रशिया के अपप्रचार का प्रमाण ४ हजार प्रतिशत से बढ़ गया – ब्रिटन के प्रधानमंत्री की घनघोर टीका

रशिया, अपप्रचार का प्रमाण, ४ हजार प्रतिशत, थेरेसा, घनघोर टीका, ब्रिटन, पुतिनलंडन: सीरिया में हुए रासायनिक हमलों के मामले में रशिया की तरफ से ब्रिटन पर किए जाने वाले आरोपों पर ब्रिटन की प्रधानमंत्री थेरेसा मे ने कड़ी टीका की है।आज के समय में रशिया की तरफ से किए जाने वाला अपप्रचार का प्रमाण चार हजार प्रतिशत से बढने का आरोप प्रधानमंत्री मे ने किया है। उसी समय रशिया की तरफ से चल रहे अपप्रचार के दौरान, इसके खिलाफ सभी देश एकजुट होकर खड़े रहें, ऐसा आवाहन थेरेसा मे ने किया है। साथ ही ‘राष्ट्राध्यक्ष पुतिन की बदमाश प्रवृत्ति वाली राजवट का सामना करने के लिए प्रधानमंत्री मे ने उच्च स्तरीय समिति की स्थापना की है’, ऐसी जानकारी ब्रिटन के लोकप्रतिनिधियों ने दी है।

रशिया, अपप्रचार का प्रमाण, ४ हजार प्रतिशत, थेरेसा, घनघोर टीका, ब्रिटन, पुतिनसीरिया में हुए रासायनिक हमलों के पीछे अमरीका और ब्रिटन का हाथ है, ऐसा आरोप रशिया की से हो रहा है। इन आरोपों पर ब्रिटन की प्रधानमंत्री ने संतप्त प्रतिक्रिया दी है। इन हमलों के लिये रशिया ब्रिटन पर ही आरोप कर रहा है, और इसके लिए अपनी अपप्रचार यंत्रणा लगा रहे हैं, ऐसा आरोप मे ने लगाया है। ऐसा करके रशिया केवल ब्रिटन ही नहीं बल्कि अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था और नियमों को चुनौती दे रहा है, ऐसा थेरेसा मे ने कहा है। अपने अपप्रचार के लिए रशिया सिर्फ मीडिया का ही नहीं बल्कि सोशल मीडिया का भी इस्तेमाल कर रहा है, इस बात की तरफ भी मे ने ब्रिटन की जनता का ध्यान आकर्षित किया है। ऐसी परिस्थिति में ब्रिटन की जनता ने इसके खिलाफ जो कुछ भी किया जा सकता है, वह सब कुछ करना चाहिए, ऐसा आवाहन मे ने किया है।

रशिया के इस अपप्रचार की पृष्ठभूमि पर सभी देशों ने एकजुट और निश्चित होकर इस खतरे का सामना करना चाहिए, ऐसी अपेक्षा थेरेसा मे ने व्यक्त की है। रशियन जासूस सर्जेई स्क्रिपल पर हुए विषप्रयोग की ब्रिटन, यूरोपीय महासंघ, जी-७, नाटो और अन्य देशों ने भी पूछताछ की है। इस पूरी पूछताछ से एक ही निष्कर्ष सामने आया है कि रशिया ही इसके लिए जिम्मेदार है। उसी समय सीरिया में हुए रासायनिक हमलों के मामले में भी रशिया दुष्प्रचार करके इसके लिए ब्रिटन पर आरोप कर रहा है। इस तरह के जहरीले प्रचार करने वाले ४५ हजार पोस्ट सोशल मीडिया पर घूम रहे हैं और ब्रिटन की सरकार ने इसकी गंभीर दखल ली है, ऐसा कहकर थेरेसा मे ने रशिया की इस प्रचार मुहीम पर कड़ी टीका की है।

रशियन राष्ट्राध्यक्ष पुतिन के ‘साइबर बॉट्स’ इस प्रचार मुहीम में बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। सोशल मीडिया के माध्यम से करीब २ करोड़ नागरिकों तक पहुँचने की क्षमता उनके पास है, इस बात की तरफ भी थेरेसा मे ने ध्यान आकर्षित किया है। दौरान, रशिया पर यह टीका करते समय प्रधानमंत्री मे ने उच्चस्तरीय समिति की स्थापना करने की जानकारी ब्रिटिश संसद के विदेश व्यवहार समिति के सदस्यों ने दी है। यह समिति बदमाश प्रवृत्ति वाले रशियन राष्ट्राध्यक्ष पुतिन के खतरे का सामना करने के लिए आवश्यक कदम उठाने वाली है, इसकी जानकारी भी इन सदस्यों ने दी है।