रशिया से ‘एस-४००’ यंत्रणा की खरीद की तो तुर्की को गंभीर परीणाम भुगतने होंगे – अमरिका की कडी चेतावनी

Third World Warवॉशिंगटन/अंकारा: तुर्की सरकार रशिया की एस-४०० यंत्रणा तैनात करने पर कायम है, तो उन्हें अमरिका से एफ-३५ एवं पैट्रियोट नहीं मिलेगा और साथ ही अत्यंत गंभीर परिणामों का सामना करना होगा, ऐसी चेतावनी अमरिका ने दी है| तुर्की के रक्षामंत्री ने इस वर्ष अक्टूबर महीने में एस-४०० देश में तैनात होंगे ऐसा दावा किया था| उसपर अमरिका से तीव्र प्रतिक्रिया आ रही है|

रशिया, एस-४००, यंत्रणा, खरीद, तुर्की, गंभीर, परीणाम, भुगतने, अमरिका, कडी चेतावनीबुधवार को तुर्की के राष्ट्राध्यक्ष एर्दोगन ने एक स्थानीय वृत्त माध्यम से बोलते हुए अब तुर्की रशिया के साथ करार से वापसी नहीं करेगा और वैसा करना नैतिकता और नीतिमत्ता के विरोध में होगा, ऐसा सूचित किया था| उस समय भविष्य में तुर्की रशिया से एस-५०० भी खरीद सकता है, ऐसे संकेत एर्दोगन ने दिए थे| राष्ट्राध्यक्ष एर्दोगन इनके इस विधान के पीछे तुर्की के रक्षामंत्री हुलूसी अकार ने इस वर्ष अक्टूबर महीने में एस एस-४०० मिसाइल यंत्रणा तैनात की जाएगी, ऐसा घोषित किया था|

तुर्की के इस बयान पर अमरिका ने आक्रामक प्रत्युत्तर दिया है| अमरिका के रक्षा विभाग के प्रवक्ता चार्ल्स शुमर ने एस-४०० की तैनाती का तुर्की को अत्यंत गंभीर परिणाम से होंगे ऐसी चेतावनी दी है| अमरिका तुर्की को देने वाले एफ-३५ जेटस् तथा पेट्रियॉट मिसाइल यंत्रणा रद्द कर सकता है, ऐसा भी शुमर ने सूचित किया है| अमरिका के यूरोपियन कमांड के प्रमुख जनरल कर्टिस स्कैपारोटी ने भी अमरिका तुर्की को एफ-३५ ना दे ऐसी सलाह दी है| अमरिका के अंतरिम रक्षामंत्री पैट शैनाहन ने तुर्की से रशियन यंत्रणा की खरीदारी अमरिका को मर्यादा लांघने के लिए विवश कर सकती है, ऐसा कहा है|

तुर्की ने २०१७ वर्ष में रशिया के साथ एस-४०० इस प्रगत हवाई सुरक्षा योजना की खरीदारी का करार किया था| यह करार लगभग ढाई अरब डॉलर का होकर तुर्की के राष्ट्राध्यक्ष एर्दोगनने करार पूर्ण होने के बारे में गवाही दी थी| पर अमरिका एवं यूरोप की पहल से स्थापित हुए नाटो का सदस्य होते हुए भी तुर्की से रशियन यंत्रणा की हो रही खरीदारी पाश्चात्य देशों के नाराजगी का कारण ठहरी है| पिछले वर्ष भर में अमरिका एवं यूरोपीय देशों ने लगातार आलोचना करने के बाद भी तुर्की एस-४०० की तैनाती की योजना पर कायम है|