संघर्षविराम की चर्चा के शुरू रहते समय ही सीरिया स्थित ‘होम्स’ में आत्मघाती हमले; ५० लोगों की मौत

जीनिव्हा/दमास्कस, दि. २६: सीरिया के ‘होम्स’ इलाके में आतंकवादियों ने किये शृंखलात्मक आत्मघाती विस्फोटों में ५० लोगों की जानें गयी हैं| अल कायदा संलग्न ‘तहरीर अल-शाम’ इस नये संगठन ने इस होम्स के हमले की ज़िम्मेदारी का स्वीकार किया है| सीरिया के संघर्षविराम के मामले में, अस्साद सरकार और विद्रोही संगठनों के बीच जीनिव्हा में बातचीत शुरू होते ही आतंकवादियों ने ये हमले करके इस चर्चा को झटका दिया, ऐसी आलोचना आंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हो रही है|

स्वित्जलैंड के जीनिव्हा में पिछले दो दिनों से सीरिया के संघर्षविराम को लेकर आंतर्राष्ट्रीय बातचीत शुरू है| इस चर्चा में, सीरिया की अस्साद सरकार के विशेष दूत ‘बशर अल-जाफरी’ के साथ, ‘फ्री सीरियन आर्मी’ इस प्रमुख विद्रोही संगठन के प्रतिनिधि भी शामिल हुए थे| इससे पहले, रशिया, तुर्की और ईरान की मध्यस्थता से सीरियन सरकार और विद्रोहियों के बीच तीन चर्चाएँ सफल हुई थीं| अगले सप्ताह में इन तीनों देशों की पहल से एक और चर्चा संपन्न होगी|

पिछले दो महीनों में संपन्न हुईं इन चर्चाओं के कारण, सीरियन सेना और विद्रोहियों के बीच का संघर्ष बड़ी मात्रा में कम हुआ था| सिर्फ़ सीरिया के कुछ इलाकों में ‘आयएस’ और अल कायदा संलग्न आतंकवादी संगठनों के साथ सेना का भी संघर्ष शुरू था| जीनिव्हा में संयुक्त राष्ट्रसंघ की मध्यस्थता से होनेवाली यह चर्चा भी सफल हुई, तो सीरिया में संघर्षविराम होने का मार्ग खुल जायेगा, ऐसा कहा जाता है| इस पृष्ठभूमि पर, जीनिव्हा की बैठक पर रशिया, अमरीका समेत सभी प्रमुख देशों का ध्यान लगा हुआ है|

लेकिन इस चर्चा का नतीजा घोषित होने से पहले ही सीरिया के ‘होम्स’ शहर में आतंकवादियों ने शृंखलात्मक आत्मघाती विस्फोट किये| सीरिया की यंत्रणा ने दी जानकारी के अनुसार, सेना के मुख्यालय को लक्ष्य करने के लिए ये हमले हुए| साथ ही, तीन आतंकवादियों ने आत्मघाती विस्फोट किये, यह भी सीरियन यंत्रणा ने घोषित किया| लेकिन अल कायदा संलग्न ‘तहरीर अल-शाम’ द्वारा जारी की गयी जानकारी में, पाँच आतंकवादियों ने ये विस्फोट किये, ऐसा दावा किया गया है| ‘तहरीर अल-शाम’ यह संगठन ‘जबात फतेह अल-शाम’ और ‘जबात अन्सर अल-दीन’ इन आतंकी संगठनों से बना हुआ है| सीरिया के ‘आयएस’ के प्रभाव को चुनौती देने के लिए अल कायदा के इस संगठन की स्थापना हुई, ऐसा दावा किया जाता है|

होम्स के इन हमलों पर दुनियाभर से कडी प्रतिक्रियाएँ आ रही हैं| सीरिया में हुए इन घिनौने आतंकी हमलों के लिए ज़िम्मेदार रहनेवालों पर कड़ी कार्रवाई होनी ही चाहिए, ऐसी माँग रशियन विदेशमंत्रालय ने की| वहीं, संयुक्त राष्ट्रसंघ ने, ये आतंकी हमले मतलब सीरियाविषयक चर्चा में रोड़े उपस्थित करने हेतु की जानेवाली साज़िश है, ऐसी आलोचना की|

इस दौरान, सीरिया के राजदूत जाफरी ने भी होम्स के इन हमलों की कडी आलोचना करते हुए, सीरिया में संघर्षबंदी का विरोध करनेवाले ये हमले कर रहे हैं, ऐसा इल्ज़ाम लगाया| संयुक्त राष्ट्रसंघ की इस बैठक में शामिल हुआ हर देश और संगठन इस हमले की कड़े शब्दों में आलोचना करें, ऐसा आवाहन सीरिया के विशेष दूत जाफरी ने किया| होम्स के हमले की निंदा न करनेवाले देश और संगठन ‘आतंकवादसमर्थक’ के तौर पर पहचाने जायेंगे, ऐसी चेतावनी जाफरी ने दी| जाफरी के इस आलोचना के बाद ‘फ्री सीरियन आर्मी’ ने इस विस्फोट का निषेध किया है|