मालदीव के सागरी क्षेत्र में भारत और मालदीव के नौदल की संयुक्त गश्ती

माले: हिंद महासागर में मालदीव के विशेष आर्थिक क्षेत्र में भारत और मालदीव के नौदल संयुक्त गश्ती करने वाले हैं पिछले कई वर्षों में मालदीव पर चीन का प्रभाव बढ़ा है। तथा ३ महीनों में मालदीव में इमरजेंसी के बाद यह देश चीन के पक्ष से अधिक झुकता दिखाई दे रहा है। इस पृष्ठभूमि पर दोनों देशों के नौदल के संयुक्त गश्ती का यह निर्णय महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

मालदीव के सागरी क्षेत्र में भारतीय नौदल की आयएनएस सुमेधा यह युद्धनौका संयुक्त गश्ती में शामिल हुई है। तथा वहां भारत और मालदीव के नौदल का संयुक्त युद्धाभ्यास भी होनेवाला है। संयुक्त गश्ती और युद्धाभ्यास के माध्यम से मालदीव के ईईझेड सुरक्षा उपलब्ध कराने का भारतीय नौदल का प्रयत्न होने की बात नौदल के प्रवक्ता कैप्टन डीके शर्मा ने कही है।

गश्ती के साथ आयएनएस सुमेधा ने ऑपरेशन टर्न अराउंड में सहभाग लिया है। इस समय इस युद्धनौका पर नौदल अधिकारियों ने मालदीव नेशनल डिफेंस फोर्स के अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया है एवं उनके साथ चर्चा भी संपन्न हुई है। दौरान पिछले महीने से मालदीव के सागरी क्षेत्र में इंडियन नेवी मरीन कमांडो (मार्को) का युद्धाभ्यास शुरू हुआ है। मालदीव के सागरी क्षेत्र में शुरू होनेवाला ‘एकता २०१८’ यह युद्धाभ्यास हुआ। पिछले हफ्ते इस युद्धाभ्यास में मालदीव के भारतीय राजदूत उपस्थित रहे।

दौरान फरवरी महीने में मालदीव में इमरजेंसी घोषित होने के बाद भारत और मालदीव के संबंध बिगड़े हुए थे। मालदीव ने भारत के साथ मिलन युद्धाभ्यास से वापसी की थी। तथा भारत ने दिये हेलीकॉप्टर भी मालदीव ने वापस भेजे थे। मालदीव के सरकार ने चीन के प्रभाव की वजह से यह भारत विरोधी निर्णय लिये थे, यह बात उजागर हुई थी। इसकी वजह से अपने सागरी क्षेत्र में भारतीय नौदल के साथ संयुक्त गश्ती करने का मालदीव ने लिया निर्णय इस देश की सरकार की भारत के बारे में भूमिका सौम्य होने के संकेत दे रहा है।

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