पाकिस्तान दहशतगर्दों पर कारवाई नही करता है तो ईरान पाकिस्तान में घुंसकर बदला लेगा – ईरान के रिव्होल्यशनरी गार्डस् के प्रमुख का इशारा

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वॉशिंगटन – ‘ईरान में आतंकी हमले कर रहे और ईरानी सैनिकों को अपहरण करनेवाला पाकिस्तान खुद के देश में रहनेवाले दहशतगर्दों पर कारवाई करता नही है तो ईरान पाकिस्तान में घुंसकर हम पर हो रहे हमलों का प्रतिशोध लेगा| पाकिस्तान की ‘आईएसआई’ एवं दहशतगर्दों के बीच हो रहे सहयोग की किमत पाकिस्तान को चुकानी होगी’, ऐसी कडी चेतावनी ईरान के रिव्होल्युशनरी गार्डस् के प्रमुख मोहम्मद अली जाफरी इन्होंने दी है| साथ ही ऐसी कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय नियमों के नुसार कानुनन होती है, यह बताकर जाफरी इन्होंने पाकिस्तान को अगले परीणामों का एहसास कराया है| इस दौरान, ईरान की धमकी से डरे पाकिस्तान ने ईरानी सैनिकों को छुडाने के लिए सरहदी क्षेत्र में कार्रवाई शुरू करने का ऐलान किया है|

पिछले महीने में १३ फरवरी की रात पाकिस्तान में डेरा जमाए बैठे दहशतगर्द संगठन ने ईरान के ‘सिस्तान-बलोचिस्तान’ प्रांत में सफर कर रहे ‘रिव्होल्युशनरी गार्डस्’ के गाडी पर आत्मघाती हमला किया था| पाकिस्तानी आतंकियों के इस हमलें में रिव्होल्युशनरी गार्डस् के २७ सैनिकों की मौत हुई थी| इस हमले के बाद ईरान सरकार और साथ में ईरानी सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने पाकिस्तान को आतंकी संगठनों पर कार्रवाई करने की चेतावनी दी थी| पाकिस्तानी सेना इन आतंकी संगठनों पर कार्रवाई करती नही है तो ईरान पाकिस्तान में ‘सर्जिकल स्ट्राईक’ करेगा, यह ऐलान भी ईरान ने किया था|

ईरान से प्राप्त हुई इस धमकी के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इम्रान खान इन्होंने सरहदी क्षेत्र के आतंकियों पर कार्रवाई करने का वादा किया था| साथ ही जल्द ही ईरान को इस कार्रवाई का अच्छा समाचार प्राप्त होगा, यह घोषणा भी इम्रान खान ने की थी| लेकिन, पाकिस्तान में आतंकी संगठनों के पुख्ता समर्थक एवं ‘तालिबान खान’ के तौर पर पहचाने जा रहे प्रधानमंत्री इम्रान खान इन्होंने किए इस ऐलान को दस दिन बित चुके है| उसके बाद भी सरहदी क्षेत्र में आतंकियों के विरोध में किसी भी प्रकार की कार्रवाई की नही गई है| इस पृष्ठभूमि पर ईरान की रिव्होल्युशनरी गार्डस् के प्रमुख जाफरी इन्होंने पाकिस्तान को दम भरा है|

ईरान आतंकी संघटनों पर प्रतिशोध लेने से पहले पाकिस्तान अपने देश के इन आतंकी संगठनों पर कार्रवाई करे| यदि पाकिस्तान यह कार्रवाई करने में असफल होता है तो, अंतरराष्ट्रीय नियमों के नुसार इन आतंकियों पर कार्रवाई करने के लिए ईरान पाकिस्तान में घुंसने के लिए विवश होगा, ऐसी धमकी जाफरी इन्होंने दी है| साथ ही पाकिस्तान की कुख्यात गुप्तचर यंत्रणा ‘आईएसआई’ पर भी जाफरी ने कडी आलोचना की है| ‘आईएसआई’ से ‘जैश अल अदल’ जैसी आतंकियों को प्राप्त हो रहे समर्थन की किमत पाकिस्तान को चुकानी पड रही है और इसके आगे यह किमत काफी बडी होगी’, इसका एहसास जाफरी इन्होंने कराया है|

सौदी अरब के क्राउन प्रिन्स मोहम्मद बिन सलमान इनकी पाकिस्तान यात्रा एवं पाकिस्तान ने सौदी के साथ स्थापित किया हुआ सहयोग ईरान को मंजूर नही है, यह जाफरी इन्होंने स्पष्ट किया| प्रधानमंत्री इम्रान खान इन्होंने सत्ता प्राप्त करने के बाद पाकिस्तान अधिक से अधिक सौदी की ओर झुक रहा है, इस बात पर भी जाफरी ने ध्यान आकर्षित किया| सौदी और संयुक्त अरब अमिराती के साथ बनाए संबंध पाकिस्तान के हित में नही है, यह चेतावनी भी जाफरी इन्होंने दी| प्रधानमंत्री इम्रान ने सौदी एवं अमिराती की यात्रा करके पाकिस्तान के लिए आर्थिक सहायता देने की मांग की थी| इन दोनों देशों ने पाकिस्तान को आर्थिक सहायता देने का वादा भी किया था|

इस दौरान, पाकिस्तान में घुंसकर कार्रवाई करने की धमकी ईरान ने देने के बाद पाकिस्तान की सेनाने सरहदी क्षेत्र में आतंकियों कें विरोध में कार्रवाई शुरू करने का दावा किया है| लेकिन, पाकिस्तान के वादे पर अपना भरोसा नही है, पाकिस्तान आतंकियों के विरोध में पुख्ता कार्रवाई करके दिखाए, यह ईरान की मांग है|