पनडुब्बी से परमाणु हमला करने की क्षमता प्राप्त किये देशों में भारत का समावेश

नई दिल्ली: पनडुब्बियों से परमाणु शस्त्र दागनेवाला भारत यह दुनिया का पांचवा देश बना है। भारतीय रक्षा संशोधन एवं विकास संस्था ने (डीआरडीओ) ने विकसित किए बीओ-५ यह मिसाइल के परीक्षण पूर्ण हुए हैं और यह मिसाइल भारतीय नौसेना की ‘अरिहंत’ इस परमाणु पनडुब्बी पर तैनात होंगे, ऐसा वृत्त है। परमाणु विस्फोटक ले जाने की क्षमता होनेवाले मिसाइलों की तैनाती की वजह से भारत के परमाणु प्रति हमला करने की क्षमता में बड़ी तादाद में बढ़त हुई है।

पनडुब्बी, परमाणु हमला, क्षमता प्राप्त, भारत, समावेश, नई दिल्ली, बीओ-५दिल्ली में डीआरडीओ का वार्षिक पुरस्कार समारोह हालही में संपन्न हुआ है। उस समय रक्षामंत्री निर्मला सीतारामन उपस्थित थे। रक्षा मंत्रियों के हाथ उस समय बीओ-५ यह पनडुब्बी से हमला करने वाले परमाणु विस्फोटक ले जाने के लिये सक्षम मिसाइल विकसित करने वाले दो संशोधकों को सम्मानित किया गया। उस समय प्रगत संवेदनशील और अत्याधुनिक तंत्रज्ञान होने वाले बीओ-५ मिसाइलों के परीक्षण पूर्ण होने की घोषणा की गई है। सूत्रों के अनुसार इस मिसाइलों की पनडुब्बियों से होनेवाले परीक्षण सफल साबित हुई हैं और यह मिसाइल नौदल में दाखिल किए गए हैं।

बीओ-५ मिसाइल, के-१५ और सागरिका के तौर पर पहचाने जाते हैं। सबमरीन लॉन्च बैलिस्टिक मिसाइल इस मिसाइल विकास कार्यक्रम के अंतर्गत यह मिसाइल विकसित किए गए हैं। ‘के’ श्रेणी के प्रभावी मिसाइल ऐसी उनकी पहचान है। इसे ‘के फैमिली’ के मिसाइल यह नाम भारत के मिसाइल कार्यक्रम के जनक एवं भूतपूर्व राष्ट्रपति ए.पी.जे. अब्दुल कलाम इनके सम्मान में दिया गया था।

सन २०१३ वर्ष में पहली बार पूर्ण विकसित बीओ-५ के पहले परीक्षण लिए गए। उसके अनुसार लगभग ७०० किलोमीटर तक हमला करने की क्षमता होनेवाले इस मिसाइल का समय-समय पर परीक्षण किया गया है। सन २०१५ वर्ष में अरिहंत से मिसाइल का परीक्षण किया गया था। पर इस सभी के परीक्षण की जानकारी उजागर नहीं हो सकी है। सन २०१६ में भारतीय नौदल के बेडे में भारतीय बनावट की पहली परमाणु पनडुब्बी आईएनएस अरिहंत दाखिल हुई है। उसके बाद बीओ-५ के परीक्षण पूर्ण करके यह मिसाइल पनडुब्बियों पर तैनात करने का वृत्त है, पर अबतक इस विषय में अधिकृत रूप से घोषणा नहीं हुई है।

पर यह मिसाइल बेड़े में दाखिल होने से भारत ने ऐसे मिसाइल बेड़े में होने वाले चुनिंदा देशों की सूची में स्थान प्राप्त किया है। पनडुब्बियों से दागे जानेवाले परमाणु विस्फोटक ले जाने की क्षमता वाले मिसाइल अमरिका रशिया, फ्रान्स और चीन इन देशों के पास है। इसकी वजह से भारत ऐसा तंत्रज्ञान होने वाला दुनिया का पांचवा देश ठहरा है।

डीआरडीओ के संशोधक इस मिसाइल की अधिक हमला करने की क्षमता होनेवाले के-चार, के-पांच और के-६ आवृत्ति विकसित कर रहे हैं। उनमें के-चार के कई परीक्षण इससे पहले हुए हैं। तथा बीओ-५ के जमीन से हमला करने के लिये उपयुक्त आवृत्ति विकसित की जा रही है।