चीन की तरफ से वैश्विक लोकतंत्र को खतरा है – तैवान के राष्ट्राध्यक्ष की आलोचना

तैपेई: ‘चीन की तरफ से सिर्फ तैवान की सुरक्षा के लिए ही खतरा नहीं है, बल्कि इस क्षेत्र को और इससे भी ज्यादा वैश्विक लोकतंत्र को खतरा है। क्योंकि आज चीन जो कुछ भी तैवान के साथ कर रहा है, वैसा ही दुनिया के अन्य किसी भी देश के साथ हो सकता है। चीन के विस्तारवाद से अन्य देशों को भी उतना ही खतरा है’, ऐसी चेतावनी तैवान की राष्ट्राध्यक्ष ‘त्साई इंग-वेन’ ने दी है। उसीके साथ ही चीन को रोकने के लिए अन्य देश तैवान के साथ एकजुट हो जाएं, ऐसी पुकार तैवान की राष्ट्राध्यक्ष ने दी है।

‘आजादी की सुरक्षा के लिए चीन के सामने खड़े रहने का समय आ गया है’, ऐसी घोषणा राष्ट्राध्यक्ष ‘त्साई’ ने एक अंतर्राष्ट्रीय वृत्तसंस्था को दिए हुए साक्षात्कार में की है। ‘तैवान की तरह चीन की तरफ से अन्य देशों का लोकतंत्र, स्वातंत्र्य और व्यापारी स्वातंत्र्य अबाधित रह नहीं सकता है। लेकिन अगर समान लोकतंत्र के मूल्यों को संभालकर रखने वाले सभी देश लोकतंत्र और स्वातंत्र्य के बचाव के लिए एक हुए तो चीन का बढ़ता एकाधिकार तंत्र रोका जा सकता है’, ऐसा भरोसा त्साई ने जताया है।

वैश्विक लोकतंत्र, खतरा, चीन, राष्ट्राध्यक्ष, त्साई इंग-वेन, आलोचना, तैपेई, तैवानइसके अलावा सोमवार को राजधानी तैपेई में आयोजित ‘ग्लोबल हक सॉलिडेटरी ऑफ़ डेमोक्रेसी’ इस परिसंवाद में बोलते समय भी त्साई ने चीन के खिलाफ अन्य देशों को एक होने का आवाहन किया। ‘तैवान फाउंडेशन फॉर डेमोक्रेसी’ (टीएफडी) ने आयोजित किए इस परिसंवाद में भारत, अमरिका, जापान, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया और ट्युनिशिया इन लोकतंत्र समर्थक देशों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

तैवान में आयोजित परिषद में इतनी बड़ी मात्रा में लोकतंत्र समर्थक देशों के प्रतिनिधियों का उपस्थित होना, यह बहुत बड़ी घटना है, ऐसा त्साई ने कहा है। २१ वी सदी में लोकतंत्र के मूल्य पीछे हटते जा रहे हैं, ऐसी चिंता त्साई ने जताई है। इसके लिए अमरिका के ‘फ्रीडम हाउस’ इस अभ्यास समूह ने बनाई रिपोर्ट का त्साई ने प्रमाण दिया है।

अमरिकन कांग्रेस से संलग्न ‘नेशनल एंडोमेंट फॉर फ्रीडम डेमोक्रेसी’ समूह ने बनाई रिपोर्ट का उल्लेख करके चीन और रशिया अपने सामर्थ्य का लोकतंत्र समर्थक देशों के खिलाफ गलत इस्तेमाल कर रहें हैं, ऐसी आलोचना त्साई ने की है। ‘तानाशाही राजवट अपने आक्रामक सामर्थ्य का इस्तेमाल करके लोकतंत्र की आजादी का गलत इस्तेमाल करते हैं’, ऐसी आलोचना करके त्साई ने इसके खिलाफ लोकतंत्र समर्थक देशों को एक होने का आवाहन किया है।

‘तैवान जैसी सोच रखने वाले और लोकतंत्र समर्थक देशों ने एक होकर लड़ाई लड़ी तो हम लोकतंत्र के मूल्यों को सुरक्षित रख सकते हैं’, ऐसा त्साई ने कहा है। इसके बाद चीन की तरफ से तैवान की आजादी को खतरा है, ऐसा आरोप भी त्साई ने किया है।

‘लोकतंत्र से पीछे हटना यह तैवान के लिए विकल्प नहीं बचा है। इस वजह से लोकतंत्र के लिए शुरू किए इस संघर्ष में तैवान अग्रसर होगा’, ऐसा कहकर चीन के खिलाफ तैवान की लड़ाई शुरू रहने वाली है, ऐसा त्साई ने कहा है।

स्वतंत्र तैवान की घोषणा के साथ सत्ता पर आई त्साई ने पिछले कुछ महीनों में चीन के खिलाफ भुमिक अधिक आक्रामक की है। पिछले हफ्ते में ही त्साई ने अमरिका के भूतपूर्व राजदूत से मुलाकात की थी। इस महीने की सुरुआत में तैपेई में स्थित अमरिका के सांस्कृतिक केंद्र के उद्घाटन के समय अमरिकी सिनेटर्स और ट्रम्प प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चर्चा की थी।

इसके अलावा ‘साउथ चाइना सी’ में चीन की आक्रामकता को प्रत्युत्तर देने के लिए इस समुद्री क्षेत्र का अपना द्वीप अमरिका के लष्करी अड्डे के लिए उपलब्ध कराके देने के लिए त्साई सरकार गंभीरता से विचार कर रही है, ऐसे संकेत मिल रहे हैं।