पाकिस्तान का पानी बंद करने के अलावा विकल्प नही – केंद्रीय मंत्री नीतिन गडकरी की फिर से चेतावनी

नई दिल्ली – बडे भाई की तरह भारत ने पाकिस्तान को अपना पानी दिया| लेकिन, भारत के इस प्यार के बदले पाकिस्तान से भारत को बम दिए, मासूम भारतीयों पर हमलें हुए| इस वजह से पाकिस्तान ने आतंकवाद की सहायता करना बंद नही किया तो उनका पानी बंद करने के अलावा कोई भी विकल्प नही रहता| यह खाली धमकी नही है, यह इशारा केंद्रीय संसाधनमंत्री नितीन गडकरी इन्होंने पाकिस्तान को दिया है| पिछले हफ्तें से दुसरी बार केंद्रीय मंत्री गडकरी ने पाकिस्तान को यह कडी चेतावनी दी है|

पाकिस्तान को भारत ने काफी अवसर दिए| आतंकी संगठनों की सहायता करना पाकिस्तान बंद करें, यह इशारा पाकिस्तान को समय समय पर दिया गया है| पाकिस्तान ने इस पर ध्यान दिया होता तो कुछ भी समस्या नही रहती| लेकिन, उन्होंने आतंकियों की सहायता नही बंद की| इस वजह से अब भारत के सामने कोई भी विकल्प नही रहा| अब पानी बंद करने का कडा निर्णय भारत को करना पडा है, ऐसा गडकरी ने कहा|

भारत से पाकिस्तान जानेवाला पानी बंद किया जाएगा| इसके लिए दो परियोजना शुरू की गई है| ‘सिंधू जलवितरण समझौते’ के तहेत भारत के हिस्से में आया तीन नदियों पर ‘डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट’ (डीपीआर) का अभ्यास किया जा रहा है| पाकिस्तान को आतंकियों की सहायता बंद करने के लिए यही अवसर है| नही तो पाकिस्तान को इसकी सजा भुगतनी होगी, यह कडी चेतावनी केंद्रीयमंत्री गडकरी इन्होंने दी है|

पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अकेला हुआ है| पाकिस्तान के सामने अब अपने हितों का विचार करने के लिए यही अवसर है| अपने हित के लिए पाकिस्तान सही समय पर निर्णय करें| हमने समय की सीमा तय की है| इसके नुसार नदियों पर बांध का निर्माण शुरू है| इस समय सीमा में पाकिस्तान को निर्णय करना होगा| उसके बाद कडे निर्णय पर अमल करने के अलावा भारत के पास अन्य कोई विकल्प नही रहता, ऐसा गडकरी ने स्पष्ट किया|

पिछले सप्ताह में भी गडकरी इन्होंने पत्रकारों के साथ बातचीत करते समय भारत और पाकिस्तान में सिंधू जल वितरण समझौता हुआ था, उस समय दोनों देशों में सौहार्दता का माहौल था| लेकिन, अब पाकिस्तान से आतंकियों को समर्थन प्राप्त हो रहा है| ऐसी स्थिति में इस समझौते का पालन करना भारत के लिए बाध्य नही रहता, ऐसा केंद्रीयमंत्री गडकरी ने कहा था| उसके बाद फिर एक बार गडकरी इन्होंने पाकिस्तान को चेतावनी दी है|