भारी लष्करी सामान की ढुलाई करने में सक्षम – ‘चिनूक’ हेलिकाप्टर की पहली खेप भारत पहुंची

नई दिल्ली: भारी लष्करी सामान की ढुलाई करने में सक्षम ‘चिनूक’ हेलिकाप्टर की पहली खेप अमरिका से भारत पहुंची है| यह हेलिकाप्टर गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पर इन चार हेलिकाप्टर की खेप उतारी गई| अमरिकी ‘बोईंग’ कंपनी से भारत ने १५ ‘चिनूक’ हेलिकाप्टर खरीदी करने के लिए समझौता किया था| २०१५ में हुए एक समझौते के नुसार ‘बोईंग’ भारत के लिए १५ ‘चिनूक’ और २२ ‘अपाचे’ लडाकू हेलिकाप्टर की आपुर्ति करेगा| मुंद्रा बंदरगाह पर उतारे गए ‘चिनूक’ हेपिकाप्टर्स वायुसेना के चंदीगड हवाई अड्डे पर तैनात किए जाएंगे|

भारी, लष्करी सामान, ढुलाई, करने, सक्षम, चिनूक, हेलिकाप्टर, पहली खेप, भारत, पहुंचीअमरिका ने बनाए यह ‘चिनूक’ हेलिकाप्टर्स भारी लष्करी ढुलाई के लिए विश्‍व भर में ख्यात है| भारी सामान की यातायात करे के साथ ही यह हेलिकाप्टर्स बहुद्देशिय एवं उंचाई पर लष्कर कार्रवाई करने के लिए सबसे बेहतर माने जाते है| खास तौर पर भारी तोंप की ढुंलाई करने के लिए चिनूक हेलिकाप्टर्स का इस्तेमाल हो रहा है| इस वजह से भारतीय वायुसेना में चिनूक का समावेश होना काफी अहम साबित होता है| इन चिनूक हेलिकाप्टर के निर्माण के लिए बोईंग कंपनी ने भारतीय कंपनीयों के साथ साझीदारी करने की तैयारी की है? और इसका लाभ १६० भारतीय कंपनीयों को होगा| फिलहाल ‘बोईंग’ की वजह से भारत में २,२०० लोगों को रोजगार प्राप्त हुआ है, ऐसा बताया जा रहा है|

भविष्य में और भी सात हजार भारतीयों को ‘बोईंग’ की वजह से रोजगार प्राप्त होगा, ऐसी जानकारी दी जा रही है| इस दौरान, मुंद्रा बंदरगाह पर उतारे गए ‘चिनूक’ हेलिकाप्टर्स जल्द ही वायुसेना के बेडे में शामिल होंगे| वायुसेना में शामिल होने के बाद यह हेलिकाप्टर्स वायुसेना के चंदिगड में स्थित हवाई अड्डे पर तैनात किए जाएंगे| इसके आगे यह हेलिकाप्टर पूर्वीय क्षेत्र में वायुसेना के मोहनबारी हवाई अड्डे पर तैनात किए जाएंगे| इस तैनाती को सामरिक दृष्टी से बडी अहमियत रहेगी| वायुसेना का यह हवाई अड्डा देश की पूर्वीय हवाई सीमा की जिम्मेदारी संभालता है| इस वजह से चीन की गतिविधियों को सामने रखकर इस हवाई अड्डे पर चिनूक की तैनाती होगी|

भारतीय वायुसेना की क्षमता चिनूक हेलिकाप्टर्स का समावेश होने से काफी बडी तादात में बढेगी और अन्य देशों की तुलना में भारतीय वायुसेना तेजीसे भारी लष्करी सामान की ढुलाई कर सकेगी, ऐसा बताया जा रहा है|

इस कारण, चीन से जुडी सीमा पर तेजीसे लष्करी सामान पहुंचाना वायुसेना को मुमकिन होगा| यह जरूरत ध्यान में रखकर भारत ने चिनूक हेलिकाप्टर्स खरीदे है, यह दिखाई देता है|

इस दौरान, भारत ‘बोईंग’ से कुल १५ चिनूक हेलिकॉप्टर्स की खरीदी करेगा| साथ ही भारत ने बोईंग के साथ २२ ‘अपाचे’ हेलिकाप्टर्स खरीदी करने के लिए समझौता किया है| अपाचे हेलिकाप्टर्स भी बहुद्देशीय है और अमरिकी रक्षा बलों की अहम मुहिमों में इन हेलिकाप्टर्स का इस्तेमाल हो रहा है|