तैवान की हवाई सीमा के पास चीन के बॉम्बर विमान की गश्त – अमरिका के विदेश मंत्रालय से चीन की आलोचना

तायपेई / बीजिंग / वाशिंग्टन: अमरिका और तैवान में प्रस्थापित हो रहे लष्करी सहयोग की वजह से अस्वस्थ हुए चीन ने तैवान के हवाई सीमा के पास युद्धाभ्यास का आयोजन किया है। तैवान के हवाई क्षेत्र में अपने बॉम्बर्स लड़ाकू विमान रवाना करके चीन ने तैवान को चेतावनी दी है। इस पर तैवान के एफ-१६ लड़ाकू विमानों ने चीन के बॉम्बर्स का पीछा करने से पूर्व आशिया में तनाव निर्माण हुआ है। दौरान तैवान के हवाई सीमा के पास चीनके विमानों की बढ़ती गश्ती पर अमरिका के विदेश मंत्रालय ने आलोचना की है।

अमरिका के राष्ट्राध्यक्ष डोनाल्ड ट्रम्प ने पारित किए तैवान ट्रेवल एक्ट के बाद अमरिका और तैवान में सहयोग गतिमान हो रहा है। इस सहयोग का महत्वपूर्ण स्तर के तौर पर दिनों पहले राजधानी तैपेई में ‘तैवान यूएस डिफरेंस बिजनेस फोरम’ इस लष्करी चर्चा सत्र का आयोजन किया गया। यूएस तैवान बिजनेस डेवलपमेंट, यूएस तैवान बिजनेस काउंसिल और तैवान डिफेंस इंडस्ट्री डेवलपमेंट एसोसिएशन इनके प्रयत्नों से पहली बार इस प्रकार की द्विपक्षीय लष्करी चर्चासत्र संपन्न हुआ है।

इसमें दोनों देशों में विध्वंसक निर्माण साइबर सुरक्षा, हवाई जहाजों क निर्माण उद्योग ऐसे रक्षा क्षेत्र के सहयोग पर चर्चा होने की जानकारी सामने आई है। प्रतिवर्ष तैवान में हो रही इस चर्चा में आगे चलकर अमरिका के लॉकहिड मार्टिन, रेदौन, क्यूबिक और बीएई सिस्टम और रक्षा क्षेत्र के अग्रणी के कंपनियां शामिल होने का दावा किया जा रहा है।

अमरिका और तैवान में हुई इस बैठक के बाद चीन से तत्काल प्रतिक्रिया आ रही है। चीन में बाशी आखात इस हवाई क्षेत्र में युद्धाभ्यास का आयोजन किया है। तैवान और फिलिपाईन्स को अलग करने वाले बाशी आखात के पास शुरू इस युद्धाभ्यास में चीन के वायुसेना के शियान एच६-के इस बॉम्बर्स के साथ सुखोई सू-३५ और शेनयांगजे५ ऐसे लड़ाकू विमानों ने सहभाग लिया था। तथा भारी लष्करी विमान शांक्सी वाय-८ और २-१५४ विमान भी इस युद्धाभ्यास में शामिल हुआ।

इनमें से चीन के एच-६के के बॉम्बर्स और सू-३५ विमान तैवान के हवाई सीमा के पास मंडराये थे। सू-३५ का यह अभ्यास मतलब चीनी लड़ाकू विमान संघर्ष के लिए तैयार होने की गवाही है, ऐसा चीन के लष्करी विश्लेषक सॉन्ग झोंगपिंग ने कहा है। तथा चीन के कई लष्करी विश्लेषकों ने चीन का यह युद्धाभ्यास तैवान के लष्कर के लिए चेतावनी होने का दावा किया है।

पर चीन के युद्ध अभ्यास को तैवान के हवाई दल ने कुछ ही मिनटों में प्रत्युत्तर दिया है। तैवान के एफ-१६ लड़ाकू विमानों ने चीन के बॉम्बर्स का पीछा करते हुए तैवान के हवाई सीमा से बाहर निकाला है। तैवान के इस विमान के फोटोग्राफ्स भी तैवान के माध्यमों में प्रसिद्ध किए गए हैं। इससे पहले भी तैवान के सागरी सीमा में घुसने का प्रयत्न करनेवाले चीन के युद्ध नौकाओं को तैवान के विध्वंसकोने रोका था। पिछले कई हफ्तों से चीन के बढ़ते आक्रामकता को तैवान से प्रत्युत्तर मिलने लगा है। तैवान के रक्षा मंत्रालय और लष्करी अधिकारी चिनके आक्रमकता को प्रत्युत्तर देने के लिए तैयार होने की चेतावनी दे रहे हैं।

दौरान तैवान की सीमा के पास चीन के विमान मंडराने पर अमरिका के विदेश मंत्रालय ने आलोचना की है। तथा आशिया प्रशांत क्षेत्र में तनाव निर्माण करनेवाले चीन के एक तरफा कारवाईयों को अमरिका का विरोध होगा, ऐसी चेतावनी अमरिका के विदेश मंत्रालय ने दी।

तुर्की में ५० अमरिकी परमाणु बम असुरक्षित
‘पाकिस्तान बलुचिस्तान में वंशसंहार कर रहा है’ : बलुच नेताओं का इल्ज़ाम
‘भारत-जापान के बीच के परमाणु समझौते के प्रावधानों की चिंता नहीं’ : सरकारी सूत्रों ने दिलाया यक़ीन
‘पाकिस्तान दुनिया के लिए सबसे खतरनाक देश’ : सीआयए के पूर्व अधिकारी का दावा
इराक के संघर्ष में ‘आयएस’ के परास्त होने की ‘आयएस’ प्रमुख बगदादी की स्वीकृति
इटली दो लाख शरणार्थियों को यूरोपीय महासंघ का ‘वीसा’ देने वाली है- इटली के उप विदेशमंत्री की धमकी
जम्मू कश्मीर की नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तान से तोंफो से हमला
अमरिका सीरिया के टुकड़े करने की कोशिश में - रशिया के विदेश मंत्री का आरोप

Leave a Reply

Your email address will not be published.