अमरिकी राष्ट्राध्यक्ष डोनाल्ड ट्रम्प इन्होंने युरोपीय महासंघ के लिए तय ‘राजनीतिक दर्जा’ में की कटौती

तृतीय महायुद्ध, परमाणु सज्ज, रशिया, ब्रिटन, प्रत्युत्तर

वॉशिंगटन/ब्रुसेल्स – अंतरराष्ट्रीय व्यापार, इस्रायल-पैलस्टाइन, ब्रेक्जीट इन जैसे कई मुद्दों पर युरोपीय महासंघ के तौर जाहीर तौर पर मतभेद होने पर अमरिकी राष्ट्राध्यक्ष डोनाल्ड ट्रम्प इन्होंने युरोपीय महासंघ को जोरदार झटका दिया है| राष्ट्राध्यक्ष ट्रम्प इन्होंने महासंघ को किसी भी प्रकार से जानकारी दिए बिना महासंघ का ‘राजनीतिक दर्जा’ सिकोड दिया है| पिछले वर्ष के आखरी समय में अमरिका में हुए कुछ घटनाओं से यह बात स्पष्ट हुई है और यह महासंघ के लिए जोरदार झटका साबित होता है| इस वजह से अमरिका और युरोप के बीच बनी दूरी और भी बढती दिखाई दे रही है|

राष्ट्राध्यक्ष ट्रम्प इन्होंने युरोपीय महासंघ को बहाल किए ‘सदस्य देश’ के दर्जे में कटौती की है| इस के आगे अमरिका में युरोपीय महासंघ का राजनीतिक दर्जा केवल एक अंतरराष्ट्रीय संगठन के तौर पर सीमित रहेगा और उनके अधिकारियों से उसके अनुसार ही बर्ताव किया जाएगा| पिछले वर्ष के आखरी दौर में हुई कुछ गतिविधियों की पृष्ठभुमि पर महासंघ ने अमरिका के विदेश विभाग को वजह बताने के लिए कहा था| उसके जवाब अमरिका ने युरोपीय महासंघ के राजनीतिक दर्जे में कटौती की है और इस संबंधी ‘नोटिस भेजना याद नही रहा’ यह जवाब विदेश विभाग से दिया गया है|

अमरिका ने दर्जा में कटौती करते समय महासंघ को किसी भी प्रकार से सूचना ना देना, यह बात महासंघ के लिए अवमानकारक साबित हुई है| कम से कम नियम या शिष्टाचार के तौर पर अमरिका ने महसंघ को सूचना करना जरूरी था, यह प्रतिक्रिया युरोप की राजनीतिक वलय में हो रही है| लेकिन अमरिका ने महासंघ के दर्जे में की कटौती, यह तय सियासी दांव होने का दावा कुछ युरोपीय अधिकारी कर रहे है|

युरोपीय महासंघ के राजदूत डेव्हिड सुलिवन इन्हें अमरिका मे आयोजित कुछ अहम कार्यक्रम का नियंत्रण दिया नही गया था| पूर्व राष्ट्राध्यक्ष जॉर्ज एच.डब्ल्यू.बुश इनके अंतिम संस्कार के दौरान और उसके बाद हुए कार्यक्रमों के लिए भी सुलिवन इन्हें सदस्य देश के राजदूत के तौर पर सन्मान नही दिया गया| श्रद्धांजलि कार्यक्रम में भी उनका नाम सबसे आखिर में पुकारा गया था| इस घटना के बाद महासंघ ने अमरिकी विदेश विभाग को सवाल करने पर उन्हें राजनीतिक दर्जा में कटौती करने के निर्णय की जानकारी दी गई|

इसके पिछे राष्ट्राध्यक्ष ट्रम्प इनकी युरोप संबंधी अपनाई नीति जिम्मेदार होने की बात मानी जाती है| ट्रम्प इन्होंने व्यापार और नाटो के समावेश पर युरोपीय महासंघ को लगातार सवाल किए है| व्यापार में हो रहा नुकसान के पृष्ठभुमि पर युरोपीय उत्पाद पर कर लगाने के आक्रामक संकेत भी ट्रम्प इन्होंने दिए थे| उसी समय युरोप की सुरक्षा का अधिकांश भार अमरिका ही उठा रहा है और इसके आगे यह नही होगा, ऐसी चेतावनी भी उन्होंने दी थी|

‘इस्रायल-पैलस्टाइन संघर्ष’, जेरूसलम का मुद्दा, ईरान का परमाणु कार्यक्रम, सीरिया का युद्ध, ईंधन जैसे कई अहम मुद्दों पर ट्रम्प और युरोपीय महासंघ के बीच बनी कडी असहमति सामने आई है| इस पृष्ठभुमि पर युरोपीय महासंघ के कुछ प्रमुख नेताओं ने अमरिका अब भरोसेमंद सहकाही नही रहा, यह चिंता व्यक्त की थी| इस वजह से ट्रम्प?इन्होंने युरोपीय महासंघ के राजनीतिक दर्जा में कटौती करना यह अमरिकी राष्ट्राध्यक्ष ने युरोप को लगाई कडी फटकार साबित होती है| महासंघ के साथ संबंधों में तनाव बना होते हुए भी युरोप के कुछ देशों के साथ अमरिका के संबंधों में सुधार होता दिखाई दे रहा है|

युरोप के यह देश महासंघ के नीति से त्रस्त है और शरणार्थियों के प्रश्‍न के साथ ही आर्थिक स्तर पर युरोपीय महासंघ अपने सार्वभौमता को चुनौती मिलने की की भावना कुछ युरोपीय देशों में बढ रही है| ऐसी पिरिस्थिति में युरोपीय महासंघ को डटकर विरोध कर रहे अमरिकी राष्ट्राध्यक्ष ट्रम्प युरोपीय देशों को महासंघ से भी ज्यादा नजदिकी मान रहे है| इसी लिए युरोपीय देशों के प्रमुख महासंघ का कार्यकाल खतम होने का अवसर समिप होने की बात जाहीर तौर पर कहने लगे है| राजनीतिक दर्जा कम करने का निर्णय करके अमरिका ने भी युरोपीय महासंघ का असर कम होने के स्पष्ट संदेश दिए है, यह दिखाई दे रहा है|