनिक हमला करके अस्साद की तानाशाही ने मर्यादाभंग किया है, जिसे कभी भी सहन नहीं किया जा सकता’ ऐसी फटकार अमरिकी राष्ट्राध्यक्ष ने लगायी|

कुछ दिन पहले राष्ट्राध्यक्ष ट्रम्प ने, सीरिया में चल रहे संघर्ष के लिए पूर्व राष्ट्राध्यक्ष बराक ओबामा की नीति ज़िम्मेदार है, ऐसी आलोचना की थी| ओबामा ने अस्साद हुकूमत के साथ समझौता करना चाहिए था, ऐसा राष्ट्राध्यक्ष ट्रम्प ने कहा था| लेकिन यह रासायनिक हमला करके सीरियन राष्ट्राध्यक्ष अस्साद ने सभी मर्यादाओं का उल्लंघन किया है, जिस पर कार्रवाई करने की ज़िम्मेदारी अब मेरी होगी, ऐसा राष्ट्राध्यक्ष ट्रम्प ने स्पष्ट किया|

अमरीका की सीरियाविषयक नीति में बदलाव हुआ है, ऐसा ट्रम्प ने कहा| लेकिन यह कार्रवाई क्या होगी, वह अमरीका के राष्ट्राध्यक्ष ने स्पष्ट नहीं किया है| लेकिन सीरिया के बारे में नई नीति अपनाने के लिए अमरीका ने दरवाज़ा खुला रखा है, ऐसे संकेत राष्ट्राध्यक्ष ट्रम्प ने दिये होने का दावा अमरिकी समाचार एजन्सियों ने किया है|

संयुक्त राष्ट्र संघ स्थित अमरीका की राजदूत निकी हॅले ने इस रासायनिक हमले के बाद संयुक्त राष्ट्र संघ की भी कड़ी आलोचना की| ‘पिछले छह सालों से संयुक्त राष्ट्र संघ सीरिया के संघर्ष को रोकने में असफल रहा है| इन रासायनिक हमलों के बाद भी यदि संयुक्त राष्ट्र संघ की सुरक्षा परिषद सीरिया के विषय में ठोस फैसला नहीं करती है, तो फिर अमरीका को इकतरफ़ा कार्रवाई करनी होगी’, ऐसी चेतावनी हॅले ने दी| इससे ऐसा दिखायी देता है कि जल्द ही अमरीका सीरिया के विषय में कठोर फैसले करेगी|

अमरिकी मीडिया ने, ‘सीरिया में हुए इन रासायनिक हमलों के बाद ट्रम्प प्रशासन क्या करेगा?’ ऐसे सवाल पूछना शुरू किया है| लेकिन रशिया ने, ‘इन हमलों के लिए अस्साद हुकूमत ज़िम्मेदार नहीं’ ऐसा बताते हुए, इसके पीछे सीरियन विद्रोहियों के होने का दावा किया है| इससे यह स्पष्ट हो चुका है कि रशिया आगे भी सीरियन सरकार का समर्थन करता रहेगा| ‘अब क्या राष्ट्राध्यक्ष ट्रम्प सीरिया के मसले पर रशिया से टक्कर लेने की हिम्मत दिखाएँगे’ ऐसा सवाल अमरीका के न्यूज़ चैनल्स कर रहे हैं|