सीरिया से महायुद्ध भड़कने की स्थिति होते हुए रशियन राष्ट्राध्यक्ष का होशियारी पर विस्फोटक संदेश

सीरिया, महायुद्ध का भड़का, व्लादिमीर पुतिन, होशियारी की भाषा, विस्फोटक संदेश, रशिया, जासूस सर्जेई स्क्रिपलमॉस्को: सीरिया से अमरिका और रशिया में किसी भी समय पर महायुद्ध का भड़का हो सकता है, ऐसी चिंता दुनियाभर में व्यक्त की जा रही है। दोनों देशों के नेताओं ने एवं लष्करी अधिकारियों ने इसके लिए हम तैयार होने की बात सूचित की है। पर पिछले कई हफ्तों से अमरिका एवं ब्रिटेन के विरोध में कड़े विधान करनेवाले रशिया के राष्ट्राध्यक्ष व्लादिमीर पुतिन ने ऐसे समय अत्यंत शीत प्रतिक्रिया देने की बात दिखाई दे रही है। फिलहाल दुनियाभर में अराजकता फैली दिखाई दे रही है, पर ऐसी परिस्थिति में दुनिया में होशियारी रहे ऐसा अपना विश्वास होने की बात राष्ट्राध्यक्ष पुतिन ने कही है।

सीरिया, महायुद्ध का भड़का, व्लादिमीर पुतिन, होशियारी की भाषा, विस्फोटक संदेश, रशिया, जासूस सर्जेई स्क्रिपलरशियन मिसाइल के हमले से दुनिया का कोई भी देश सुरक्षित नहीं है। रशिया पर परमाणु हमला हुआ तो रशिया सारी दुनिया जला देगा, ऐसी धमकियां रशियन राष्ट्राध्यक्ष पुतिन ने पिछले हफ्ते दि थी। उनकी यह धमकिया असल में होने का इशारा अमरिका और ब्रिटेन के वरिष्ठ नेता और अधिकारी भी दे रहे हैं। ब्रिटेन में रशिया के भूतपूर्व जासूस सर्जेई स्क्रिपल पर विष प्रयोग होने के बाद ब्रिटेन के साथ अमरिका ने भी रशियन राष्ट्राध्यक्ष को कड़ी धमकी दी थी और रशिया परीक्षा ना देखें ऐसा सूचित किया था। पर अमरिका, फ्रांस, ब्रिटेन सीरिया पर हमला करने की तैयारी करते समय रशियन राष्ट्राध्यक्ष ने अत्यंत सौम्य और होशियारी की भाषा का प्रयोग करने की बात दिखाई दे रही है।

फिलहाल जागतिक स्तर पर अराजकता फैली है और देशों में संबंध भी घातक स्तर पर पहुंचे हैं। ऐसी स्थिति में होशियारी रखना यह रशिया का विश्वास है, इसलिए रशिया आगे चलकर जागतिक एवं क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए कायम काम करेगा, ऐसा राष्ट्राध्यक्ष पुतिन ने कहा है। अमरिका ने सीरिया पर मिसाइल दागे तो रशिया भी मिसाइल रोकने और उसे रशिया से उत्तर मिलेगा, ऐसी अधिकृत भूमिका रशिया ने ली है। सीरिया पर अमरिका का हमला मतलब हम पर किया हमला है, ऐसा रशिया अलग शब्दों में कह रहा है। ऐसा होते हुए पुतिन ने होशियारी का पुरस्कार करके विशेषज्ञों का ध्यान केंद्रित किया है।

रशियन राष्ट्राध्यक्ष ने अपनी भूमिका बिल्कुल सौम्य नहीं की है। इसके विपरीत वह अधिक प्रखर की है, ऐसा निष्कर्ष राष्ट्राध्यक्ष पुतिन के विधान से निकल रहा है। रशिया आगे चलकर सीरिया को बचाने के लिए अथवा अपने हितसंबंधों के लिए जो कुछ कदम उठाएगा वह अंतरराष्ट्रीय स्थिरता एवं सुरक्षा के लिए आवश्यक होंगे। इस बारे में वापसी नहीं की जा सकती, ऐसा रशियन राष्ट्राध्यक्ष कह रहे हैं। रशिया की इन गतिविधियों पर अगर अमरिका और अमरिका के मित्र देशों ने कार्रवाई की, तो वह मूर्खता होगी। क्योंकि उसके बाद भयंकर घटनाओं की श्रृंखला शुरु होगी और किसी भी कोई भी होशियार नेता अथवा देश वह होने नहीं देगा, ऐसा तर्क राष्ट्राध्यक्ष पुतिन ने अपने उन विधानों के पीछे रखा था।

इसीलिए राष्ट्राध्यक्ष पुतिन ने किया विधान ऊपरी तौर पर सौम्य एवं शीत लगने वाले हैं, पर उसके पीछे होने वाले संदेश अत्यंत विस्फोटक और विनाशकारी होने के संकेत मिल रहे हैं।