पिछले वर्ष के ‘रिम्पॅक’ युद्धाभ्यास में अमरिका ने किया था प्रगत ‘रेलगन’ का परीक्षण

तृतीय महायुद्ध, परमाणु सज्ज, रशिया, ब्रिटन, प्रत्युत्तर

वॉशिंगटन – पिछले वर्ष चीन को दूर रखते हुए अमरिका ने पैसिफिक महासागर में आयोजित किये ‘रिम्पॅक’ युद्धाभ्यास में अतिप्रगत ‘रेलगन’ यंत्रणा का परीक्षण किया| ध्वनि से ८ गुनी तेज इस रेलगन का यह परीक्षण मतलब अमरिका की चीन विरोधी तैयारी का भाग था, ऐसा दावा एक अमरिकी दैनिक ने किया है| कुछ दिनों पहले चीन ने भी रेलगन परीक्षण की तैयारी करने के फोटोग्राफ्स प्रसिद्ध हुए थे|

अमरिकी नौसेना हर २ वर्षों बाद पैसिफिक महासागर में क्षेत्रीय देशों के साथ बड़े युद्धाभ्यास का आयोजन करता है| पिछले वर्ष मई महीने में हवाई द्वीपों के पास हुए सागरी युद्धाभ्यास में अमरिका के साथ भारत, इस्राइल, ब्राज़ील, व्हिएतनाम, श्रीलंका और चिली इन देशों की नौसेना शामिल हुई थी| अमरिका ने इस युद्धाभ्यास से चीन को दूर रखकर खलबली फैलाई थी| उस समय अमरिका एवं मित्र देशों के युद्ध नौकाओं ने इस सागरी क्षेत्र के द्वीपों की सुरक्षा के लिए युद्ध अभ्यास पर जोर दिया था|

अमरिकी नौसेना से संबंधित होने वाले एक दैनिक ने हालही में प्रसिद्ध की एक खबर में अमरिका ने इस सागर क्षेत्र में एम्के-४५ इस रेल गन के २० हमले किए थे| यूएसएस डेवी इस युद्धनौका पर तैनात किए रेलगन से यह परीक्षण किया गया| रेलगन का यह परीक्षण सफल हुआ क्या, इस विषय में संबंधीत दैनिक ने खबरें प्रसिद्ध नहीं की है| पर सागरी क्षेत्र में अमरिका के हित संबंधों को चुनौती देनेवाले ड्रोन, क्रूज मिसाइलों को प्रत्युत्तर देने की यह तैयारी होने की बात दैनिक ने कही है|

रेलगन के निर्माण के लिए केवल ७५ हजार से १ लाख डॉलर्स इतना खर्च होने का दावा किया जा रहा है| तथा अमरिका के रक्षा दल से छोटे अंतर की मिसाइलों से अंतरखंडीय तथा हाइपरसोनिक मिसाइलों के निर्माण के लिए १० से २० लाख डॉलर्स का खर्च होता है| जिसकी वजह से भविष्य में रेलगन का उपयोग खर्च बचाने वाला होगा तथा हाइपरसोनिक मिसाइलों को भेदने के लिए इस रेल गन का उपयोग किया जा सकता है, ऐसा अमरिका के लष्करी विश्‍लेषकों का कहना है|

यह परीक्षण करने के लिए ही अमरिका ने चीन को इस युद्धाभ्यास से दूर रखने का दावा अमरिकी दैनिक ने किया है|

पिछले वर्ष अमरिका ने इस युद्धाभ्यास से दूर करने के बाद चीन के विध्वंसक ने हवाई द्वीपों की सागरी क्षेत्र में प्रवेश करने का प्रयत्न किया था| ‘रिम्पॅक’ युद्धाभ्यास पर नजर रखने के लिए चीन का यह प्रयत्न शुरू था, ऐसा आरोप उस समय अमरिकी माध्यमों ने किया था| इसकी वजह से पैसिफिक महासागर में तनाव निर्माण हुआ था|

दौरान अमरिका ने रेलगन के परीक्षण की जानकारी उसी समय प्रसिद्ध की और उसके पीछे कारण होने की चर्चा है| कुछ दिनों पहले चीन के विध्वंसक पर रेलगन तैनात करने की खबरें प्रसिद्ध हुई थी| चीन रेल गन का परीक्षण करके अमरिका को चेतावनी देने की तैयारी में होने का दावा इन खबरों से किया गया था| पर इससे पहले रेलगन का परीक्षण होने की बात उजागर करके अमरिका ने वह चीन के आगे होने की बात दिखाई है|