‘अमरीका कुर्दों को हथियारों की सप्लाई ना करें’ : तुर्की के राष्ट्राध्यक्ष का आवाहन

अंकारा/वॉशिंग्टन, दि. ११: आतंकवादियों का इस्तेमाल करके आतंकवादियों को हरा नहीं सकते, ऐसा कहकर तुर्की के राष्ट्राध्यक्ष एर्दोगन ने, अमरीका कुर्द उग्रवादियों को हथियार ना दें, ऐसा आवाहन किया है| राष्ट्राध्यक्ष एर्दोगन जल्द ही अमरीका की यात्रा पर आने वाले हैं, वे १६ मई को राष्ट्राध्यक्ष ट्रम्प से मिलने वाले हैं| इससे पहले अमरीका ने कुर्द उग्रवादियों के बारे में अपनी नीती बदलनी चाहिए, ऐसी माँग तुर्की कर रहा है| लेकिन अमरीका के रक्षा मुख्यालय पेंटँगॉन ने, कुर्द उग्रवादियों को अमरीका इसके आगे भी हथियारों की सप्लाई करता रहेगा, ऐसा घोषित करके तुर्की की माँग ठुकरायी है|

कुर्द उग्रवादियों को तुर्की ने ‘आतंकवादी’ घोषित किया है| इन उग्रवादियों का संगठन ‘पीकेके’ को अमरीका से मिल रहे हथियारों पर तुर्की लगातार ऐतराज़ जता रहा है| एक पत्रकार परिषद में बोलते समय तुर्की के राष्ट्राध्यक्ष एर्दोगन ने अमरीका को, आतंकवादियों का साथ ना देते हुए तुर्की के पक्ष में खड़ा रहने का आवाहन किया| १६ मई को राष्ट्राध्यक्ष ट्रम्प से मिलने से पहले तुर्की के राष्ट्राध्यक्ष को अमरीका की भूमिका में बदलाव अपेक्षित हैं, ऐसा इन बयानों से साफ हो रहा है|

लेकिन अमरीका ने, इस मामले में अपनी भूमिका बदलेगी नहीं, ऐसा स्पष्ट किया है| पेंटॅगॉन की प्रवक्ता डाना व्हाईट ने, अमरीका कुर्द उग्रवादियों को नहीं, बल्कि सीरीया में ‘आयएस’ आतंकवादियों के खिलाफ लड़नेवाले ‘सीरीयन डेमोकॅटिक र्फोसेस-वायपीजी’ को हथियार दे रही है, इस पर ध्यान खींचा| साथ ही, वायपीजी सीरिया में चल रहे ‘आयएस’ विरोधी युद्ध में अपने लिए बहुत महत्वपूर्ण संगठन है, यह बात अमरीका ध्यान में लाकर दे रही है| लेकिन सीरिया में से बाहर निकलकर स्वतंत्र देश की माँग करनेवाला ‘पीकेके’ और ‘वायपीजी’ इनमें फ़र्क नहीं, ऐसा तुर्की का कहना है| इसलिए अमरीका द्वारा वायपीजी को दिये जानेवाले हथियार ‘पीकेके’ के हाथ लग रहे हैं, ऐसी आलोचना तुर्की के विदेशमंत्री कर रहे हैं|

इससे दोनो देशों के बीच के मतभेद गंभीर स्वरूप धारण करने लगे हैं| तुर्की के राष्ट्राध्यक्ष ने अमरीका को इस मामले में किया आवाहन और अमरीका की नीती पर प्रभाव डालने की कोशीश, दोनो देशों में पैदा हुए झगड़े की गवाही दे रहा है| तुर्की यह नाटो का सदस्य देश है। इसलिए २५ मई को होनेवाली नाटो की बैठक में भी तुर्की, अमरीका द्वारा कुर्दों को दिये जाने वाले हथियारों का मसला उठानेवाला है| लेकिन अमरीका को नाटो के सदस्यदेश होनेवाले तुर्की की रक्षा की चिंता है| तुर्की को असुरक्षित बनाने का फ़ैसला अमरीका कदापि नहीं करेगी, ऐसा कहकर अमरीका द्वारा तुर्की को आश्‍वस्त करने की कोशिश की जा रही है| लेकिन फिलहाल तुर्की अमरीका के आश्वासन पर भरोसा रखने के लिये तैयारी नहीं ऐसा दिख रहा है|