भारत के रक्षा मंत्री अमरिका की यात्रा पर

वॉशिंगटन: भारत एवं अमरिका के रक्षा विषयक सहयोग मतलब इंडो पैसिफिक क्षेत्र सुस्थिर करने वाली शक्ति है, ऐसे चुनिंदा शब्दों में अमरिका के रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस ने इस सहयोग का महत्व रेखांकित किया है| भारत के रक्षा मंत्री निर्मला सीतारामन ५ दिनों के अमरिका दौरे पर हैं| उनके साथ चर्चा के दौरान अमरिका के रक्षा मंत्री मैटिस ने दोनों देशों में सहयोग मतलब दुनिया के सबसे पुरानी एवं सबसे बड़े जनतंत्रशाही सहयोग है, इसकी तरफ ध्यान केंद्रित किया है| तथा सुरक्षा के अग्रणी पर भारत अमरिका के पास अपना महत्वपूर्ण साझेदार देश के तौर पर देख रहा है और दोनों देशों का एक दूसरों पर विश्वास बढ़ने की बात उस समय रक्षा मंत्री सीतारामन ने स्पष्ट की है|

वर्ष भर के समय में भारत एवं अमरिका के रक्षा मंत्रियों की चार बार चर्चा होने की बात दिखाई दे रही है| दोनों देशों में रक्षा विशेष सहयोग नई ऊंचाई पर पहुंचने की बात इससे स्पष्ट हो रही है| अमरिका ने अपने नौसेना के एशिया पैसिफिक कमांड का नाम बदलकर इंडो पैसिफिक किया है| इससे अमरिका की नीति में हुआ बहुत बड़ा बदलाव दिखाई दे रहा है| हिंदी महासागर से पैसिफिक महासागर तक के क्षेत्र में चीन के विस्तारवाद को रोकने के लिए अमरिका को भारत का सहयोग अपेक्षित है| तथा चीन के आक्रामक धारणाओं से खतरा महसूस कर रहा भारत भी अमरिका के इस प्रस्ताव को अनुकूल प्रतिक्रिया दे रहा है|

भारत, रक्षा मंत्री, निर्मला सीतारामन, अमरिका, यात्रा, परइस पृष्ठभूमि पर भारत और अमरिका का सहयोग अधिक से अधिक दृढ़ हो रहा है और रक्षा मंत्री सीतारामन इनके इस अमरिका दौरे में इस पर नए से मुहर लगती दिखाई दे रही है| रक्षा मंत्री सीतारामन ने दोनों देशों में रक्षा विषयक सहयोग का सक्षम आधार पिछले वर्ष में प्रस्थापित हुआ हैं, ऐसा कहकर भारत और अमरिका का एक दूसरों पर विश्वास अधिक दृढ़ हुआ है, यह बात कही है| तथा अमरिका के रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस ने जनतंत्रशाही एवं अंतरराष्ट्रीय नियमों के पालन आग्रह यह भारत एवं अमरिका को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मुद्दा है, इसकी तरफ ध्यान केंद्रित किया है|

भारत एवं अमरिका का सहयोग इंडो पैसिफिक क्षेत्र सुस्थिर करने वाली शक्ति है, ऐसे सूचक विधान करके अमरिका के विदेश मंत्री ने अप्रत्यक्ष रूप से चीन को टिप्पणी लगाई है| चीन अपने गैर जिम्मेदार बर्ताव की वजह से इंडो पैसिफिक क्षेत्र में शांति खतरे में ठहरी है और वहां के देशों के सार्वभौमत्व को चुनौती देने का आरोप अमरिका से लगातार किया जा रहा है| तथा इस क्षेत्र में चीन अंतरराष्ट्रीय नियमों को कुचल रहा है, यह आरोप भी अमरिका से किया जा रहा है| ऐसी परिस्थिति में अमरिका का भारत के साथ सहयोग यह सागरी क्षेत्र सुस्थिर करने की शक्ति है, ऐसा कहकर रक्षा मंत्री मैटिसने यह सहयोग रचनात्मक होने की गवाही दी है|

तथा भारत ने रशिया से एस-४०० यह हवाई सुरक्षा यंत्रणा खरीदारी करने के बाद अमरिका भारत पर प्रतिबंध जारी नहीं करेगा, ऐसे संकेत उस समय रक्षा मंत्री मैटिस ने दिए थे| इस संदर्भ में अमरिका भारत से चर्चा कर रहा है और उससे जल्द ही मार्ग निकाला जाएगा, ऐसा मैटिसने स्पष्ट किया है| अमरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ और रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस ने एस-४०० करार को लेकर अमरिका ने भारत पर प्रतिबंध जारी किए तो इसकी वजह से अमरिका का ही नुकसान होगा, ऐसा अमरिकी संसद को सूचित किया था| इसकी वजह से फिलहाल भारत को अमरिका के प्रतिबंधों का डर नहीं है, पर ऐसा होते हुए भी अमरिका ने इस संदर्भ में भारत को अधिकृत स्तर पर आश्वस्त नहीं किया है|