ईरान, तुर्की और सीरिया की धमकी के बाद इस्रायल ने गोलान पर सेना की तैनाती बढाई

तृतीय महायुद्ध, परमाणु सज्ज, रशिया, ब्रिटन, प्रत्युत्तरजेरूसलम/पैरिस – अमरिकी राष्ट्राध्यक्ष डोनाल्ड ट्रम्प ने गोलान के बारे में की हुई घोषणा के बाद ईरान सीरिया एवं तुर्की आक्रामक हुए हैं| सीरिया ने लष्करी कार्रवाई करके संपूर्ण गोलान का कब्जा लेने की धमकी दी है और ईरान एवं तुर्की भी इस्रायल के विरोध में कार्रवाई के संकेत दे रहा है| ईरान एवं ईरान से जुडे आतंकी संगठनों ने इससे पहले भी इस्रायल के गोलान सीमा के पास अड्डा बनाया था| इस पृष्ठभूमि पर इस्रायल ने गोलान पहाड़ियों पर अपनी लष्करी तैनाती बढ़ाई है| तथा गोलान और ईरान के मुद्दे पर चर्चा करने के लिए इस्रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेत्यान्याहू रविवार को अमरिका के लिए रवाना हुए हैं|

गोलान पहाड़ियों पर इस्रायल के सार्वभौम अधिकार को मंजूरी देने का समय आया है, ऐसी घोषणा अमरिकी राष्ट्राध्यक्ष डोनाल्ड ट्रम्प ने २ दिनों पहले की थी| गोलान पहाड़ियों के भूभाग का इस्रायल के सुरक्षा के लिए धारणात्मक महत्व होकर, इस क्षेत्र की स्थिरता एवं सुरक्षा से निकटतम संबंध होने की बात ट्रम्प ने कही थी| पर अमरिकी राष्ट्राध्यक्ष के इस घोषणा की वजह से इस्रायल की सुरक्षा संकट में डालने की चेतावनी सीरिया, इराक एवं तुर्की तथा खाड़ी क्षेत्र के माध्यम दे रहे हैं|

अमरिका की यह घोषणा मतलब अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन होने की आलोचना करके सीरियन विदेश मंत्रालय ने लष्करी सामर्थ्य का उपयोग करके इस्रायल के गोलान का भी कब्जा प्राप्त करने की घोषणा की थी| अमरिका ने इस्रायल को दिया वचन कभी भी पूर्ण ना होने की बात कहकर गोलान का कब्जा प्राप्त करने के लिए सीरिया सभी विकल्पों का उपयोग करेगा, ऐसी धमकी सीरिया के विदेश मंत्रालय ने दी थी| तथा गोलान पर इस्रायल का कब्जा गैरकानूनी एवं नामंजुर होकर, वह किसी भी परिस्थिति में स्वीकारा नहीं जाएगा, ऐसा ईरान के विदेश मंत्री जावेद जरीफ ने घोषित किया था|

तुर्की के विदेश मंत्रालय ने इस्रायल के प्रधानमंत्री की घोषणा इस क्षेत्र में नए संघर्ष को निमंत्रण देनेवाली है, ऐसा कहा था| ईरान सीरिया एवं तुर्की ने अमरिकी राष्ट्राध्यक्ष के निर्णय के विरोध में अपनाई भूमिका का फ्रान्स ने समर्थन किया है| इस्रायल का गोलान पर सार्वभौम अधिकार यानी अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन होगा, ऐसी आलोचना फ्रान्स के विदेश मंत्रालय ने की है|

इस्रायल के पड़ोसी देशों से मिली इन धमकियों की पृष्ठभूमि पर इस्रायल ने गोलान सीमा भाग में लष्करी तैयारी बढ़ाई है| गोलान में किसी भी प्रकार का संघर्ष ना भड़के इसलिए इस्रायल ने सीमा भाग में लष्करी तथा पुलिस बल तैनात किया है| साथ ही सीरिया से होनेवाले रॉकेट हमलों को प्रतिउत्तर देने के लिए पहले ही हवाई सुरक्षा यंत्रणा तैनात है|

दौरान पिछले कुछ दिनों से इस्रायल एवं सीरिया के गोलान सीमा भाग में तनाव निर्माण हुआ है| सीरिया के सीमा भाग से इस्रायल के गोलान पहाड़ियों की सीमा पर रॉकेट तथा मिसाइल हमले हुए हैं| इस्रायली लष्करी ने भी सीमा के पास ईरान एवं ईरान से संबंधित गुटों पर कार्रवाई बढ़ाई है| इस्रायल के इन हमलों में ईरान संबंधित गुटों को बड़ी जीवित हानि सहनी पड़ रही है, ऐसा दावा किया जा रहा है| तथा आनेवाले समय में गोलान पर यह संघर्ष तीव्र होने की चिंता व्यक्त की जा रही है|