चीन के किसी भी भूभाग को लक्ष्य कर करने वाला – ‘अग्नि-५’ जल्द ही रक्षा दल में समाविष्ट होगा

नई दिल्ली: संपूर्ण चीन को अपने घेरे में लानेवाला अग्नि-५ अंतरखंडीय परमाणु वाहक मिसाइल जल्द ही ‘स्ट्रैटेजिक फ़ोर्स कमांड के (एसएफसी) के कब्जे में दिया जाएगा। इसकी वजह से भारत के रक्षा सिद्धता में बढ़ोतरी होने वाली है। चीन अपने लष्करी सामर्थ्य में बड़ी तादाद में बढ़त कर रहा है, तभी भारतीय रक्षादल के बेड़े में अग्नि-५ दाखिल होने से रक्षादल की क्षमता बढ़नेवाली है।

अग्नि-५ जैसे जमीन से जमीन पर हमला करने वाले एवं ५००० किलोमीटर तक से अधिक अंतर पर हमला करने की क्षमता होनेवाली मिसाइल केवल अमरिका, रशिया, फ्रांस और चीन इन देशों के पास है। जल्द ही अग्नि-५ मिसाइल पहली बार एसएफसी को सुपुर्द की जाएगी, ऐसी जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों के सूत्रों ने दी है।

चीन, भूभाग को लक्ष्य, अग्नि-५, जल्द, रक्षा दल, समाविष्ट, नई दिल्ली, अमरिका, रशिया, फ्रांससन २०१२ में इस मिसाइल का पहला परीक्षण किया गया था। उसके बाद समय-समय पर इस मिसाइल के परीक्षण किए गए हैं और इसे सभी परीक्षण सफल हुए हैं। पिछले महीने में इस मिसाइल के परीक्षण किया गया था। आने वाले कई हफ्तों में अधिक परीक्षण किए जाएंगे ऐसा उसके बाद कहां जा रहा है।

चीन और पाकिस्तान जैसे भारत के पड़ोसी देशों की सुरक्षा को चुनौती देने का प्रयत्न करते हुए अग्नि-५ का समावेश किया जा रहा है। अग्नि-५ की वजह से देश की रक्षा सिद्धता में कई तादाद में बढ़ोतरी होगी, ऐसा विश्वास एक उच्च पदस्थ अधिकारी ने व्यक्त किया है। भारतीय रक्षादल में इस मिसाइल का समावेश होने से बीजिंग, शांघाय, ग्वांगझोउ और हांगकांग इस मिसाइल के घेरे में आने वाले हैं।

१७ मीटर लंबे इस मिसाइल का वजन ५० टन होकर यह हजार किलो विस्फोटक ले जा सकता हैं। यह मिसाइल आसानी से कहीं पहुंचाया जा सकता है। इसकी वजह से भारत के उत्तर, पश्चिम, दक्षिण पूर्व सीमा का विचार करते हुए, आशिया, अफ्रीका और यूरोप तक यह मिसाइल हमला कर सकता है, ऐसा भी इससे पहले कहा गया था।

भारतीय शास्त्रज्ञ द्वारा इससे लंबे अंतर के अग्नि-६ मिसाइल विकसित करने के लिए प्रयत्न शुरू हुए हैं। तथा इससे पहले अग्नि-१ यह ७०० किलोमीटर मारक क्षमता होनेवाले मिसाइल के साथ अग्नि-२ यह २००० किलोमीटर अग्नि-३, अग्नि-४, यह ३५०० किलोमीटर की मारक क्षमता होनेवाले मिसाइल भारतीय लष्कर में इससे पहले ही दाखिल हुए हैं।

पाकिस्तान एवं चीन जैसे पड़ोसी देश प्राप्त भारत में मिसाइल कार्यक्रम अधिक से अधिक तादाद में विकसित करना आवश्यक होने की बात सामरिक विश्लेषकों से लगातार कहीं जा रही है। इसकी वजह से अग्नि-५ के समावेश से भारत की ताकत यकीनन बढ़ेगी।