अमरिका के साथ शुरु व्यापार युद्ध के दौरान – चीन अमरीकन निवेशकारों से चर्चा करेगा

बीजिंग: अमरिका के राष्ट्राध्यक्ष डोनाल्ड ट्रम्प ने चीन के २६७ अरब डॉलर के निर्यात पर कर जारी करने की घोषणा हालही में की थी। उसके बाद चीन के पसीने छूट ते दिखाई दे रहे हैं। इसीलिए चीन ने अमरिका के वित्त एवं बैंक क्षेत्र में बड़े कंपनियों के कार्यकारी अधिकारियों की बैठक आयोजित की है। १६ सितंबर के रोज चीन के बीजिंग में यह बैठक होने वाली है जिसमें चीन के सत्ताधारी कम्युनिस्ट पक्ष के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। अमरिका के साथ व्यापार युद्ध होते समय इस बैठक में अमरिकन वित्त एवं बैंक क्षेत्र के अधिकारियों से चीन को सलाह अपेक्षित होने का दावा किया जा रहा है।

चीन के साथ शुरु व्यापार में अमरिका को ३७५ अरब डॉलर का नुकसान सहन करना पड़ रहा है। ऐसा होते हुए भी अमरिका में ५०० अरब डालर से अधिक निर्यात करने वाले चीन अमरिका को सहूलियत देने के लिए तैयार नहीं है। इसीलिए आजतक अमरिका से बड़े तादाद में व्यापारी लाभ प्राप्त करने वाले चीन को सबक सिखाने की आवश्यकता होने की बात राष्ट्राध्यक्ष ट्रम्प ने कही थी। इसके लिए उन्होंने चीन के अरबों डॉलर के निर्यात पर कर बढ़ाया था, तथा कुछ दिनों पहले राष्ट्राध्यक्ष ट्रम्प ने चीन के लगभग २६७ अरब डॉलर की निर्यात पर कर बढ़ाने की घोषणा की थी।

अमरिका, शुरु, व्यापार युद्ध, चीन, अमरीकन निवेशकारों, चर्चा, बीजिंग, डोनाल्ड ट्रम्पअमरिकी राष्ट्राध्यक्ष के इस घोषणा की वजह से दोनों देशों में भड़के हुआ व्यापार युद्ध अधिक तीव्र होने के संकेत मिल रहे हैं। अमरिका ने अपने व्यापार युद्ध पर कर जारी किए तो उसमें अमरिका का ही बड़ा नुकसान होगा, ऐसा चीन ने सूचित किया था। पर वास्तव में अमरिका की वित्त व्यवस्था सकारात्मक दिखाई दे रही है और व्यापार युद्ध में चीन की अवस्था जटिल बनती दिखाई दे रही है। लगातार २ तिमाही रिपोर्ट में चीन के वित्त व्यवस्था का आधार माने जाने वाली निर्यात में गिरावट हुई है, चीन में निवेश की मात्रा भी कम हो रही है, चीन के उत्पादन क्षेत्र को बहुत बड़ा झटका लगा है और ऐसी स्थिति रही तो चीन के वित्त व्यवस्था को बड़े संकट का सामना करना होगा, ऐसा इकबालिया बयान चीन के वित्त संस्था एवं वित्तीय तज्ञ दे रहे हैं।

इस पृष्ठभूमि पर चीन ने ‘चाइना युएस फाइनेंशियल राउंड टेबल’ इस नाम से पहचानी जानेवाली बैठक का आयोजन किया है। प्रति ६ महीनों में इस बैठक का आयोजन किया जाता है। १६ सितंबर के रोज बीजिंग में होनेवाली इस बैठक में ‘ब्लैक स्टोन ग्रुप एलपी’, ‘सिटी ग्रुप’, ‘गोल्डमैन सैच’, ‘जेपी मॉर्गन चेस एंड कंपनी’, ‘मॉर्गन स्टैनली’ इत्यादि बडी वित्त संस्था एवं निवेश क्षेत्र में काम कर रही कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होने वाले हैं। अमरिका के साथ व्यापार युद्ध तीव्र होते समय इन सभी से चीन के शासन को सलाह एवं सहयोग अपेक्षित होने की बात इस दौरान सामने आ रही है।

चीन में बडी मात्रा में काम कर रही कई अमरिकी कंपनियां एवं प्रख्यात निवेशकों ने राष्ट्राध्यक्ष ट्रम्प ने चीन के बारे में अपनाई धारणा का कड़ा विरोध किया है। इनके साथ व्यापारी युद्ध का झटका अमरिका को भी लगेगा, ऐसा इस वर्ग का कहना है। पर कुछ लोगों के हित संबंधों के लिए अमरिकन जनता के हित से समझौता नहीं किया जा सकता, ऐसा ज़ोर देकर राष्ट्राध्यक्ष ट्रम्प ने चीन के विरोध में अधिक कार्य कठोर करने की प्रक्रिया शुरू रखी है। इसका अमरिकन व्यवस्था को लाभ हो रहा है, ऐसा दाखिला ट्रम्प लगातार दे रहे है। चीन में उत्पादन करनेवाले अमरिकन कंपनियां आगे चलकर अमरिका में ही उत्पादन करें इसके लिए राष्ट्राध्यक्ष ट्रम्प ने दबाव बढाया है।

ट्रम्प इनके धारणाओं की वजह से चीन के साथ चीन में हित संबंध होने वाले वर्ग का बड़ा नुकसान हो रहा है। इस पृष्ठभूमि पर बीजिंग में आयोजित किए जाने वाले चाइना-यूएस फाइनेंशियल राउंड टेबल का महत्व बढ़ा है।