विश्‍वभर की आतंकी हमलों का उगमस्थल और केंद्र एक ही जगह – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इनकी पाकिस्तान पर कडी आलोचना

सिंगापूर – विश्‍वभर हो रहे सभी आतंकी हमलो का उगम स्थल और केंद्र एक ही जगह पर मिलते है, इन गिने चुने शब्दों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन्होंने पाकिस्तान पर मर्मभेदी हमला किया है| अमरिकी उपराष्ट्राध्यक्ष माईक पेन्स इनके साथ हुई चर्चा के दौरान भारतीय प्रधानमंत्रीने पाकिस्तान को मलिन किया, यह जानकारी विदेश सचिव विजय गोखले इन्होंने दी| सिंगापूर में ‘ईस्ट एशिया समिट’ की पृष्ठभुमि पर अमरिकी उपराष्ट्राध्यक्ष पेन्स और प्रधानमंत्री मोदी इनके बीच चर्चा हुई| साथ ही प्रधानमंत्री मोदी इन्होंने थायलंड, ऑस्ट्रेलिया और सिंगापूर के राष्ट्रप्रमुखों के साथ द्विपक्षिय चर्चा की|

अमरिका के उपराष्ट्राध्यक्ष और प्रधानमंत्री मोदी में हुई चर्चा में भारत-अमरिका रक्षा सहयोग, इंडो-पसिफिक, द्विपक्षिय व्यापार सहित अन्य मुद्दों पर प्रधानता से विचार हुआ| इस दौरान अमरिकी उपराष्ट्राध्यक्ष पेन्स ने मुंबई पर हुए २६/११ के आतंकी हमले का १० वा स्मृति दिन नजदिक है, यह संदर्भ दिया| इस पर विश्‍वभर में हो रहे हमलों का केंद्र एकही जगह है, इसकी याद दिलाने पर उपराष्ट्राध्यक्ष पेन्स ने प्रधानमंत्री मोदी के प्रति आभार जताया| पाकिस्तान का सीधा नामोल्लेखन किये बिना प्रधानमंत्री ने इसी देश में आतंकवाद का केंद्र है, यह तमाचा जडा|

इसी के साथ २६/११ के आतंकी हमले का षडयंत्र करनेवाला हफिज सईद पाकिस्तान में खुले आम संचार कर रहा है, इस पर चिंता जताई| इसके अलावा सईद पाकिस्तान में चुनाव लढ रहा है, इस का दाखिला देकर प्रधानमंत्री मोदी ने पेन्स के साथ हुई चर्चा में चिंता व्यक्त की| आतंकी संगठन का नेता चुनाव लढ सकता है, यह केवल भारत और अमरिका के लिये चिंता का विषय नही बनता| बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिये भी गंभीर समस्या साबित होती है, यह दावा प्रधानमंत्री मोदी इन्होंने कियास ऐसी जानकारी विदेश सचिव विजय गोखले इन्होंने दी|

आतंकवाद के विरोध में भारत और अमरिका अंतरराष्ट्रीय समुदाय का सहयोग विकसित कर रहे है और दोनों देशोंने आक्रामक भुमिका अपनाई है, ऐसा विदेश सचिव गोखले ने कहा है|

इस दौरान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन्होंने ‘ईस्ट एशिया समिट’ की पृष्ठभुमि पर सिंगापूर के प्रधानमंत्री ‘ली हैसेन लूंग’ इनकी भेंट करके उनके साथ द्विपक्षिय चर्चा की| साथ ही ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री मॉरिसन और थायलैंड के प्रधानमंत्री ‘जनरल प्रयुत चान-ओ-चा’ इनके साथ भी प्रधानमंत्री मोदी की चर्चा हुई|

पाकिस्तान का नामोल्लेखन किये बिना भारतीय प्रधानमंत्री ने जागतिक आंतकवाद का केंद्र इसी देश में है, ऐसे आरोप फिर एक बार किये है| भारतीय प्रधानमंत्री के इस दावे को अमरिका से भी समर्थन मिल रहा है| इस वजह से पाकिस्तान के सामने बडी मात्रा में चुनौती खडी हो रही है|

फिल हाल अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से कर्जा प्राप्त करके ढह रही अपनी अर्थव्यवस्था संवारने के लिये पाकिस्तान की कोशिश शुरू है| मुद्रा कोष से कर्जा मिलने के लिये पाकिस्तान को अमरिका की मिन्नत करनी होगी, इसका एहसास कुछ विश्‍लेषक और अर्थतज्ञ पाकिस्तान को करा रहे है| इसके बावजूद पाकिस्तान आतंकियों पर कार्यवाही करने की अमरिका की मांग पाकिस्तान पूरी करने के लिये तैयार नही|

इस वजह से अमरिका पाकिस्तान के विषय में अधिक आक्रामक भुमिका अपना रही है और राष्ट्राध्यक्ष ट्रम्प का प्रशासन पाकिस्तान को नोक पर ले रहा है| फिर भी पाकिस्तान सरकार और लष्कर हफिज सईद जैसे आतंकवादी नेता और तालिबानी आतंकवादियों पर कार्यवाही करने के लिये तैयार नही है| और यह आतंकवादी पाकिस्तान में खुले आम घुम रहे है और पाकिस्तान सरकार को चुनौती भी दे रहे है| अब तक पाकिस्तान की यह आंतकवाद के प्रति लगाव रखने की नीति भले ही चलती रही हो, लेकिन आगे चलते पाकिस्तान को इसके गंभीर परिणाम भुगतने पडेंगे, यह संदेशा भारत और अमरिका दे रहे है| प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमरिका के उपराष्ट्राध्यक्ष माईक पेन्स इनकी भेंट के दौरान २६/११ के आतंकी हमले पर हुई चर्चा यही दाखिला दे रही है|