रशिया सीरिया को दे रहे एस-३०० पर इस्रायल की चिंता

रशिया, एस-३००, सीरिया, हवाई सुरक्षा यंत्रणा, इस्राइल की चिंता, जेरूसलम, व्लादिमीर पुतिनजेरूसलम: अमरिका, फ्रान्स, ब्रिटेन और इस्रायल इन देशों के हवाई हमले का सामना करने कर रहे सीरिया को एस-३०० यह हवाई सुरक्षा यंत्रणा प्रदान करने की तैयारी रशियाने की है। इस बारे में हुए व्यवहारों की अधिक जानकारी उजागर नहीं हुई है, फिर भी यह इस्रायल की सुरक्षा के लिए चिंता की बात होने का दावा इस्रायल सेना के भूतपूर्व अधिकारियों ने किया है।

पिछले हफ्ते में सीरिया पर हुए हवाई हमले पर नाराजगी व्यक्त करके रशिया ने पाश्चिमात्य देशों को इशारा दिया था। इसके आगे सीरिया पर फिर से हवाई हमले हुए, तो उसे कड़ा प्रतिउत्तर मिलेगा ऐसा रशियन राष्ट्राध्यक्ष व्लादिमीर पुतिन ने सूचित किया था। उसके बाद रशियन संसद में रखी जानकारी में, सीरिया पर हमले रोकने के लिए अस्साद सल्तनत को प्रगत शस्त्रास्त्र प्रदान करने की घोषणा की गई थी। सीरिया की हवाई सुरक्षा सक्षम करने के लिए अस्साद सल्तनत को एस-३०० देना आवश्यक होने की बात रशियन संसद सदस्यों ने कही थी।

रशिया, एस-३००, सीरिया, हवाई सुरक्षा यंत्रणा, इस्राइल की चिंता, जेरूसलम, व्लादिमीर पुतिनइस्रायल के लष्करी गुप्तचर यंत्रणा के भूतपूर्व प्रमुख आमोस याद्लिन ने रशिया के इस घोषणा की तरफ गंभीरता से देखने का आवाहन किया है। सीरिया की हवाई सुरक्षा मजबूत करने के लिए रशिया सीरिया को एस ३०० की यकीनन सहायता कर सकता है, ऐसा दावा याद्लिन ने किया है। यह हवाई सुरक्षा यंत्रणा सीरिया के हवाई क्षेत्र में प्रवेश करनेवाली मिसाइल नष्ट करेगा। इसकी वजह से यह यंत्रणा सीरिया में तैनात होने का सबसे अधिक खतरा इस्रायल को होगा, ऐसा इशारा याद्लिन ने दिया है।

सन २०१३ में रशिया और सीरियन सल्तनत में एस-३०० के सहयोग के विषय में करार हुआ था। पर इस्रायल के जोरदार विरोध की वजह से रशियन राष्ट्राध्यक्ष ने सीरिया के साथ यह सहयोग रोका था। पर रशिया ने सीरिया को एस-३०० यंत्रणा प्रदान की तो इस मिसाइल भेदी यंत्रणा नष्ट करने के सिवाय दूसरा कोई विकल्प नहीं होगा। इस्रायल के वायुसेना की क्षमता ध्यान में रखते हुए इस्रायल ने ऐसी चुनौतियों का सामना करने की योजना तैयार रखी है, ऐसा यद्लिन ने कहा है।

पर ऐसा हुआ तो सीरिया में ७ वर्षों से शुरू गृहयुद्ध का रूपांतरण बड़े युद्ध में होगा, ऐसा इशारा इस्रायल के भूतपूर्व अधिकारी ने दिया है। सीरिया इस युद्ध में पूर्ण रुप से शामिल होगा और उसके बाद अमरिका और मित्र देश भी इस युद्ध में उतरेंगे ऐसी चिंता याद्लिन ने व्यक्त की है।