रोमानिया में अमरिका ने ‘थाड’ तैनात करने पर रशिया ने जताई कडी आपत्ति

तृतीय महायुद्ध, परमाणु सज्ज, रशिया, ब्रिटन, प्रत्युत्तरमास्को/वॉशिंटन – ‘अस्थायी इस शब्द के अलावा लंबे समय तक चलेगा, ऐसा इस दुनिया में कुछ भी नही, इस मायने की एक रशियन पहेली है| इस वजह से अमरिका रोमानिया में कर रही थाड मिसाइल डिफेन्स की अस्थायी तैनाती यानी असल में क्या और किस लिए है, यह सवाल उपस्थित होते है| रोमानिया की मिसाइल यंत्रणाओं का आधुनिकीकरण यह असल में कौन सा प्रकार है, इस बारे में भी आशंका लेने के लिए जगह है’, इन शब्दों में रशिया के उप विदेशमंत्री अलेक्जांडर ग्रुश्को इन्होंने अमरिका की ‘थाड’ यंत्रणा की तैनाती पर कडी आपत्ति जताई है|

अमरिका आनेवाले कुछ महीनों में उनकी सबसे प्रगत मिसाइल विरोधी यंत्रणा ‘टर्मिनल हाय अल्टिट्युड एरिया डिफेन्स’ (थाड) पूर्व यूरोप के रोमानिया में तैनात करेगी| अमरिका ने इसके पहले ही रोमानिया में ‘एजिस’ यह मिसाइल विरोधी यंत्रणा तैनात की थी| इसके बाद ‘थाड’ यह प्रगत मिसाइल विरोधी यंत्रणा की तैनाती होनेवाला रोमानिया यह यूरोप का पहला देश साबित होगा| रोमानिया में ‘थाड’ की तैनाती के अलावा पोलैंड में ‘एजिस’ यंत्रणा की तैनाती का काम शुरू है और पोलैंड को ‘पॅट्रिऑट’ मिसाइल की आपुर्ति भी की जा रही है|

रोमानिया में हो रही ‘थाड’ की तैनाती यह अस्थायी होने का दावा अमरिका से किया गया है| इसके लिए रोमानिया में फिलहाल तैनात ‘एजिस’ यंत्रणा की दुरूस्ती काकाम यह कारण दिया गया है| लेकिन, यह काम असल में कितने समय तक चलेगा और ‘थाड’ कितने समय तक तैनात रहेगी, यह स्पष्ट किया गया नही है| इसी बीच यह यंत्रणा नाटो के ‘अलाईड एअर कमांड’ के नियंत्रण में रहेगी और नाटो ने इस तैनाती का समर्थन किया है|

अमरिका ने वर्ष २००९ में यूरोप में ‘मिसाइल डिफेन्स सिस्टिम’ की तैनाती का ऐलान किया था| उस समय अमरिकी प्रशासन ने यूरोप को ईरान के मिसाइलों से खतरा होने का कारण दिया था| लेकिन, रशिया ने अमरिका की यह तैनाती रशिया के विरोध में ही है, यह कहकर लगातार इस तैनाती का विरोध किया था| रशिया के इस विरोध के बावजूद अमरिका ने रोमानिया में मिसाइल विरोधी यंत्रणा कार्यरत की थी| उसके बाद पोलैंड में भी इसी यंत्रणा का काम शुरू किया गया है और अगले वर्ष तक यह यंत्रणा कार्यान्वित होगी, यह संकेत दिए जा रहे है|

वर्ष २०१४ में रशिया ने क्रिमिआ पर किए हमले के बाद अमरिका ने यूरोपिय देशों की सुरक्षा के लिए आक्रामक नीति अपनाने का ऐलान किया था| इस नीति के नुसार यूरोपिय देशों को नए परमाणु हथियारों के साथ प्रगत मिसाइल, प्रगत लडाकू विमान, टैंक की आपुर्ति की जा रही है| इसी बीच अमरिका की मिसाइल विरोधी यंत्रणा और लष्करी तैनाती की तादाद भी बढाई जा रही है और रोमानिया में ‘थाड’ की तैनाती इसी का हिस्सा माना जा रहा है|

कुछ महीने पहले अमरिका ने ‘इंटरमिजिएट रेंज न्युक्लिअर फोर्सेस’ (आईएनएफ) इस अहम समझौते से वापसी की थी| इसके बाद रशियन नेतृत्व ने अमरिका पर आलोचना करके रशिया जैसे को तैसा जवाब देगी, यह चेतावनी दी थी| ‘अमरिका ने यूरोप में छोटी या मध्यम दूरी के मिसाइल तैनात करने की कोशिश की तो रशिया यूरोपिय देशों को ही नही बल्कि अमरिका को भी लक्ष्य कर सकेगी ऐसे मिसाइलों की तैनाती करेगी’, यह चेतावनी रशियन राष्ट्राध्यक्ष व्लादिमीर पुतिन इन्होंने खुले तौर पर दी थी| रशिया के उप विदेशमंत्री अलेक्जांडर ग्रुश्को इन्होंने ‘थाड’ की तैनाती यह उजागर तौर पर रशिया के विरोध में है, यह दावा करके इसके विरोध में सही जवाब दिया जाएगा, यह चेतावनी दी है|