इसके आगे अमरिका की रशिया के मामले में नीति सौम्य नहीं होगी – रक्षामंत्री पद पर चुने गए ‘सीआईए’ के भूतपूर्व प्रमुख माईक पॉम्पिओ की घोषणा

वॉशिंग्टन: ‘अमरिका ने इसके पहले रशिया की आक्रामक कार्रवाइयों के मामले में ‘सौम्य’ नीति अपनाने की वजह से रशिया अधिकाधिक बेदरकार बन गया। लेकिन अब अमरिका की ऐसी सौम्य नीतियों के दिन बीत गए हैं’, ऐसे भयावह शब्दों में अमरिकी गुप्तचर यंत्रणा ‘सीआयए’ के वर्तमान के प्रमुख और विदेश मंत्री पद के लिए नियुक्त हुए माईक पॉम्पिओ ने रशिया पर क्रोध व्यक्त किया है। सीरिया के संघर्ष के मुद्दे पर अमरिकी राष्ट्राध्यक्ष डोनाल्ड ट्रम्प ने रशिया को ‘स्मार्ट’ मिसाइलों के हमले के बारे में कठोर इशारा दिया था। उसके बाद अमरिकी संसद में हुई सुनवाई में पॉम्पिओ ने रशिया के खिलाफ इसके आगे की नीति आक्रामक ही रहेगी, ऐसी खुली भूमिका अपनाई है।

राष्ट्राध्यक्ष ट्रम्प सत्ता पर आने के बाद अमरिका और दुनिया भर में उनके रशियन राष्ट्राध्यक्ष के साथ के अच्छे रिश्ते चर्चा का विषय बन गए थे। लेकिन पिछले साल भर में ट्रम्प ने कुछ अपवादों को छोड़कर नियमित रूपसे रशिया की कार्रवाइयों के खिलाफ आक्रामक भूमिका ली है। पिछले हफ्ते में ही ट्रम्प के नेतृत्व में अमरिकी प्रशासन ने राष्ट्राध्यक्ष पुतिन के निकटवर्तियों को लक्ष्य बनाने वाले प्रतिबंधों की घोषणा की थी। यह प्रतिबन्ध रशियन राजवट के खिलाफ लादे सबसे कठोर प्रतिबंधों के तौर पर पहचाने जाते हैं।

उसी समय संयुक्त राष्ट्रसंघ में ईरान और सीरिया के मुद्दे पर अमरिका ने लगातार रशिया के खिलाफ टीका की है और उसका ट्रम्प ने खुलकर समर्थन किया है। इस पृष्ठभूमि पर, ट्रम्प के भरोसेमंद अधिकारी के तौर पर पहचाने जाने वाले पॉम्पिओ रशिया के सन्दर्भ में नीतियों के बारे में रखी भूमिका ध्यान आकर्षित करती है।

‘रशिया पिछले कई सालों से लगातार बेदरकार रूपसे कार्रवाइयां करता आया है। रशिया की इस आक्रामकता के लिए अमरिका की सौम्य नीति जिम्मेदार है। लेकिन अब यह दिन खत्म हुए हैं। रशिया के राष्ट्राध्यक्ष व्लादिमिर पुतिन उनकी कार्रवाइयों के लिए जबरदस्त कीमत चुकाने पर मजबूर होने वाले हैं और उनके लिए ट्रम्प प्रशासन ने आक्रामक गतिविधियाँ शुरू की हैं’, इन शब्दों में माईक पॉम्पिओ ने अमरिका की रशिया के बारे में भूमिका अधिक कठोर हुई है ऐसा कहा है।

ट्रम्प प्रशासन ने पिछले कुछ दिनों में रशिया के खिलाफ की हुई कार्रवाइयां उचित हैं और उसमें से रशिया अमरिका के लिए बड़ा खतरा है यह उचित संदेश दिया गया है, इन शब्दों में पॉम्पिओ ने अमरिकी राष्ट्राध्यक्ष डोनाल्ड ट्रम्प का समर्थन किया है। ट्रम्प प्रशासन ने रशिया के खिलाफ किए हुए फैसले शीतयुद्ध के बाद की सबसे बड़ी कार्रवाई होने का दावा भी पॉम्पिओ ने किया है।

अमरिका ‘डूम्स विमान’ सक्रिय
वॉशिंग्टन: परमाणु युद्ध के काल में कमांड सेंटर के तौर पर इस्तेमाल किए जाने वाले अमरिका के परमाणु ‘डूम्स प्लेन’ ने बुधवार को इलिनॉईस हवाई अड्डे से उड़ान भरी। अमरिकी राष्ट्राध्यक्ष डोनाल्ड ट्रम्प ने सीरिया पर हमले की घोषणा करने के बाद इन विमानों ने उड़ान भरने का दावा रशियन मीडिया कर रही है।

अमरिका के ‘नॅशनल इमर्जन्सी एअरबोर्न कमांड पोस्ट’ के तौर पर पहचाने जाने वाले ‘बोईंग ई-४ बी नाईटवॉच’ इस विमान की उड़ान की वजह से सीरिया पर हमले की और उस वजह से विश्वयुद्ध भडकने की संभावना बढने का दावा किया जा रहा है। अंतर्राष्ट्रीय हवाई परिवहन पर नजर रखने वाली एक वेबसाईट ने यह जानकारी दी है।