‘सौदी तथा अरब देशों की माँगें अनुचित’ : कतार के विदेशमंत्री की आलोचना

दोहा/दुबई/अंकारा, दि. २५ : सौदी अरेबिया और अरब मित्रदेशों द्वारा की गई १३ माँगें और उन्हें पूरी करने के लिए दी हुई छह दिन की मोहलत अ-वास्तविक और ग़ैरवाजिब है, ऐसी आलोचना करके कतार ने ये माँगें ठुकरायी हैं| उसी समय, ‘कतार हमारी सब माँगें पूरीं करें, वरना अरब देशों के बहिष्कार का मुकाबला करने के लिए तैयार रहें, ऐसी कड़ी चेतावनी संयुक्त अरब अमिरात (युएई) ने दी है|

ईरान के साथ का सहयोग तोड़ना, कतार में तुर्की सेना का अड्डा बंद करना, आतंकवादी संगठनों की अर्थसहायता करना बंद कर देना; साथही ‘अल जझिरा’ न्यूजचैनल पर पाबंदी लगाना, इस तरह की करीब तेरह माँगों की लिस्ट सौदी और अरब मित्रदेशों ने कतार को सौंप दी थी| ये सभी माँगें अगले दस दिनों में पूरी करने की शर्त भी अरब देशों ने रखी थी| इसपर कतार के विदेशमंत्री ‘शेख अहमद बिन अब्दूलरेहमान अल-थानी’ ने अमरीका और ब्रिटन का प्रमाणपत्र देकर आलोचना की|

माँगें‘कतार पर निर्बंध लगाकर अपनी माँगें रखनेवाले अरब देशों की यह भूमिका व्यवहार्य नहीं है, ऐसी आलोचना विदेशमंत्री रेक्स टिलरसन ने कुछ दिन पहले की थी| वहीं, अरब देशों की माँगें वाजिब रहनी चाहिए, ऐसा ब्रिटन के विदेशमंत्री ने भी कहा था| इससे यही स्पष्ट होता है कि अरब देशों की ये माँगें पश्‍चिमी देशों के निकष में भी नहीं बैठती हैं,’ इसपर भी ‘अल-थानी’ ने ग़ौर फ़रमाया|

इसके साथ ही, अरब देशों के निर्बंध यानी कतार की संप्रभुता का उल्लंघन साबित होते है| लेकिन इन निर्बंधों का आतंकवादविरोधी कार्रवाई से कोई लेना-देना नहीं है ऐसा अरब देशों की माँगों से साफ हुआ है, ऐसी आलोचना कतार के विदेशमंत्री ने की| कतार की इस आलोचना का ‘युएई’ के विदेशमंत्री ने मुँहतोड़ जवाब दिया है|

माँगेंकतार ने अरब देशों की माँग को गंभीरता से लेना चाहिए| साथ ही, इन माँगों की पूर्तता करने के लिए तेज़ी से कदम उठाने चाहिए| वरना कतार को अरब देशों के संगठन से बाहर का रास्ता दिखाया जायेगा,’ ऐसी चेतावनी ‘युएई’ के विदेशमंत्री ‘अन्वर गरगाश’ ने दी| ‘कतार में तख्तापलट हो, ऐसी अरब देशों की इच्छा नहीं है| लेकिन कतार के बर्ताव में बदल होना चाहिए, ऐसा अरब देशों को लगता है, ऐसा विदेशमंत्री गरगाश ने ज़ोर देकर कहा|

सौदी और अरब मित्रदेशों ने कतार से की माँगों पर तुर्की ने प्रतिक्रिया दी है| तुर्की ने कतार का समर्थन करके, ‘अरब देशों की माँग अवैध है’ ऐसी आलोचना की| साथ ही, अरब देशों की इस माँग के विरोध में कतार ने अपनायी भूमिका सही है, ऐसा राष्ट्राध्यक्ष एर्दोगन ने कहा है| अरब देशों की इन माँगों में, कतार में सक्रिय तुर्की सेनाअड्डा बंद करने की माँग का भी समावेश है| लेकिन ‘यह सेना अड्डा बंद नहीं किया जायेगा’ ऐसा कहकर, ‘कतार ने इस मामले में अपनायी भूमिका का तुर्की समर्थन करता है’ ऐसा भी राष्ट्राध्यक्ष एर्दोगन ने आगे कहा|