अमरिका की सागरी हुकूमत को चुनौती देने के लिए ईरान ने की चीन की नौसेना के साथ सहयोग बढाने की तैयारी

तृतीय महायुद्ध, परमाणु सज्ज, रशिया, ब्रिटन, प्रत्युत्तरतेहरान – कडे प्रतिबंधों में फंसे ईरान ने अब चीन ने ‘साउथ चाइना सी’ में किए लष्करीकरण को पूरा समर्थन देकर अमरिका के विरोध में बडा मोर्चा खोलने के संकेत दिए है| साथ ही अमरिका की सागरी हुकूमत को चुनौती देने के लिए ईरान ने चीन की नौसेना साथ विशेष सहयोग स्थापित करने का ऐलान किया है| चीन में आयोजित नौसेना के विशेष कार्यक्रम के दौरान ईड़ान के वरिष्ठ नौसेना अधिकारियों ने यह घोषणा की|

चीन की ‘पिपल्स लिबरेशन आर्मी’ के नौसेना विभाग की स्थापना को हाल ही में ७० वर्ष पूरे हुए| इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के लिए चीन ने दुनिया के कुछ देशों की नौसेना को उपस्थित रहने का न्यौता दिया था| भारत, रशिया, ऑस्ट्रेलिया और ईरान के विध्वंसक इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए चीन पहुंची थी| इसी दौरान ईरान के विध्वंसकों का नेतृत्व करनेवाले ‘रिअर एडमिरल हुसेन खानझादी’ इन्होंने चीन की नौसेना के साथ विशेष सहयोग स्थापित करने का ऐलान किया| इसके पहले ईड़ानी नौसेना अधिकारी खानझादी इन्होंने ‘साउथ चाइना सी’ के क्षेत्र में चीन ने निर्माण किए कृत्रिम द्विपों का एवं उनके लष्करीकरण का जोरों से समर्थन किया|

‘चीन अपने ही समुद्री क्षेत्र का विकास कर रहा है और इस क्षेत्र से संबंध नही है ऐसे देशों ने वहां पर आक्रामकता का प्रदर्शन ना करें| ईरान के समुद्री क्षेत्र में भी इन्हीं आक्रामक घुसपैठ देशों का हस्थक्षेप हो रहा है’, यह कहकर खानझादी इन्होंने अमरिका को लक्ष्य किया था| इसके बाद ईरान की वृत्तवाहिनी से बातचीत करने के दौरान, ‘चीन और ईरान का अधिकार होनेवाले सागरी क्षेत्र की बढती अहमियत ध्यान में रखकर घमंड करनेवाली महाशक्तियों को इन क्षेत्र से बाहर भगाने के लिए दोनों देशों की नौसेना का सहयोग जरूरी है’, यह निवेदन खानझादी इन्होंने किया|

साथ ही चीन और ईरान के पडोसी देश भी इस सहयोग में शामिल हो, यह भी ईरान के वरिष्ठ नौसेना अधिकारी ने कहा है| इस क्षेत्र में अन्य नौसेना एक हुए तो हिंद महासागर की सुरक्षा और भी मजबूत होगी, यह विश्‍वास खानझादी इन्होंने व्यक्त किया| ईरान के नौसेना अधिकारी ने किए इस ऐलान पर अभी चीन से प्रतिक्रिया प्राप्त नही हुई है| लेकिन, अमरिका के कडे प्रतिबंधों के कारण संकट में पडे ईरान ने चीन के सहयोग से अमरिका को जवाब देने की तैयारी करने की बात दिखाई दे रही है|

इस दौरान, चीन की नौसेना के साथ विशेष सहयोग करने का ऐलान करनेवाले खानझादी इन्होंने होर्मुज की खाडी में रशियन नौसेना के साथ युद्धाभ्यास का आयोजन करने की योजना तैयार करने की जानकारी सामने आ रही है| यह युद्धाभ्यास कब होगा, इस बारे में खानझादी इन्होंने अभी जानकारी नही दी है| लेकिन, रशियन नौसेना होर्मुज की खाडी में पहुंचने से पहले ईरान की नौसेना ‘कैस्पियन सी’ के क्षेत्र में रशियन विध्वंसकों के साथ युद्धाभ्यास करेगी, यह खानझादी इन्होंने माध्यमों को कहा है| इस वजह से ईरान अब अमरिका के विरोध में चीन और रशिया के साथ हाथ मिला रहा है और इससे अपने सामरिक प्रभाव में बढोतरी करने की तैयारी में होने की बात दिख रही है|