प्रधानमंत्री की अरूणाचल प्रदेश भेंट पर चीन को आपत्ति विदेश मंत्रालय का चीन को कडा प्रत्युत्तर

इटानगर – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन्होंने अरूणाचल प्रदेश में लगभग चार हजार करोड रुपयों के प्रकल्पों का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया है| साथ ही अरूणाचल प्रदेश में १३ हजार करोड रुपयों की विकास योजना शुरू है, ऐसा प्रधानमंत्री ने इस दौरान रेखांकित किया| प्रधानमंत्री की इस अरूणाचल प्रदेश की भेंट पर चीन ने आपत्ति जताई है| यह विवादास्पद इलाका होने का दावा करके चीन ने भारत को नए से उकसाया है| इस पर भारत के विदेश मंत्रालय ने अरूणाचल प्रदेश यह भारत का अविभाज्य भूभाग है और इस पर किसी भी प्रकार का विवाद नही है, ऐसी चेतावनी चीन को दी है|

ईशान्य के राज्यों का दौरा करते समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन्होंने अरूणाचल प्रदेश को भेंट दी| इटानगर में एक जनसभा को संबोधित करते समय प्रधानमंत्री ने अरूणाचल प्रदेश के विकास के लिए केंद्र सरकार ने हाथ में लिए विकास योजनाओं की जानकारी दी| अरूणाचल प्रदेश में प्रधानमंत्री के हाथो लगभग चार हजार करोड रुपयों की विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास हुआ| इसमें होलोंगी में ‘ग्रीन फिल्ड’ हवाई अड्डे का शिलान्यास और लोहित जिले में तेजू हवाई अड्डे के उद्घाटन का समावेश है| इस हवाई अड्डे की सहायता से अरूणाचल प्रदेश की कृषि उत्पादों को देश के बाजार प्राप्त हो सकेंगे, यह विश्‍वास प्रधानमंत्री ने व्यक्त किया|

साथ ही प्रधानमंत्री के हाथों अरूणाचल प्रदेश के लिए दूरदर्शन की ‘डीडी अरूणप्रभा’ इस वाहिनी का उद्घाट हुआ| साथ ही १,१०० मेगावैट बिजली निर्माण परियोजना का लोकार्पण भी प्रधानमंत्री के हाथों हुआ| इस दौरान जनसभा में बोलते समय प्रधानमंत्री मोदी इन्होंने अरूणाचल प्रदेश में १३ हजार करोड रुपयों की विकास परियोजना शुरू है, ऐसी जानकारी दी| ‘अरूणाचल प्रदेश, यानी भारत का गौरव है| यहां की जनता एक दुसरे से ‘जयहिंद’ बोलकर ही अभिवादन करती है| अरूणाचल प्रदेश की जनतना की राष्ट्रभक्ति हम सभीयों को प्रेरणा देती है’, ऐसा कहकर यह राज्य भारत के साथ काफी मजबूती से जुडा है, ऐसे सूचक वक्तव्य प्रधानमंत्री ने किया|

अपेक्षा के नुसार इस पर चीन से प्रतिक्रिया प्राप्त हुई है| ‘भारत जिस भूप्रदेश का जिक्र अरूणाचल प्रदेश ऐसा कर रहा है, वह विवादास्पद भूभाग है, इस पर भारत ध्यान दे’, यह दावा करके चीन ने भारतीय प्रधानमंत्री की अरूणाचल प्रदेश की यात्रा पर आपत्ति जताई| दोनों देशों में सीमा विवाद पर चर्चा शुरू है, ऐसे में भारतीय प्रधानमंत्री ने इस हिस्से की यात्रा करना और भी कठिनाई निर्माण करनेवाली साबित होती है’, ऐसा चीन ने कहा है|

अरूणाचल प्रदेश यह अपना अविभाज्य और कभी भी अलग नही कर सकते ऐसा भूभाग है, यह कहकर भारत के विदेश मंत्रालय ने चीन की आपत्ति पर प्रत्युत्तर दिया है| साथ ही लगातार भारत ने अपनी यह भूमिका चीन के सामने रखी भी है, ऐसा विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया|

भारतीय नेता जरूरत पडने पर देश के अन्य हिस्सों की तरह अरूणाचल प्रदेश की भी यात्रा कर सकते है, ऐसा विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है| इस दौरान, चीन ने पहले भी भारतीय राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री एवं अन्य नेताओं की अरूणाचल प्रदेश की यात्रा पर आपत्ति जताई थी| अरूणाचल प्रदेश यानी दक्षिणी तिब्त होने का चीन का कहना है| लेकिन, चीन के ऐसे दावों को ज्यादा किमत दिए बिना भारत अरूणचाल प्रदेश के साथ ईशान्य की दिशा में चीन से सटे सीमा क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विकास कर रहा है|