सन २०१४ से अमरीका के ‘आयएस’विरोधी संघर्ष में ३५२ लोगों की जानें गयीं होने की पेंटॅगॉन की जानकारी

वॉशिंग्टन, दि. १: पिछले तीन सालों से अमरीका और दोस्तदेशों ने इराक और सीरिया में की ‘आयएस’ विरोधी कार्रवाई में ३५२ लोगों को अपनी जानें गँवानी पड़ीं, ऐसी जानकारी अमरीका के रक्षा मुख्यालय पेंटॅगॉन ने प्रकाशित की| लेकिन ‘पेंटॅगॉन के जानकारी में जानें गँवानोंवालों की तादाद बहुत ही कम दिखायी होकर, बड़ी मात्रा में लोगों को जाने गँवानी पड़ीं, ऐसा दावा मानवाधिकार संगठन कर रहे हैं| इस दौरान, ‘आयएस’विरोधी कार्रवाई में लोगों की जानें जाती रहेंगी, तो इराक में सामंजस्य स्थापित करना मुश्किल होगा, ऐसी चिंता इराक के राजनैतिक लीडर्स जता रहे हैं|

‘आयएस’विरोधी संघर्ष

इराक और सीरिया में ‘आयएस’विरोधी मुहिम की ज़िम्मेदारी सँभालनेवाले ‘कम्बाईन्ड् जॉईंट टास्क फोर्स’ इस सेना के गुट ने मासिक रिपोर्ट जारी किया| इनमे मार्च महीने में अमरीका और मित्रदेशों के हवाई हमलों की जानकारी दी गयी है| मार्च महीने में अमरीका ने किये हवाई हमले में ४२ लोगों की जानें चली गयीं थीं| इस हवाई हमले की तीव्र आलोचना होने के बाद अमरीका ने इस कार्रवाई की जाँच करने के आदेश दिये थे| इनके अलावा नवंबर २०१६ से लेकर मार्च २०१७ तक, और ४५ लोगों को जानें गँवानी पड़ीं| ‘आयएस’ के आतंकवादियों ने नागरी इलाके में आश्रय लेने के कारण अपने हवाई हमले में लोगों की जानें चली गयी, ऐसा दावा पेंटॅगॉनन ने किया है|

लेकिन अमरीका के रक्षा मुख्यालय इराक और सीरिया में चल रही ‘आयएस’विरोधी कार्रवाई में झूठ बोल रहे हैं, ऐसी आलोचना मानवाधिकार संगठन कर रहे हैं| इराक और सीरिया में सहायताकार्य करनेवाले गुटों ने पेंटॅगॉन की इस रिपोर्ट को खारिज कर दिया| सन २०१४ से अमरीका और मित्रदेशों ने किये हवाई हमलों में तीन हज़ार से भी अधिक लोगों की जानें चली गयीं हैं, ऐसा दावा मानवाधिकार संगठन कर रहे हैं| पिछले महिने में इराक के मोसूल इलाके में अमरीका ने किये हवाई हमले में, जान गँवानेवालों की संख्या १०० से अधिक है, ऐसा दावा कुछ संगठन कर रहे हैं|

पिछले महीने से इराक के मोसूल में ‘आयएस’विरोधी संघर्ष भड़का है| इस संघर्ष में ‘आयएस’ ने बड़ा भूभाग खोया होकर, मई महीने में मोसूल पर कब्ज़ा प्राप्त करने में सफलता मिलेगी, ऐसा दावा इराकी सेना के वरिष्ठ कमांडर ने किया| लेकिन यह संघर्ष इतना आसान नहीं होगा, ऐसा दावा इराक के लीडर्स कर रहे हैं| मोसूल में घिरे हुए ‘आयएस’ ने वहाँ के लोगों का इस्तेमाल ढाल जैसे किया है| इसी कारण मोसूल को कब्जे में लेने से पहले इराक में जीवतहानि पर रोक लगाना आवश्यक है, ऐसे एक इराकी लीडर ने कहा|

इराक के इस संघर्ष का इल्ज़ाम अल्पसंख्याकों पर लगाया गया था| इसीके साथ, अब शुरू रहनेवाले संघर्ष में भी अल्पसंख्याकों को लक्ष्य किया जा रहा है, ऐसी आलोचनाएँ हो रहीं हैं| इसी कारण, इन हमलों में जान गँवानेवालों की तादाद बढ़ी, तो इराक के अल्पसंख्यांकों की नाराज़गी बढ़ सकती है, ऐसी चेतावनी इराक के लीडर्स दे रहे हैं|