यूएसएस रॉस की इस्रायल भेंट खाड़ी देशों के बाहरी देशों को संदेश देनेवाली – इस्रायल के प्रधानमंत्री नेत्यान्याहू की रशिया को चेतावनी

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अश्दोद – भूमध्य समुद्र में तैनात होनेवाले अमरिका की यूएसएस रॉस युद्धपोत इस्रायल में दाखिल हुई है| अमरिकी युद्धपोत की यह इस्रायल भेंट मतलब अमरिका द्वारा इस्रायल को होनेवाले समर्थन का प्रतीक है| यह संदेश खाड़ी देशों को नहीं बल्कि सारी दुनिया को मिल रहा है, ऐसे शब्दों में इस्रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेत्यान्याहू ने रशिया को चेतावनी दी है| साथ ही सीरिया पर हवाई हमले में यूएसएस रॉस युद्धपोत ने किए कामकाज की याद भी प्रधानमंत्री नेत्यान्याहू ने दिलाई है|

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सीरिया में एस-३०० विमानभेदी सुरक्षा यंत्रणा तैनात करने के रशिया के फैसले के बाद इस क्षेत्र में लष्करी गतिविधियां बढ़ रही है| भूमध्य समुद्र में तैनात होनेवाले अमरिका के सिक्स्थ फ्लीट में यूएसए रॉस यह प्रगत युद्धपोत हाल ही में, इस्रायल के अश्दोद बंदरगाह में दाखिल हुई है| पिछले १९ वर्ष में अमरिका के युद्धपोत का अश्दोद को भेंट देने का पहला समय है| इससे पहले इस विध्वंसक ने १९९९ वर्ष में इस्रायल के बंदरगाह मैं कुछ दिनों के लिए अड्डा निर्माण किया था| इस पृष्ठभूमि पर अमरिकी युद्धपोत के इस्रायल भेंट को देखा जा रहा है|

इस्रायल के प्रधानमंत्री नेत्यान्याहू ने इस्रायल में अमरिका के राजदूत डेविड फ्रीडमन के साथ इस युद्धपोत को भेंट देकर अमरिकी नौसैनिकों का आभार व्यक्त किया है| यूएसएस रॉस की भेंट की वजह से अमरिका और इस्रायल में सहयोग अधिक दृढ़ होने की प्रतिक्रिया प्रधानमंत्री नेत्यान्याहू ने दी है| कुछ महीनों पहले सिरिया में रासायनिक हमलों के विरोध में अमरिका ने सिरियन लष्कर के जगहों पर किए हवाई हमले में यूएसएस रॉस ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी| भूमध्य समुद्र में तैनात होने वाले यूएसएस रॉस में लगभग ६० टॉमाहॉक मिसाइल दागे थे|

सिरिया में इस्रायल के भूमिका अमरिका के राष्ट्राध्यक्ष डोनाल्ड ट्रम्प ने पूर्ण समर्थन दिया है| अमरिकी युद्धपोत का इस्रायल में आना यह समर्थन रेखांकित करनेवाला है| यह संदेश खाड़ी देशों को मिल रहा है| सिर्फ खाड़ी देशों को ही नहीं तो उसके पश्चात होनेवाले देशों को भी योग्य संदेश मिल रहा है, ऐसा लगता है, ऐसा प्रधानमंत्री नेत्यान्याहू ने कहा है| इस्रायली प्रधानमंत्री ने रशिया का सीधा उल्लेख ना करते हुए फिर भी नेत्यान्याहू का रुख रशिया की तरफ था, ऐसा बात इस्रायली मीडिया कर रहा है|

दो हफ्तों पहले रशिया ने सीरिया में एस-३०० यह विमान भेदी सुरक्षा यंत्रणा तैनात की है| रशिया की एस-३०० की तैनाती इस्रायल विरोधी होने का दावा इस्रायल तथा रशिया के माध्यम कर रहे है| सिरिया में इस्रायल के हवाई हमलों को रोकने के लिए रशिया ने इस यंत्रणा को सीरिया में उतारने की बात कही जा रही है और उसके बाद भी इस्रायल के सिरिया में हमले नहीं रुकेंगे, ऐसा प्रधानमंत्री नेत्यान्याहू ने सूचित किया है| उसके लिए अमरिका के एफ-३५ स्टेल्थ लड़ाकू विमानों का उपयोग करने के संकेत नेत्यान्याहू ने दिए थे|

पर १० दिनों पहले अमरिका में कुच तांत्रिक वजहो से यह विमान दुर्घटनाग्रस्त होने की बात सामने आयी है| अमरिका ने दुनिया भर में इन विमानों की सेवा तत्काल बंद करने के आदेश दिए है| जिसमें इस्रायल में एफ-३५ का पथक भी आगे चलकर सूचना तक सेवा में नहीं होंगे ऐसा कहा है| इस्रायल के लिए यह बहुत बड़ा झटका होने का दावा इस्रायली माध्यमों ने किया था| इन सभी गतिविधियों की पृष्ठभूमि में युएसएस रॉस का इस्रायल में दाखिल होना, रशिया के लिए चेतावनी है|