लीबिया के संघर्ष में १२१ लोगों की मौत – सरकार के विरोध में बागियों से पाठशालाओं पर हमलें

तृतीय महायुद्ध, परमाणु सज्ज, रशिया, ब्रिटन, प्रत्युत्तरत्रिपोली/मास्को – पिछले दस दिनों से लीबिया की राजधानी त्रिपोली और आसपास के शहरों में सरकार और विद्रोहियों के बीच के हो रहे संघर्ष में १२१ लोगों की जान गई है और करीबन ५६१ लोग गंभीर रूप से जख्मी हुए हैं| ‘वैश्विक आरोग्य संगठन’ (हू) ने यह दावा करते हुए लीबिया की परिस्थिति अधिक गंभीर होने की चेतावनी दी हैं| लीबियन सरकार के खिलाफ विद्रोह करने वाले लष्करी अधिकारी जनरल ‘खलिफा हफ्तार’ के विद्रोहियों ने त्रिपोली पर कब्जा करने के लिए हवाई तथा राकेट हमलें तीव्र कर दिए है| हफ्तार और उनके साथीदारों ने अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करने का आरोप लीबियन सरकार तथा संयुक्त राष्ट्र संघ कर रहे हैं|

अंतरराष्ट्रीय समुदाय की मान्यता होने वाले लीबिया के ‘गवर्नमेंट ऑफ नॅशनल अकॉर्ड’ (जीएनए) से निष्ठावान होने वाले लष्कर और विद्रोही लष्करी अधिकारी जनरल हफ्तार समर्थक ‘लिबियन नॅशनल आर्मी’ (एलएनए) के विद्रोहियों में संघर्ष अधिक तीव्र हो गया हैं| ‘एलएनए’ के विद्रोहियों ने त्रिपोली के बाहर इंधन प्रकल्प पर कब्जा करते हुए पिछले कुछ दिनों से त्रिपोली में हवाई हमलें बढ़ाए हैं| अंतरराष्ट्रीय समुदाय से लगातार आवाहन तथा आलोचना होने के पश्चात भी ‘एलएनए’ के विद्रोहियों ने त्रिपोली पर शुरू किए हमलों में कोई फरक नहीं होने का दावा ‘हू’ ने किया हैं|

चार दिनों पहले त्रिपोली के संघर्ष में ५८ लोगों की जान जाने की जानकारी प्रस्तुत हुई थीं| परंतु उसके बाद त्रिपोली के संघर्ष की व्याप्ति बढ़ते हुए अकेले राजधानी में १२१ लोगों की जान जाने का ‘हु’ का कहना हैं| लीबिया के इस संघर्ष पर ‘हू’ ने आलोचना करते हुए त्रिपोली में सहयोग करने वाले अपने आठ एम्ब्युलेंस पर भी हमला होने की जानकारी ‘हू’ ने दी हैं| इस संघर्ष में खोजे गए जख्मी तथा जरूरतमंदों को मेडिकल सहयोग के लिए बड़ी तादाद पर मदद भेजने का ‘हू’ ने जाहिर किया हैं|

लीबियन सरकार से निष्ठावान होने वाले लष्कर ने भी राजधानी त्रिपोली पर होने वाले हमलों के पीछे हफ्तार समर्थक ‘एलएनए’ के विद्रोही होने का आरोप किया हैं| ‘एलएनए’ के विद्रोही त्रिपोली पर कब्जा करने के लिए नागरिकों के जान की भी परवाह नहीं करने की आलोचना लीबियन सरकार ने की हैं| ‘एलएनए’ के विद्रोहियों को राजधानी त्रिपोली के दक्षिण के ओर के ‘झारा’ विभाग में एक पाठशाला की इमारत पर हमलें करने का आरोप ‘जीएनए’ ने किया हैं|

इस हमलें में जीवित हानि नहीं हुई परंतु, लीबिया के संघर्ष में विस्थापित हुए लोगों को विद्यालय, महाविद्यालयों में भेजा गया हैं| ऐसी परिस्थिति में ‘एलएनए’ के विद्रोही इन इमारतों को लक्ष्य कर आंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन कर रहे है, यह आरोप लीबियन सरकार कर रही हैं| विद्रोहियों के इन कार्रवाईयों पर गुस्सा व्यक्त किया जा रहा है और इसके लिए त्रिपोली की जनता ने रास्ते पर उतर कर इन हमलों के विरोध में प्रदर्शन किए हैं|

दौरान, लीबिया के संघर्ष में रशिया ने विद्रोही ‘एलएनए’ को समर्थन दिया है और इस पर लीबियन सरकार ने आलोचना की हैं| लीबिया के संघर्ष में विदेशी हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं करेंगे, ऐसा लीबिया की सरकार ने घोषित किया हैं|