अमरिका अकेला होने से जी-७ का रूपांतर जी-६ में हुआ है – अंतरराष्ट्रीय माध्यमों का दावा

ओटावा: अमरिका और यूरोपीय देशों में निर्माण हुए तीव्र मतभेद की पृष्ठभूमि पर सारी दुनिया का ध्यान केंद्र कैनेडा में आयोजित किए जी-७ परिषद में लगा है। अपेक्षा के अनुसार इस परिषद में अमरिका अकेला हुआ है। इसकी वजह से जी-७ का रूप जी-६ में होने का दावा अंतरराष्ट्रीय माध्यम कर रहे हैं। साथ ही इस परिषद में अमरिका के राष्ट्राध्यक्ष डोनाल्ड ट्रम्प ने रशिया को परिषद में शामिल करने का प्रस्ताव रखते हुए सभी को आश्चर्य का झटका दिया है। रशिया पर कड़े प्रतिबंध जारी करने वाले अमरिका के राष्ट्राध्यक्ष ने दिया प्रस्ताव फ्रान्स एवं जर्मनी ने ठुकराया है। तथा इटली ने इसका स्वागत किया है।

यूरोपीय देशों में अमरिका में निर्यात किए जाने वाले पोलाद एवं एल्युमिनियम पर राष्ट्राध्यक्ष ट्रम्प ने आयात कर बढ़ाया था। उनका यह निर्णय मतलब व्यापार युद्ध की शुरुआत होने की चेतावनी फ्रांस ने दी थी। यूरोपीय महासंघ के अभी अमरिका के साथ व्यापार युद्ध शुरू करने के संकेत दिए थे। जिसके परिणाम कैनेडा में संपन्न हुए जी-७ परिषद में दिखाई दे रहे हैं। इस परिषद में अमरिका अकेला होता स्पष्ट तौर पर दिखाई दे रहा था।

अमरिका, अकेला, जी-७ का रूपांतर, जी-६, हुआ, अंतरराष्ट्रीय माध्यमों, दावा, ओटावा, डोनाल्ड ट्रम्पअमरिका के राष्ट्राध्यक्ष डोनाल्ड ट्रम्प ने को अकेला होने की चिंता नहीं है तो जी-७ से अधिक जी-६ योग्य होगा, ऐसे शब्दों में फ्रान्स के राष्ट्राध्यक्ष इमैनुअल मैक्रोन ने ट्रम्प पर आलोचना की है। कैनडा एवं जर्मनी ने भी अमरिका राष्ट्राध्यक्ष की धारणाओं पर उजागर तौर पर नाराजगी व्यक्त की है।

पर अपने मित्र देशों के नाराजगी का सामना करते हुए अमरिका के राष्ट्राध्यक्ष ने रशिया को इस परिषद में शामिल करने का प्रस्ताव देकर सभी को चकित किया था।

मेरा प्रस्ताव राजनीतिक दृष्टि से योग्य ना होगा पर हमें दुनिया का कार्यभार चलाना है। जी-८ ऐसा नाम होनेवाले गट से अन्य देशों ने रशिया को बाहर निकाला था और अब हम जी-७ है। अब रशिया को फिर एक नए गट में शामिल करने का समय आया है। समझौते एवं चर्चा करते हुए रशिया उसमें शामिल होना आवश्यक है, ऐसा राष्ट्राध्यक्ष ट्रम्प ने कहा है।

पर कैनेडा एवं जर्मनी एवं फ्रांस ने ट्रम्प का यह प्रस्ताव ठुकराया है। तथा इटली ने ट्रम्प के इस प्रस्ताव का समर्थन किया है। सन २०१४ में रशिया ने यूक्रेन पर हमला करके क्रीमिया का कब्जा लिया था। उसके बाद जी-८ गट से रशिया को बाहर निकाला गया था और यह जी-७ तैयार किया था।

अमरिका को भी इस गट से निकालने की तैयारी दिखाकर यह गट जी-६ बना तो भी अपनी तैयारी होने की बात फ्रांस एवं अन्य देश बता रहे हैं। साथ ही अमरिका रशिया का प्रभावशाली देशों के गट में समावेश करके फिर से जी-८ के लिए प्रयत्न करते दिखाई दे रहा है।

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