तालिबान ने अफगानिस्तान में युद्ध विराम करने की मांग ठुकराई

तृतीय महायुद्ध, परमाणु सज्ज, रशिया, ब्रिटन, प्रत्युत्तरकाबुल – अफगानिस्तान में सभी वांशिक समुदाय और गुटों के प्रतिनिधि होनेवाले ‘लोया जिरगा’ ने तालिबान के सामने युद्ध विराम का प्रस्ताव रखा था| लेकिन, तालिबान ने यह प्रस्ताव ठुकराया है| अमरिका ने अफगानिस्तान से पूरी सेना पीछे हटाए बिना युद्ध विराम को तैयार नही होंगे, यह ऐलान तालिबान ने किया है| इस वजह से अफगानिस्तान में युद्धविराम की संभावना खतम हुई है और तालिबान हमलों का भयंकर सत्र शुरू करेगी, यह संकेत प्राप्त हो रहे है|

पिछले कुछ दिनों से अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में ‘लोया जिरगा’ की बैठक शुरू थी| ‘लोया जिरगा’ यह अफगानिस्तान में सबसे बडी बैठक मानी जाती है| इस बैठक में अफगानिस्तान में सभी दलों के नेता, गुटों के प्रमुख, वांशिक और धार्मिक गुटों के नेता शामिल होते है| इस बैठक में होनेवाले निर्णय सभीयों को स्वीकारना होता है| इस वजह से अफगानिस्तान में ‘जिरगा’ की बैठक को काफी बडा सियासी महत्व होता है| वर्तमान की इस बैठक में कुल ३,२०० नेता, गुट प्रमुख और महिला भी शामिल हुई थी| अबतक हुई ‘लोया जिरगा’ की बैठक में महिलाओं को प्रवेश नही था| लेकिन, पहली बार महिलाओं को भी इस बैठक में शामिल किया गया है|

तालिबान को भी इस बैठक के लिए निमंत्रण था| लेकिन, महिलाओं का समावेश और अफगानिस्तान की गनी सरकार के साथ बने मतभेदों की वजह से तालिबान ने इस बैठक को पीठ दिखाई थी| शुक्रवार के दिन हुई इस बैठक में ‘लोया जिरगा’ के प्रमुखों ने अफगानिस्तान के सभी गुटों को युद्ध विराम करने का निवेदन किया| अगले सप्ताह में इस्लामधर्मियों का पावन त्योहार मनाया जाएगा| इसके लिए अफगान सरकार, अमरिका-नाटो और तालिबान युद्ध विराम घोषित करे, यह मांग इस बैठक के नेताओं ने की है|

अफगान सरकार और अमरिकाने भी ‘लोया जिरगा’ ने रखी यह मांग स्वीकारी है| गनी सरकार ने तो १७५ तालिबानी कैदीयों को रिहा करने का ऐलान भी किया| इस वजह से तालिबान के साथ बातचीत शुरू होगी, यह अपेक्षा थी| वही, तालिबान के साथ हो रही बातचीत में अमरिका का नेतृत्व करनेवाने विशेषदूत ‘झाल्मेे खलिलझाद’ इन्होंने भी सोशल मीडिया के जरिए अमरिका युद्ध विराम के लिए तैयार होने का ऐलान किया था| ‘१८ वर्षों से शुरू यह संघर्ष खतम करके शांति स्थापित करने के लिए अमरिका तैयार है’, यह खलिलझाद ने कहा है|

लेकिन, तालिबान ने यह मांग ठुकराई है| ‘तालिबान हथियार नीचे रखकर युद्ध विराम करेगी, यह विचार भी अमरिका ना करे| इस भ्रम में रहने के बजाए अमरिका अफगानिस्तान से बाहर निकले| नही तो अफगान सरकार का समर्थन करनेवाली अमरिका को इसके आगे और भी जीवित और वित्त हानी भुगतनी होगी’, यह इशारा तालिबान का प्रवक्ता झबिउल्लाह मुजाहिद ने दिया है| अमरिका अब अफगानिस्तान में अपनी हार हुई है, इस सच्चाई का स्वीकार करे, यह फटकार भी तालिबान के प्रवक्ता ने लगाई है|

कतार की राजधानी दोहा में तालिबान के कार्यालय ने ऐसे में अलग स्वर निकाला है| अमरिका और तालिबान में बनी खाई कम हो रही है, यह दावा तालिबान के इस कार्यालय ने किया है| इस बारे में कुछ प्रस्ताव सामने होने की जानकारी दोहा में तालिबान के प्रवक्ताने दी है|