हिंद महासागर क्षेत्र के देशों को भारत सुरक्षा प्रदान कर सकता है – भारत के उपनौदल प्रमुख की गवाही

कोलकाता: हिंद महासागर क्षेत्र में संपूर्ण सुरक्षा प्रदान करनेवाले देश के तौर पर भारत की तरफ आशा से देखा जा रहा है। इस क्षेत्र में बसे देशों की अपेक्षा पूर्ण करने की क्षमता भारतीय नौदल के पास है। भारतीय नौदल इसके लिए पूर्णरूप से सक्षम होकर किसी भी चुनौती का मुकाबला करने का सामर्थ्य नौदल के पास है, ऐसा विश्वास उपनौदल प्रमुख एम.एस.पंवार ने व्यक्त किया है। हिंद महासागर क्षेत्र में चीन गतिविधियां बढ़ा रहा है और भारतीय नौदल इस क्षेत्र की तरफ अपनी कड़ी नजर रखे हुए हैं, इसका चीन को लगातार एहसास दिया जा रहा है। उपनौदल प्रमुख के विधान इन्हीं प्रयत्नों का भाग है।

हिंद महासागर, क्षेत्र के देशों, सुरक्षा प्रदान, एम.एस.पंवार, गवाही, भारत, चीनआईएनएस विक्रमादित्य इस भारतीय विमान वाहक युद्धनौका के लिए ईंधन प्रदान करनेवाले जहाज का निर्माण पूर्ण हुआ है। यह जहाज लगभग हजार टन इतनी बड़ी तादाद में ईंधन ले जा सकता है। इसके जलावतरण के अवसर पर व्हाईस एडमिरल पवार बोल रहे थे। भारतीय नौदल का सामर्थ्य जताकर उपनौदल प्रमुख ने हिंद महासागर क्षेत्र के देशों को भारतीय नौदल पूर्णरूप से सुरक्षा प्रदान कर सकता है ऐसी गवाही दी है। इसीलिए पड़ोसी देश भारत की तरफ आशा से देख रहे हैं। इनमें बांगलादेश, म्यानमार, श्रीलंका और मालदीव इन देशों का समावेश है। इन देशों को भारत से सहायता और प्रशिक्षण की अपेक्षा है, ऐसा उपनौदल प्रमुख पवार ने कहा है।

हिंद महासागर, क्षेत्र के देशों, सुरक्षा प्रदान, एम.एस.पंवार, गवाही, भारत, चीनपिछले हफ्ते में नौदल ने बांगलादेश को लगभग ४०० टन इतने बड़े तादाद में सहायता सामग्री प्रदान की थी। तथा भारतीय नौदल की आयएनएस सुमेधा यह युद्धनौका मालदीव के विशेष आर्थिक क्षेत्र में गश्ती कर रही है। इस जगह आए हुए दूसरे देश के मछुआरे के नौका को आयएनएस सुमेधा ने उन्हें बाहर खदेड़ा था, ऐसी जानकारी देकर भारतीय नौदल इस क्षेत्र की देशों को सुरक्षा प्रदान करने का काम करने के संकेत उप नौदल प्रमुख ने उस समय दिए। तथा भारतीय नौदल की क्षमता अधिक बड़ी तादाद में बढ़ाने के लिए जोरदार प्रयत्न शुरू होने का दावा भी उपनौदल प्रमुख पवार ने किया है। फिलहाल नौदल के लिए ४० युद्धनौका तैयार किए जा रहे हैं और इन सारे युद्धनौका का निर्माण भारत में ही शुरू है, इसपर उपनौदल प्रमुख पवार ने ध्यान केंद्रित किया है।

देश मे पनडुब्बियों के निर्माण में देरी हो रही है, फिर भी कलवरी श्रेणी की दूसरी पनडुब्बी नौदल के बेड़े में जल्द ही दाखिल होने वाली है। तथा अन्य चार पनडुब्बियों का माझगांव डॉक में निर्माण शुरू है, ऐसा व्हाईस एडमिरल पवार ने स्पष्ट किया है। दौरान हिंद महासागर क्षेत्र में चीन की गतिविधियां बढ़ रही है और इस क्षेत्र में बसे देशों का उपयोग करके चीन ने भारत के नैसर्गिक प्रभाव को चुनौती देने की तैयारी की है। हिंद महासागर क्षेत्र मतलब भारत अपने घर का आंगन ना समझे, ऐसी चेतावनी चीन के सरकारी मुखपत्र ने कई समय पहले भारत को दी थी। तथा मालदीव जैसे देश में सत्ताधारियों से हाथ मिलाकर चीन इस क्षेत्र में अपने नौदल की उपस्थिति बढ़ा रहा है। पर भारतीय नौदल ने अपनी सतर्कता बढ़ाकर चीन की गतिविधियां समय-समय पर रोकने की खबरें प्रसिद्ध हुई थी।

उसके बाद भारतीय नौदल हिंद महासागर क्षेत्र में चीन की शुरु कारवाईयों की तरफ कड़ी नजर रखे हुए हैं, इसका एहसास भारत के नौदल प्रमुख एडमिरल सुनील लांबा ने दिलाया था। उप नौदल प्रमुख ने किए विधान में चीन का सीधा उल्लेख नहीं था, फिर भी इस सागरी क्षेत्र में भारत का प्रभाव कायम रहेगा, ऐसा सूचित किया गया है।