नौदल किसी भी संकट का सामना करने के लिए तैयार – रक्षा मंत्री निर्मला सीतारामन

पणजी: भारतीय नौदल किसी भी संकट का सामना करने के लिए पूर्ण तौर पर तैयार होने की बात निर्मला सीतारामन ने कही है। भारतीय नौदल के २ दिनों के ‘लाइव फायरिंग’ इस युद्धाभ्यास का ब्यौरा करने के लिए रक्षामंत्री सीतारामन गोवा में आई थी। इस अभ्यास के दौरान उन्होंने नौदल पर विश्वास व्यक्त किया है। उस समय केंद्रीय रक्षामंत्री ने आयएनएस विक्रमादित्य, इस विमान वाहक युद्धनौका पर वास्तव्य करके युद्धाभ्यास का ब्यौरा किया है।

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भारतीय नौदल के वेस्टर्न फ्लीट ने २ दिनों के सागरी अभ्यास का आयोजन किया था। इस सागरी अभ्यास का ब्यौरा करने के लिए सोमवार को रक्षामंत्री गोवा के नौदल के बंदरगाह में दाखिल हुई थी। उसके बाद उन्होंने आईएनएस कोलकाता इस स्वदेशी बनावट के कोलकाता श्रेणी के विनाशिका से यात्रा की थी। आगे रक्षामंत्री सीतारामन आईएनएस विक्रमादित्य पर पहुंचने के बाद भारतीय नौदल का युद्धाभ्यास शुरू हुआ। विमानवाहक युद्धनौका में रहकर रक्षामंत्री ने लगातार दो दिन उसका ब्यौरा किया है।

रात के समय अभ्यास संपन्न हुआ है। एक ही समय पर सागरी तथा हवाई हमले का सामना करने के लिए भारतीय नौदल की क्षमता का परीक्षण किया गया है। इस अभ्यास में विमान वाहक युद्ध नौका, विनाशिका, पनडुब्बियां तथा नौदल के लड़ाकू विमानों ने ‘लाइव फायरिंग’ किये। इसमें मिसाइल, रोकेट, टोरपिड़ो का उपयोग किया गया है। एक ही रात पनडुब्बियों के विरोध में युद्ध, सागरी सहायता मुहीम और विनाशिका का अभ्यास किया गया है। इसलिए अभ्यास का पूरा करने के बाद भारतीय नौदल किसी भी प्रकार की का संकट का मुकाबला करने के लिए तैयार होने की घोषणा रक्षामंत्री सीतारामन ने की है।

“वेस्टर्न फ्लीट के विलक्षण कौशल्य का ब्यौरा करने के बाद, मै ठोस रूप से कह सकती हूं कि, भारतीय नौदल देश पर आने वाले किसी भी हमले को वापस लौटाने के लिए पूर्ण तौर पर सज्ज है” ऐसा रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया है। उस समय रक्षामंत्री ने युद्धनौका एवं विनाशिका पर जवानों से संवाद साधा है। पिछले वर्ष रक्षा मंत्री ने अंडमान निकोबार द्वीप पर भारत के तीनों दल के विशेष युद्धाभ्यास का ब्यौरा किया था।
कुछ दिनों पहले रक्षामंत्री सीतारामन ने भारत की सागरी सुरक्षा में बढ़ रहे, खतरों की पृष्ठभूमि पर नौदल के लिए विशेष निधि का प्रावधान किया था।