बुर्किना फासो में चर्च पर हुए आतंकी हमलें में धर्मगुरू समेत छह लोगों की मौत

तृतीय महायुद्ध, परमाणु सज्ज, रशिया, ब्रिटन, प्रत्युत्तरबुर्किना फासो – रविवार के दिन पश्‍चिमी अफ्रीका में बुर्किना फासो में ख्रिस्त धर्मियों के प्रार्थनास्थल पर हुए भीषण आतंकी हमलें में छह लोगों की मौत हुई है| इस हमलें के पीछे इस्लाम धर्मिय आतंकी संगठन का हात होने की संभावना स्थानिय सूत्रों ने व्यक्त की है| पिछले १५ दिनों में बुर्किना फासो में ख्रिस्त धर्मिययों के प्रार्थनास्थल होनेवाले चर्च पर हुआ यह दुसरा आतंकी हमला है| इन हमलों की वजह से बुर्किना फासो के साथ पश्‍चिमी अफ्रीका में इस्लामी आतंक का खतरा फिर एक बार तीव्र हो रहा है, यह बात स्पष्ट हुई है|

बुर्किना फासो की उत्तरी हिस्से के ‘डॅब्लो’ शहर में रविवार सुबह कॅथलिक चर्च में प्रार्थना का आयोजन किया गया था| यह प्रार्थना खतम होने के बाद चर्च में मौजूद बाहर निकल रहे थे तभी करीबन २० से ३० आतंकीयों के गुट ने यकायक हमला करके गोलीयों की बौछार शुरू की| इस गोलीबारी में चर्च के धर्मगुरू समेत छह लोगों की मौत हुई| इसके बाद हमलावर आतंकियों ने चर्च में आग लगाई और इस आग में चर्च पूरी तरह जल गया है, यह जानकारी ‘डॅब्लो’ के मेयर बोकारी झोंगो इन्होंने दी|

चर्च में आगजनी करने के बाद हमलावरों ने इर्दगिर्द की दुकानों में लूट की और भाग खडे हुए| इस हमलें के बाद शहर में डर का माहौल है और स्थानिक नागरिकों ने खुद को घर में ही बंद किया है| शहर में अधिकांश दुकान और अन्य उपक्रम भी पूरी तरह से बंद रखी गई है, यह जानकारी मेयर झोंगो ने दी| इस शहर में हुआ यह पहला ही आतंकी हमला होने की जानकारी भी उन्होंने इस दौरान दी|

बुर्किना फासो में पिछले १५ दिनों में चर्च पर हुआ यह दुसरा आतंकी हमला है| इसके पहले २८ अप्रैल के दिन बुर्किना फासो के उत्तरी हिस्से में सोअम क्षेत्र के चर्च पर आतंकी हमला हुआ था| इस हमलें में ‘पॅस्टर’ समत पाच लोगों की मौत हुई थी| इस्लामी आतंकियों ने चर्च को लक्ष्य करने की वह पहली घटना हुई थी| लेकिन, उसके बाद सीर्फ दो हफ्तों में चर्च पर दुबारा हमला होना ध्यान खिंच रहा है|

बुर्किना फासो में बढ रही इन आतंकी हमलों के पीछे पडोसी देश माली के आतंकी संगठनों का बढता प्रभाव कारण होने की बात समझी जा रही है| माली में अल कायदा से जुडी और ‘आईएस’ जैसी आतंकी संगठन सक्रिय है| यह संगठना अपना प्रभाव बढाने के लिए ‘बुर्किना फासो’ में अड्डा बनाने की कोशिश में है और इस देश में बढ रहे हमलें उसी कोशिश का हिस्सा समझा जा रहा है| फ्रान्स ने यूरोपिय देशों की सहायता से इस क्षेत्र में आतंकविरोधी मुहीम शुरू की है और हजारों सैनिक तैनात किए है| लेकिन, इस मुहीम को उम्मीद के नुसार सफलता प्राप्त नही हुई है और बुर्किना फासो के साथ पडोसी देशों में हो रहे हमलें यही संकेत देनेवाले साबित होते है|