सीरिया के कुर्द बागियों को लेकर अमरिका और तुर्की में बने मतभेद कायम

तृतीय महायुद्ध, परमाणु सज्ज, रशिया, ब्रिटन, प्रत्युत्तर

अंकारा – सीरिया के कुर्द बागियों की सुरक्षा की गारंटी मिलने तक अमरिका पीछे नही हटेगी, यह घोषणा अमरिका के सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने की थीं| परंतु ‘अमरिका सेना की सीरिया से वापसी के विषय में बोल्टन ने रखी शर्त मतलब गंभीर भूल साबित हो सकती हैं| सीरिया के कुर्द बागियों को मारना ही सही साबित होगा’, ऐसा दावा तुर्की के राष्ट्राध्यक्ष रेसेप तय्यीप एर्दोगन ने किया हैं| इस कारण सीरिया के कुर्दों के प्रश्न पर अमरिका और तुर्की में अभी भी गंभीर विवाद होने की बात स्पष्ट हुई हैं|

अमरिका के राष्ट्राध्यक्ष डोनाल्ड ट्रम्प ने सीरिया से सेना की वापसी करने को लेकर की घोषणा की पृष्ठभूमि पर बोल्टन पिछले दो दिन खाड़ी देशों की यात्रा पर थे| उस समय उन्होंने इस्रायल और उसके बाद सीरिया को भेंट दी थीं| इस्रायल की अपनी यात्रा में बोल्टन ने अमरिका सेना की सीरिया से जल्दबाजी में वापसी नही होगी, यह बात स्पष्ट की थी| सीरिया से आईएस के आतंकवादियों का खात्मा और कुर्द बागियों की सुरक्षा का प्रश्न सुलझाए बिना यह वापसी संभव न होने का विश्‍वास बोल्टन ने इस्रायल को दिलाया था|

उसके पश्चात सीरिया के संघर्ष में सहभागी होनेवाले तुर्की इस नाटो सदस्य देश की बोल्टन ने यात्रा की थीं| तुर्की के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ‘इब्राहिम कालिन’ से मुलाकात करते हुए सीरिया से सेना वापसी के विषय में चर्चा की थीं| कुछ ही घंटों पहले तुर्की के राष्ट्राध्यक्ष एर्दोगन ने अमरिकी सेना की वापसी के पश्चात तुर्की अकेला ही सीरिया के संघर्ष का बीड़ा उठा सकता है, ऐसा दावा करते हुए राष्ट्राध्यक्ष ट्रम्प के निर्णय का स्वागत किया था| परंतु तुर्की के राष्ट्राध्यक्ष एर्दोगन ने बोल्टन ने सीरिया से वापसी के विषय में किए विधान पर तीव्र नाराजगी व्यक्त की हैं|

अमरिका को सेना की वापसी करने से पहले तुर्की से सीरिया में कुर्दों की सुरक्षा की गारंटी चाहिए है| परंतु ‘कुर्दिश पीपल्स प्रोटेक्शन यूनिट’ (वायपीजी) यह सिरिया के कुर्दों का प्रतिनिधित्व करनेवाली संगठना नहीं है, बल्कि तुर्की की सुरक्षा को खतरा साबित होनेवाला आतंकवादी संगठन है| इस कारण इस संगठन की सुरक्षा के लिए अमरिका गंभीर गलत निर्णय लेने की आलोचना एर्दोगन ने की हैं| अमरिका की यह शर्त तुर्की बिल्कुल स्वीकार नहीं कर सकता, ऐसा कहकर एर्दोगन ने सीरिया में कुर्दों के संगठन पर हमलें शुरू रहेंगे ऐसा घोषित किया है|

एर्दोगन की इस चेतावनी को सीरिया के कुर्द बागियों ने उत्तर दिया हैं| एर्दोगन की घोषणा पर तुर्की का लष्कर सीरिया में घुसकर हमलें करने के लिए तैयार होने की बात सामने आयी है| परंतु तुर्की के सैनिकों ने सीरिया के उत्तर की ओर से प्रवेश किया तो कुर्द विद्रोही प्रतिहमला करने के लिए सज्ज हैं, ऐसा कुर्द नेता ‘शाहोझ हसन’ ने घोषित किया है|

दौरान, ट्रम्प की सेना की वापसी करने के घोषणा के पश्चात तुर्की ने सीरिया की सीमा के पास बड़ी तादात पर लष्कर की तैनाती की थीं| साथ ही सीरिया में कुर्द और अन्य आतंकवादी संगठन पर कार्रवाई की घोषणा भी तुर्की ने की थीं| उसके पश्चात कुर्द बागियों ने सीरिया के लष्कर के पास मदद मांगने की खबरें भी प्रसिद्ध हुई थीं| इस कारण सीरिया के उत्तरी विभाग में तुर्की और कुर्दों में संघर्ष भड़कने की संभावना निर्माण हो गई है|