इमानदार और कार्यक्षम प्रशासन जम्मू-कश्मीर में शांति लाएगा – केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह

श्रीनगर: ‘इमानदार, प्रभावशाली और कार्यक्षम प्रशासनही जम्मू कश्मीर में शांति और स्थैर्य प्रस्थापित कर सकता है’, ऐसा भरोसा केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने व्यक्त किया है। वर्तमान में राजनाथ सिंह जम्मू-कश्मीर के दौरे पर हैं, उन्होंने उच्च स्तरीय सुरक्षा विषयक बैठक का आयोजन किया था। इसमें जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल एन. एन. व्होरा, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोवल, गृह सचिव राजीव गौबा और सुरक्षा बल के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

जम्मू-कश्मीर में मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने इस्तीफा देने के बाद २० जून से राज्यपाल शासन लागू किया गया था। इसके बाद राज्य में आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई अधिक प्रभावशाली की जा सकती है, ऐसा विश्वास सुरक्षा बल के अधिकारी व्यक्त कर रहे हैं। केंद्र सरकार ने भी जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बालों की तैनाती बढ़ाकर आतंकवादियों पर इसके आगे अधिक कठोर कार्रवाई की जाएगी, ऐसे स्पष्ट संकेत दिए हैं। इसका असर भी दिखाई देने लगा है और आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ चलती है तब जवानों पर पथराव करने वाले अब भागते दिखाई देने लगे हैं।

इमानदार, कार्यक्षम प्रशासन, जम्मू-कश्मीर, शांति लाएगा, केन्द्रीय गृहमंत्री, राजनाथ सिंह, श्रीनगर, अजित डोवलइस पृष्ठभूमि पर केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने जम्मू-कश्मीर का दौरा किया है। राज्यपाल शासन लागू होने के बाद उनका इस राज्य का यह पहला दौरा है। गृहमंत्री ने इस दौरान उच्च स्तरीय सुरक्षा विषयक बैठक का आयोजन करके मुआइना किया है। जम्मू-कश्मीर में शांति और स्थैर्य प्रस्थापित करने के लिए केंद्र सरकार वचनबद्ध है ऐसा कहकर गृहमंत्री ने इमानदार, प्रभावशाली और कार्यक्षम प्रशासन यह कार्य करके दिखाएगा, ऐसा भरोसा व्यक्त किया है। विकास और समृद्धि का सपना वास्तव में उतारने के लिए जम्मू-कश्मीर में शांति और स्थैर्य प्रस्थापित होना आवश्यक है, इस बात की तरफ़ भी राजनाथ सिंह ने ध्यान आकर्षित किया है।

आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई के समय स्थानीय लोगों की तरफ से की जाने वाली पथराव की घटनाएं और प्रदर्शनों को कैसे टाला जा सकता है, इस पर सदर बैठक में चर्चा हुई है। दौरान, पिछले कुछ दिनों से जम्मू-कश्मीर के आतंकवादी संगठनों पर दबाव बढ़ने की बात स्पष्ट रूपसे सामने आई है। और आतंकवादी संगठनों के कमांडरों को खत्म करने में सुरक्षा बलों को सफलता मिली है। इस राज्य में रक्तपात करने वाले आतंकवादियों की सूचि सुरक्षा बलों ने बनाई है और उनको खत्म करने के लिए जोरदार गतिविधियाँ शुरू की हैं, ऐसा कहा जा रहा है। इस वजह से आतंकवादियों को भागने के लिए जमीन कम पड़ रही है। कुछ आतंकवादियों ने सरेंडर करने की भी खबरें आई हैं। लेकिन आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई को मिल रही यह सफलता जम्मू-कश्मीर के बागी और बागियों की सहायता करने वालों से देखा नहीं जा रहा है, इस वजह से वह अस्वस्थ हुए हैं। इसलिए पिछले कुछ हफ़्तों से जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों की कार्रवाई को कुछ लोग विरोध करने लगे हैं। लेकिन वर्तमान में प्रशासन राज्यपाल के हाथों में होने की वजह से किसी के भी विरोध की परवाह न करते हुए आतंकवादियों को खत्म करने का काम जारी रहेगा, ऐसे संकेत सुरक्षा बलों के अधिकारीयों ने दिए हैं।

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