ब्रिटेन के सियासी गडबडी की पृष्ठभूमि पर यूरोपीय महासंघ ‘नो डील ब्रेक्जिट’ के लिए पुरी तरह तैयार

तृतीय महायुद्ध, परमाणु सज्ज, रशिया, ब्रिटन, प्रत्युत्तरब्रुसेल्स/लंदन – ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा मे ने ब्रेक्जिट अमल में लाने के लिए सीमित समय प्राप्त करने पर भी ब्रिटेन के सियासी सर्कल में शुरू गड़बड़ी अभी भी समाप्त नहीं हुई हैं| सोमवार रात को ब्रिटेन की संसद में प्रधानमंत्री मे ने प्रस्तुत किए विधेयक को फिर एक बार वर्जित करते हुए आगे का निर्णय मंत्रियों के बदले संसद लेगी, ऐसी अग्रही भूमिका रखी हैं| इस पृष्ठभूमि पर यूरोपीय महासंघ ने ‘नो डील ब्रेक्जिट’ के लिए सज्जता रखने का जाहिर करते हुए उस संदर्भ का कथन भी प्रसिद्ध किया हैं|

ब्रिटेन की संसद में पिछले एक महीने से ब्रेक्जिट के संबंधी प्रस्तुत किए विविध विधेयकों में से एक भी प्रस्ताव पर पूर्ण संसद की सहमति नहीं हो सकी हैं| इस कारण इससे पहले महासंघ के साथ हुए समझौते के नुसार, २९ मार्च को ब्रिटेन यूरोपियन संघ से बाहर नहीं होगा, यह निश्चित हुआ हैं| पिछले सप्ताह में यूरोपीय महासंघ ने ब्रिटेन को २२ मई की नई अवधि देते हुए १२ अप्रैल तक संसद अंतिम निर्णय दे, ऐसे निर्देश दिए हैं| परंतु इस पर भी ब्रिटेन की संसद में नये गुट बने हैं| साथ ही दूसरे जनमत संग्रह के प्रस्ताव को बढ़ता समर्थन मिलने के संकेत भी मिलने लगे हैं|

इस पृष्ठभूमि पर सोमवार को ब्रिटेन की संसद में हुए वोटिंग में सत्ताधारी पक्ष के ३० सदस्यों ने विद्रोह कर सरकार के विरोध में वोट किया था| इस विरोध के कारण ‘ब्रेक्जिट’ के विषय में निर्णय प्रक्रिया इससे आगे मंत्री नहीं बल्कि संसद तय करेगी, ऐसे स्वरूप का प्रस्ताव मंजूर होने के साथ उसके कारण प्रधानमंत्री मे के सामने की चुनौतियों में अधिक वृद्धि हो गई हैं| संसद ने ब्रेक्जिट के बारे में आगे निर्णय लेने का तय किया तो मे ने किए करार को पूर्णतः अस्वीकार किया जाएगा और ‘सॉफ्ट ब्रेक्जिट’ अथवा ‘नो डील ब्रेक्जिट’ का विकल्प चुना जा सकता हैं|

ब्रिटेन की संसद में यह उथल-पुथल शुरू होते हुए ही यूरोपीय महासंघ ने ‘नो डील ब्रेक्जिट’ की संभावना ध्यान में लेते हुए तैयारी पूर्ण करने का जाहिर किया हैं| महासंघ ने अपनी वेबसाइट पर इस संदर्भ की विस्तृत जानकारी प्रसिद्ध करते हुए उसमें ‘ट्रान्झिशन पिरिअड’ का समावेश नहीं होगा, ऐसा स्पष्ट किया गया हैं| ब्रिटेन के साथ यूरोपीय देश के नागरिक तथा उद्योगों को ‘नो डील ब्रेक्जिट’ का बड़ा झटका लगेगा, ऐसी चेतावनी भी इसमें दी गई हैं|