जर्मनी में तीव्र प्रदर्शन के पृष्ठभूमि पर चांसलर मर्केल की अवैध शरणार्थियों की वापसी करने की घोषणा

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बर्लिन/ड्रेसडेन – जर्मनी में विभिन्न प्रांतों में शरणार्थियों के मुद्दे पर बढ़ता असंतोष एवं ड्रेसडेन शहर में मर्केल मस्ट गो जैसे घोषणाओं से हुए तीव्र प्रदर्शन, इस पृष्ठभूमि पर जर्मनी के चांसलर एंजेला मर्केल ने देश से अवैध शरणार्थियों को वापस भेजने की घोषणा की है। जर्मनी में प्रांत में हुए एक बैठक के बाद पत्रकार परिषद में चांसलर मर्केल यह जानकारी दी है। मर्केल इनके इस घोषणा की प्रतिक्रिया अन्य यूरोपीय देशों में उमड़ने की आशंका है।

जर्मन चांसलर मर्केल ने सन २०१५ में ओपन डोर पॉलिसी की घोषणा करके जर्मनी शरणार्थियों के लिए खुली करने की घोषणा की थी। उसके बाद इस घोषणा के बाद जर्मनी के साथ अन्य यूरोपीय देशों में पिछले ३ वर्षों में लगभग २० लाख से अधिक शरणार्थियों की घुसपैठ होने की बात उजागर हुई है। उसमें अधिकतम शरणार्थी गैर कानूनी रूप से दाखिल हुए हैं और उसमें यूरोपीय देशों का राजनीति तथा समाज व्यवस्था को झटका लगा है। मर्केल इनके धारणा को यूरोपीय देशों से होने वाला विरोध प्रतिदिन अधिक तीव्र होता जा रहा है और चुनिंदा देश छोड़ते हुए अधिकतम यूरोपीय देशों ने शरणार्थियों को रोकने का निर्णय लिया है।

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जर्मनी में पिछले वर्ष हुए चुनाव में भी शरणार्थियों की समस्या अधिक तीव्र होती दिखाई दे रही थी और मर्केल इनके पक्ष को बहुत बड़ा झटका लगा था। अन्य पक्ष की सहायता लेकर मर्केलने अपना चांसलर पद कायम रखने में सफलता प्राप्त की है। फिर भी इससे पहले उन्हें शरणार्थियों के बारे में यह धारणा गलत होने का इकबालिया बयान देने में विवश होना पड़ा। यह मर्केल इनके राजनैतिक कार्यकाल में सबसे बड़ा पराजय होने की बात मानी जा रही है।

इस पृष्ठभूमि पर सैक्सोनी में अवैध शरणार्थियों को वापस भेजने के बारे में की हुई घोषणा चांसलर मर्केल इनके शरणार्थियों के मुद्दे पर स्वीकारी हुई और एक वापसी मानी जा रही है। अपनी घोषणा में उन्होंने अवैध शरणार्थियों को तत्काल वापस भेजा जाए, इसके लिए प्रांतीय प्रशासन को सभी प्रकार की सहायता दी जाएगी ऐसा कहा है। मर्केल की यह घोषणा जर्मनी में शरणार्थियों के विरोध में बढ़ता असंतोष एवं ड्रेसडेन जैसे शहर में मर्केल के विरोध में हुए प्रदर्शन इनका परिणाम होने की बात मानी जा रही है।